Noida News: नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना सिटी में सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने और यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इन क्षेत्रों में बने 27 अवैध कटों को जल्द ही बंद कराए जाने का निर्णय लिया गया है। यह कदम सड़क दुर्घटनाओं और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याओं को खत्म करने के उद्देश्य से लिया गया है। सहायक संभागीय परिवहन विभाग ने इस संबंध में नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना विकास प्राधिकरण के साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को पत्र भेजा है, जिसमें इन अवैध कटों की सूची भी शामिल है।
सड़क सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील हैं ये 27 अवैध कट
डॉ. उदित नारायण पांडेय, जो कि सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ प्रवर्तन) हैं, ने बताया कि इन अवैध कटों की पहचान सड़क निर्माण एजेंसियों के साथ मिलकर की गई है। इन अवैध कटों की लिस्ट तैयार कर संबंधित विभागों को सूचित किया गया है। उनका कहना है कि ये 27 कट सड़क सुरक्षा के दृष्टिकोण से अत्यंत संवेदनशील हैं। इन अवैध कटों का निर्माण बिना अनुमति के किया गया है, और यह सड़क दुर्घटनाओं का मुख्य कारण बन रहे हैं। अक्सर वाहन चालक शॉर्टकट लेने के चक्कर में इन कटों से गलत दिशा में वाहन मोड़ लेते हैं, जिससे गंभीर दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। साथ ही, इन अवैध कटों के कारण ट्रैफिक जाम की समस्या भी उत्पन्न हो रही है, जो यात्रियों और सड़क सुरक्षा दोनों के लिए खतरनाक है।
सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कदम
एआरटीओ ने स्पष्ट किया है कि सड़क नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने कार्यक्षेत्र में मौजूद इन अवैध कटों को चिन्हित कर उनके ऊपर कंक्रीट बैरियर या लोहे की ग्रिल लगाकर इन्हें पूरी तरह से बंद कर दें। इस तरह से इन अवैध कटों का उपयोग भी नहीं किया जा सकेगा और सड़क पर अनाधिकृत गतिविधियों को रोका जा सकेगा। उनका यह भी मानना है कि इस तरह के कदम से सड़क दुर्घटना की संभावना काफी हद तक कम हो जाएगी और यातायात व्यवस्था में सुधार आएगा।
सुरक्षा बढ़ाने के लिए जगह-जगह किए जाएंगे काम
नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना सिटी में विभिन्न स्थानों पर इन अवैध कटों को बंद करने का काम किया जाएगा। नोएडा क्षेत्र में खासतौर पर सोरखा गेट नंबर-2 के सामने, सेक्टर-18 मेट्रो स्टेशन के नीचे, छिजारसी और बहलोलपुर गोलचक्कर के बीच, शिवम इंटर कॉलेज के सामने जैसे जगहों पर इन अवैध कटों को बंद किया जाएगा। वहीं, ग्रेटर नोएडा में दुर्गा टॉकिज और मोजर बियर गोलचक्कर के बीच, एलजी गोलचक्कर के पास मारुति सर्विस सेंटर के सामने, सूरजपुर-कासना मार्ग पर, मकोड़ा और तिलपता गोलचक्कर के बीच, अल्फा गोलचक्कर के पास आदि स्थानों पर इन अवैध कटों की पहचान कर बंद किया जाएगा। यमुना क्षेत्र में भी गलगोटिया विश्वविद्यालय के सामने, एनआईयू के सामने, बीआईसी गेट के सामने, नौरगपुर पेट्रोल पंप के पास, एनएच-91 पर आनंद अस्पताल के सामने इन अवैध कटों को चिन्हित कर बंद किया जाएगा। इससे यातायात की सुगमता और सड़क सुरक्षा में सुधार होने की उम्मीद है।
सड़क नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई
इसी बीच, नोएडा में नियम तोड़ने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की गई है। गुरुवार को शहर में चलाए गए वाहन जांच अभियान के दौरान 6259 वाहनों के ई-चालान किए गए हैं। इसमें हेलमेट न पहनने पर 2135 चालान, गलत दिशा में वाहन दौड़ाने पर 728 चालान और गलत नंबर प्लेट का प्रयोग करने पर 296 चालान शामिल हैं। इन चालानों का उद्देश्य यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करना और सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देना है। इसके साथ ही, यह अभियान यह भी दर्शाता है कि प्रशासन यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर कठोर कार्रवाई कर रहा है।
आगे की योजना और अपेक्षाएं
सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए यह कदम बहुत जरूरी है। अवैध कटों को बंद करने के साथ ही, यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराना भी आवश्यक है। इससे दुर्घटना की आशंका कम होगी और यातायात व्यवस्था में सुधार आएगा। इसके अलावा, यातायात पुलिस और संबंधित विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने पर भी ध्यान दिया जाएगा। सभी विभागों का संयुक्त प्रयास इन अवैध कटों को तुरंत बंद कर सड़क को सुरक्षित बनाने में मदद करेगा।
नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना सिटी में सड़क सुरक्षा के प्रति यह कदम अत्यंत महत्वपूर्ण है। अवैध कटों को बंद कर वाहन चालकों को सही मार्ग दिखाने और दुर्घटनाओं को रोकने का यह प्रयास सराहनीय है। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कठोर कार्रवाई और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता के माध्यम से इन क्षेत्रों में सड़क दुर्घटनाओं और जाम की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है। सभी संबंधित विभागों से अपेक्षा है कि वे इस दिशा में तत्परता से कार्यवाही करेंगे, ताकि नागरिकों की जिंदगी सुरक्षित और सड़कें सुरक्षित बन सकें।


























