Gurugram News: ओल्ड गुरुग्राम के लाखों निवासियों के लिए एक अहम और राहत भरी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में चंडीगढ़ में हुई हरियाणा कैबिनेट की बैठक में ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना के विस्तार को आधिकारिक मंजूरी प्रदान कर दी गई है। अब यह मेट्रो लाइन सेक्टर-5 से सीधे गुरुग्राम रेलवे स्टेशन तक जुड़ेगी, जिससे यात्रियों को सफर में काफी सहूलियत होगी।
1.80 किलोमीटर का होगा नया विस्तार
कैबिनेट की इस मंजूरी के बाद सेक्टर-5 से लेकर गुरुग्राम रेलवे स्टेशन तक करीब 1.80 किलोमीटर लंबा नया मेट्रो मार्ग तैयार किया जाएगा। इस नए विस्तार के निर्माण पर करीब 454.32 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। बता दें कि शुरुआत में सामाजिक और पर्यावरण अध्ययन रिपोर्ट तैयार न होने की वजह से विश्व बैंक ने इस विस्तार को परियोजना से बाहर रखने की सिफारिश की थी, लेकिन अब कैबिनेट ने विश्व बैंक से ऋण लेने के संशोधित प्रस्ताव को भी हरी झंडी दे दी है।
देरी की मार: लागत में भारी इजाफा, 5452 करोड़ से पहुंची 8500 करोड़ के पार
खुशी के इस मौके पर चिंता की बात यह है कि परियोजना में हुई 6 साल की देरी की वजह से इसकी लागत में भारी वृद्धि हुई है। साल 2019 में जब इस परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की गई थी, तब इसकी अनुमानित लागत 5452.72 करोड़ रुपये थी। लेकिन, अब यह लागत बढ़कर करीब 8500 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है।
अधिकारियों के मुताबिक, निर्माण लागत बढ़ने के प्रमुख कारण इस प्रकार हैं:
- जीएसटी में बढ़ोतरी: निर्माण सामग्री पर जीएसटी की दर 12 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत हो गई है।
- मेट्रो कोच और डिपो: मेट्रो कोचों की संख्या में 57 की बढ़ोतरी की गई है, जिससे 613 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च होगा। इसके अलावा, डिपो का स्थान सेक्टर-101 से बदलकर सेक्टर-33 कर दिया गया है, जिससे 284 करोड़ रुपये की अतिरिक्त लागत आएगी।
- नई कनेक्टिविटी: रैपिड मेट्रो और नमो भारत स्टेशन के साथ कनेक्टिविटी जोड़ने पर करीब 947.06 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
प्रशासनिक सचिव बने नोडल अधिकारी
परियोजना को तेज गति से पूरा कराने के लिए कैबिनेट ने नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के प्रशासनिक सचिव को नोडल अधिकारी के रूप में नामित किया है। वे परियोजना से जुड़े सभी महत्वपूर्ण समझौतों और दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के लिए अधिकृत होंगे।
सेक्टर-45 बनेगा मल्टी मॉडल इंटीग्रेशन हब
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए, सेक्टर-45 मेट्रो स्टेशन को ‘मल्टी मॉडल इंटीग्रेशन हब’ के रूप में विकसित करने के लिए गुरुग्राम महानगर सिटी बस लिमिटेड (जीएमसीबीएल) और जीएमआरएल के बीच बैठक हुई है। इसके तहत मेट्रो स्टेशन से ही सिटी बसों का संचालन किया जाएगा, ताकि यात्रियों को निर्बाध और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।























