लालकिला रामलीला की तारीखें घोषित, जानें पूरा कार्यक्रम

दिल्ली के लालकिला मैदान में लव कुश रामलीला 2026 का मंचन 11 से 21 अक्टूबर तक होगा। मनोज तिवारी केवट बनेंगे; दशहरा 20 अक्टूबर को मनाया जाएगा।

रामलीला में एआई तकनीक, मनोज तिवारी निभाएंगे केवट

HIGHLIGHTS

  • लालकिले की रामलीला में केवट बनेंगे मनोज तिवारी
  • मनोज तिवारी निभाएंगे केवट, जानिए रामलीला की तारीखें
  • रामलीला में मनोज तिवारी का नया अवतार, जानें
  • लालकिले में दिखेगा मनोज तिवारी का अनोखा किरदार

दिल्ली के लालकिला मैदान में आयोजित होने वाली विश्वविख्यात लव कुश रामलीला में इस वर्ष सांसद, अभिनेता और गायक मनोज तिवारी केवट की भूमिका निभाएंगे। रामलीला कमेटी के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मंचन को भव्य और प्रभावशाली बनाने के लिए आधुनिक तकनीक के साथ पारंपरिक रामलीला का मेल किया जाएगा।

अर्जुन कुमार के अनुसार, मनोज तिवारी कई वर्षों से लव कुश रामलीला के मंच पर अलग-अलग किरदार निभाते आ रहे हैं। इस बार वे केवट के रूप में प्रभु श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण को अपनी मधुर आवाज़ और गीतों के साथ नदी पार कराते दिखाई देंगे। उनके मुताबिक, यह प्रसंग रामायण के भावपूर्ण दृश्यों में से एक है और दर्शकों के लिए इसे खास अंदाज में प्रस्तुत करने की तैयारी है।

विजुअल इफेक्ट्स से सजेगा केवट प्रसंग

कमेटी इस वर्ष केवट प्रसंग सहित रामलीला के प्रमुख दृश्यों को अधिक जीवंत बनाने के लिए एआई, कंप्यूटर ग्राफिक्स, एनीमेशन, डिजिटल तकनीक, हाई-टेक मंच व्यवस्था, मैपिंग और विजुअल इफेक्ट्स का इस्तेमाल करेगी। इसके साथ ही 8-ट्रैक डिजिटल साउंड सिस्टम के जरिए संवाद, संगीत और दृश्य प्रभावों को बेहतर बनाने की योजना है।

आयोजकों का कहना है कि तकनीक का उपयोग कथा की मूल भावना को बनाए रखते हुए किया जाएगा, ताकि दर्शक रामायण के प्रसंगों से भावनात्मक रूप से जुड़ सकें। लालकिला मैदान में हर साल बड़ी संख्या में लोग रामलीला देखने पहुंचते हैं। ऐसे में इस बार भी मंच सज्जा, ध्वनि और दृश्य प्रस्तुति को आकर्षक बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

मनोज तिवारी बोले

मनोज तिवारी ने कमेटी का आभार जताते हुए कहा कि उन्हें एक बार फिर प्रभु श्रीराम की सेवा करने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि केवट की भूमिका को पूरी लगन और समर्पण के साथ निभाने का प्रयास करेंगे। इससे पहले वे रामलीला मंच पर परशुराम और अंगद जैसे किरदार निभा चुके हैं।

तिवारी ने अपने बचपन की याद साझा करते हुए कहा कि वे गांव की रामलीला से जुड़े रहे हैं और यह परंपरा आज भी उनके जीवन का हिस्सा है। उनके अनुसार, रामलीला केवल अभिनय नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और आस्था से जुड़ने का माध्यम भी है।

“घर-घर राम, घर-घर तुलसी” पहल

कमेटी ने पर्यावरण और सांस्कृतिक जागरूकता को जोड़ते हुए इस वर्ष निमंत्रण पत्रों पर “घर-घर राम, घर-घर तुलसी” संदेश प्रकाशित किया है। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “एक पौधा मां के नाम” अभियान की भावना के अनुरूप बताई गई है।

कमेटी के अनुसार, युवाओं—विशेषकर Gen Z—को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने के उद्देश्य से 5,100 तुलसी के पौधे वितरित किए जाएंगे। इसके अलावा दशहरा पर्व पर एक लाख दीपों से भगवान श्रीराम की आकृति बनाने की योजना है। आयोजकों को उम्मीद है कि यह आयोजन धार्मिक उत्सव के साथ पर्यावरण और सांस्कृतिक संदेश भी देगा।

रामलीला की तारीखें और प्रमुख कार्यक्रम

लव कुश रामलीला कमेटी के महासचिव सुभाष गोयल ने बताया कि इस वर्ष रामलीला का मंचन 11 से 21 अक्टूबर 2026 तक होगा। दशहरा 20 अक्टूबर 2026 को मनाया जाएगा। इससे पहले, 9 अक्टूबर को लीला स्थल पर दिल्ली-एनसीआर के स्कूली छात्र-छात्राएं संपूर्ण रामायण की प्रस्तुति देंगे। यह कार्यक्रम लव कुश रामलीला और अंतरराष्ट्रीय रामलीला महोत्सव एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित होगा।

कमेटी के चेयरमैन पवन गुप्ता और वरिष्ठ उपाध्यक्ष सत्यभूषण जैन ने बताया कि 11 अक्टूबर को वृंदावन, मथुरा और दिल्ली के विद्वान पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान से गणेश पूजन किया जाएगा। इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के कर-कमलों से रामलीला मंचन का शुभारंभ होगा। 21 अक्टूबर को भरत मिलाप और भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक के साथ मंचन का समापन होगा।

प्रेस वार्ता में कमेटी के पदाधिकारी और सदस्य सतीश लोहिया, सौरव गुप्ता, अखिल सिंघल, गौरव गुप्ता, गौरव सूरी, संदीप भूटानी, प्रवीण गोयल, मानसी अरोड़ा, देवेंद्र नागर, प्रवीण सिंघल, वीरू सिंधी, अतुल गुप्ता, राजेश वर्मा, अजय बंसल, लोकेश बंसल, राजकुमार कश्यप, नरेंद्र कुमार और अशोक कटारिया सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

लालकिला मैदान में होने वाली लव कुश रामलीला 2026 इस बार केवट प्रसंग, आधुनिक मंच तकनीक, तुलसी पौध वितरण और दीपों से बनने वाली राम आकृति के कारण खास आकर्षण का केंद्र बनने जा रही है। दर्शकों को 11 अक्टूबर से शुरू होने वाले मंचन में रामायण के प्रमुख प्रसंगों को नए दृश्यात्मक रूप में देखने का अवसर मिलेगा।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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