जनकपुरी विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया जारी है। इस अभियान के तहत सामने आईं दस्तावेजी विसंगतियों की जांच और मतदाताओं की सुनवाई की जा रही है। जनकपुरी के एसडीएम एवं निर्वाचन अधिकारी हर्षित सैनी के मुताबिक, क्षेत्र में कुल 39,642 मामलों की जांच की गई। इनमें से 24 हजार से अधिक मामलों का निस्तारण हो चुका है, जबकि बाकी मामलों की प्रक्रिया जारी है।
प्रशासन का कहना है कि SIR का मकसद मतदाता सूची को दुरुस्त करना है, न कि पात्र नागरिकों को मतदान के अधिकार से वंचित करना। जिन मतदाताओं के दस्तावेजों में कमी या अंतर पाया गया है, उन्हें अपनी बात रखने और जरूरी कागजात देने का अवसर दिया जा रहा है। सैनी ने भरोसा दिलाया कि दस्तावेजी विसंगति के बावजूद किसी पात्र मतदाता का नाम सूची से हटने नहीं दिया जाएगा।
मामूली अंतर वाले मामलों में नोटिस नहीं
एसडीएम के अनुसार, करीब 24 हजार मामलों में नाम की स्पेलिंग या दस्तावेजों के विवरण में मामूली अंतर था। उदाहरण के लिए, किसी मतदाता का नाम एक दस्तावेज में ‘हर्षित सैनी’ और दूसरे में ‘हर्षित कुमार सैनी’ दर्ज हो सकता है। ऐसे मामलों को बड़े मिसमैच की श्रेणी में नहीं रखा गया और मतदाताओं को नोटिस जारी करने की जरूरत नहीं पड़ी।
इन मामलों का सत्यापन बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) ने घर-घर जाकर किया। बीएलओ ने मतदाताओं से संपर्क कर जरूरी दस्तावेज जुटाए और उपलब्ध जानकारी के आधार पर मामलों का निस्तारण किया। प्रशासन के मुताबिक, इस व्यवस्था से लोगों को छोटी दस्तावेजी गलतियों के लिए अनावश्यक रूप से दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़े।
करीब 15 हजार मतदाताओं को नोटिस
जिन मामलों में दस्तावेजों की मैपिंग नहीं हो पाई या रिकॉर्ड में बड़ा अंतर मिला, उनमें करीब 15 हजार मतदाताओं को नोटिस भेजे गए। नोटिस जारी करने की प्रक्रिया 9 सितंबर से शुरू हुई थी। एसडीएम ने बताया कि करीब 6,500 मतदाताओं की सुनवाई पूरी हो चुकी है। शेष मामलों में सुनवाई जारी है और इन्हें अगले 10 दिनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

नोटिस मिलने का अर्थ यह नहीं है कि मतदाता का नाम सूची से हटाया जा रहा है। इसका उद्देश्य संबंधित मतदाता को दस्तावेज प्रस्तुत करने और रिकॉर्ड में अंतर स्पष्ट करने का मौका देना है। निर्वाचन कार्यालय ने लोगों से अपील की है कि वे नोटिस को ध्यान से पढ़ें और उसमें दिए गए निर्देशों के अनुसार सुनवाई में शामिल हों।
किराएदारों और पलायन से बढ़ी चुनौती
SIR के दौरान प्रशासन के सामने एक बड़ी चुनौती किराएदारों के मकान बदलने और लोगों के दूसरे शहरों या देशों में चले जाने की है। एसडीएम के मुताबिक, महावीर एन्क्लेव पार्ट-2, सीतापुरी पार्ट-2 और सीतापुरी एक्सटेंशन जैसे इलाकों में कई किराएदार अब पुराने पते पर नहीं रहते। ऐसे में उनसे संपर्क करना और उनके मौजूदा पते की पुष्टि करना मुश्किल हो रहा है।
जनकपुरी के ए और सी ब्लॉक में भी कुछ परिवारों के बच्चे पढ़ाई या नौकरी के सिलसिले में दूसरे शहरों अथवा विदेश में रहते हैं। प्रशासन ने प्रत्येक मतदाता की मैपिंग के लिए प्री-SIR सर्वे कराया था। अब पुनरीक्षण के दौरान बीएलओ कई बार घर जाकर जानकारी और जरूरी दस्तावेज जुटा रहे हैं।
सुनवाई छूटने पर मिलेगा दूसरा मौका
एसडीएम हर्षित सैनी ने कहा कि यदि कोई मतदाता किसी वजह से पहली सुनवाई में शामिल नहीं हो पाता, तो उसे दोबारा अवसर दिया जाएगा। सुनवाई के बाद बीएलओ फिर घर जाकर मतदाता से संपर्क करेंगे। किसी व्यक्ति को प्रक्रिया समझने या दस्तावेज जमा करने में परेशानी हो तो वह ऑनलाइन उपलब्ध संपर्क नंबरों या स्थानीय वोटर सेंटर से मदद ले सकता है। जरूरत पड़ने पर प्रशासन की टीम मतदाता के घर जाकर भी दस्तावेज जुटाएगी।
विशेष कैंप और वंचित वर्गों के लिए अभियान
जनकपुरी निर्वाचन कार्यालय ने दिव्यांग लोगों और DUSIB शेल्टर में रहने वाले बेघर लोगों के लिए अब तक तीन विशेष कैंप लगाए हैं। इसके अलावा सड़क किनारे या अस्थायी ठिकानों पर रहने वाले लोगों सहित अन्य वंचित वर्गों को मतदाता सूची से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
मतदाता अनु भल्ला ने बताया कि नोटिस मिलने के बाद उन्हें प्रक्रिया की जानकारी मिली। उन्होंने विवाह से पहले के दस्तावेज और पासपोर्ट की प्रति जमा की, जिसके बाद उनका मामला पूरा हो गया। विक्रम भल्ला ने भी बताया कि दस्तावेजों की कमी के कारण उन्हें सूचना मिली थी। अधिकारियों की मदद से जरूरी कागजात जमा करने के बाद उनकी प्रक्रिया पूरी हो गई।
प्रशासन ने जनकपुरी के मतदाताओं से बीएलओ का सहयोग करने और मांगे गए दस्तावेज समय पर उपलब्ध कराने की अपील की है। निर्वाचन कार्यालय के अनुसार, SIR का लक्ष्य सही और अद्यतन मतदाता सूची तैयार करना है, साथ ही यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मतदाता मतदान के अधिकार से वंचित न रहे।





















