मानवता के विकास में अहम योगदान देने वालों को दिया जाने वाला नोबेल पुरस्कार एक बार फिर चर्चा में है। कारोलिंस्का इंस्टिट्यूट की नोबेल असेंबली की घोषणा के अनुसार फिजियोलॉजी या मेडिसिन में 2026 का पुरस्कार ऑप्टोजेनेटिक्स तकनीक के तीन वैज्ञानिकों — स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के कार्ल डिसेरोथ, जर्मनी के हम्बोल्ट विश्वविद्यालय के पीटर हेगेमैन और वुर्जबर्ग विश्वविद्यालय के जॉर्ज नागेल — को संयुक्त रूप से दिया जाएगा।
इस घोषणा के बाद सबसे ज्यादा सर्च होने वाला सवाल यही है कि आखिर नोबेल पुरस्कार किन-किन क्षेत्रों में दिया जाता है और इसका भव्य समारोह कहां होता है? आइए विस्तार से समझते हैं।
नोबेल पुरस्कार कितनी श्रेणियों में दिया जाता है?
नोबेल पुरस्कार कुल 6 श्रेणियों में दिया जाता है। इनमें से पांच श्रेणियां डायनामाइट के आविष्कारक और स्वीडिश वैज्ञानिक अल्फ्रेड नोबेल की 1895 में लिखी गई वसीयत पर आधारित हैं:
- भौतिकी
- रसायन विज्ञान
- फिजियोलॉजी या मेडिसिन
- साहित्य
- शांति
- आर्थिक विज्ञान
यह पुरस्कार सबसे पहले 1901 में दिया गया था। आर्थिक विज्ञान की श्रेणी स्वीडन के केंद्रीय बैंक रिक्सबैंक ने 1968 में जोड़ी थी और इसका पहला पुरस्कार 1969 में दिया गया।
चयन की जिम्मेदारी भी अलग-अलग संस्थानों के पास है — भौतिकी, रसायन और आर्थिक विज्ञान का फैसला रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज करती है, मेडिसिन का निर्णय कारोलिंस्का इंस्टिट्यूट करता है, साहित्य के लिए स्वीडिश एकेडमी जिम्मेदार है और शांति पुरस्कार का चयन नॉर्वे की नोबेल समिति करती है।
नोबेल पुरस्कार समारोह कहां आयोजित किए जाते हैं?
कम लोग जानते हैं कि नोबेल पुरस्कार के समारोह दो अलग-अलग देशों में होते हैं।
- स्टॉकहोम, स्वीडन: भौतिकी, रसायन विज्ञान, फिजियोलॉजी या मेडिसिन, साहित्य और आर्थिक विज्ञान — ये पांचों पुरस्कार स्टॉकहोम कंसर्ट हॉल में दिए जाते हैं। इसके बाद विजेताओं के सम्मान में भव्य नोबेल भोज का आयोजन स्टॉकहोम सिटी हॉल में होता है.
- ओस्लो, नॉर्वे: नोबेल शांति पुरस्कार अकेला पुरस्कार है, जो ओस्लो सिटी हॉल में प्रदान किया जाता है।
इसके पीछे की वजह नोबेल की वसीयत है। जिस दौर में वसीयत लिखी गई, उस समय स्वीडन और नॉर्वे एक ही संघ का हिस्सा थे और नोबेल चाहते थे कि शांति पुरस्कार की समिति नॉर्वे में हो। 1905 में दोनों देशों के अलग होने के बाद भी यह परंपरा आज तक कायम है।
समारोह 10 दिसंबर को ही क्यों होता है?
नोबेल पुरस्कार का मुख्य समारोह हर साल 10 दिसंबर को होता है क्योंकि इसी दिन यानी 10 दिसंबर 1896 को अल्फ्रेड नोबेल का निधन हुआ था। अपनी वसीयत में उन्होंने विशाल दौलत का बड़ा हिस्सा इस शर्त पर दान किया था कि उससे मिलने वाले ब्याज से हर साल उन लोगों को सम्मानित किया जाए, जिन्होंने मानवता के लिए सर्वश्रेष्ठ योगदान दिया हो।
विजेताओं के नामों की घोषणा आमतौर पर अक्टूबर के पहले-दूसरे सप्ताह में की जाती है, जबकि औपचारिक समारोह दिसंबर में। इन कुछ हफ्तों में दुनियाभर में विजेताओं के कामों पर चर्चा होती है।
नोबेल पुरस्कार विजेताओं को क्या-क्या मिलता है?
नोबेल पुरस्कार केवल एक सम्मान नहीं, बल्कि तीन चीजों का संयोजन है:
- नोबेल स्वर्ण पदक: सोने से बना यह पदक 24 कैरेट सोने की परत से चमकाया जाता है और इस पर अल्फ्रेड नोबेल की तस्वीर अंकित होती है।
- नोबेल डिप्लोमा: हर विजेता के लिए विशेष रूप से डिजाइन किया गया डिप्लोमा, जिसमें उनके योगदान से जुड़ा प्रशस्ति पत्र होता है।
- नकद पुरस्कार: 2026 के लिए नोबेल फाउंडेशन ने पुरस्कार राशि बढ़ाकर 12 मिलियन स्वीडिश क्रोनर की है, जो करीब 1.2 मिलियन अमेरिकी डॉलर या ₹10 करोड़ से अधिक के बराबर है।
नियमों के मुताबिक एक श्रेणी में अधिकतम तीन लोगों को साझा पुरस्कार दिया जा सकता है और ऐसी स्थिति में नकद राशि विजेताओं के बीच बांट दी जाती है. शांति पुरस्कार किसी संगठन को भी दिया जा सकता है.
क्या भारतीयों को भी मिल चुका है नोबेल पुरस्कार?
भारत का नाम भी इस प्रतिष्ठित सूची में दर्ज है। साहित्य में 1913 का नोबेल पाने वाले रवींद्रनाथ टैगोर देश के पहले नोबेल विजेता थे इसके बाद मदर टेरेसा (शांति, 1979), अमर्त्य सेन (आर्थिक विज्ञान, 1998), वेंकटरमन रामकृष्णन (रसायन, 2009), कैलाश सत्यार्थी (शांति, 2014) और अभिजीत बनर्जी (आर्थिक विज्ञान, 2019) को यह सम्मान मिल चुका है।



























