INDIA गठबंधन के नेताओं ने आज बुधवार को हुई बैठक में विपक्ष की साझा रणनीति पर चर्चा की। बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बताया कि लोकतंत्र और संविधान में विश्वास रखने वाले लोगों, युवाओं तथा राजनीतिक दलों को साथ जोड़ने के लिए कई कार्यक्रम तय किए गए हैं। गठबंधन का कहना है कि इन अभियानों के जरिए चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवाल जनता के सामने रखे जाएंगे।
बैठक में लिए गए फैसलों में 2 से 8 अक्टूबर तक ‘सेव डेमोक्रेसी मार्च’ आयोजित करना, 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक मार्च निकालना और अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगना शामिल है। इसके अलावा, गठबंधन पांच बड़ी रैलियां करेगा। इन रैलियों की तारीख और स्थान बाद में तय किए जाएंगे। नेताओं ने 1 नवंबर को दिल्ली में एक बड़ी मेगा रैली करने की भी घोषणा की।
1. जिलों में निकलेगा ‘सेव डेमोक्रेसी मार्च’
खरगे के मुताबिक, 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक देशभर के जिलों में ‘सेव डेमोक्रेसी मार्च’ निकाला जाएगा। इसका उद्देश्य लोगों को लोकतांत्रिक अधिकारों और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों के बारे में जागरूक करना है। मार्च के बाद जिला अधिकारियों के कार्यालय में ज्ञापन भी सौंपे जाएंगे।
गठबंधन का कहना है कि यह अभियान केवल राजनीतिक दलों तक सीमित नहीं रहेगा। इसमें युवाओं और लोकतंत्र तथा संविधान में भरोसा रखने वाले नागरिकों को भी शामिल करने की कोशिश की जाएगी। विपक्षी नेताओं के अनुसार, जिला स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करने से स्थानीय लोगों तक अपनी बात पहुंचाना आसान होगा।
2. चुनाव आयोग तक मार्च की तैयारी
बैठक में 6 अक्टूबर को विपक्षी सांसदों की ओर से चुनाव आयोग तक मार्च निकालने का फैसला किया गया। विपक्ष चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और वोट चोरी के आरोपों को लेकर आयोग के सामने अपनी चिंताएं रखना चाहता है।

गठबंधन नेताओं ने कहा कि वे इन आरोपों पर जवाब और कार्रवाई की मांग करेंगे। हालांकि, चुनावी अनियमितताओं और वोट चोरी से जुड़े दावे विपक्षी नेताओं के आरोप हैं; इन दावों पर संबंधित संस्थाओं का पक्ष भी अहम है।
3. राष्ट्रपति से मुलाकात का समय मांगेगा विपक्ष
खरगे ने बताया कि अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में INDIA गठबंधन के नेता राष्ट्रपति से मुलाकात का समय मांगेंगे। विपक्षी नेता राष्ट्रपति को चुनावों में कथित वोट चोरी और अनियमितताओं से जुड़े अपने आरोपों तथा चिंताओं से अवगत कराना चाहते हैं।
गठबंधन के मुताबिक, राष्ट्रपति से मिलने का उद्देश्य इस मुद्दे को औपचारिक रूप से उनके सामने रखना है। मुलाकात की तारीख और उसमें शामिल होने वाले नेताओं के बारे में आगे जानकारी दी जाएगी।
4. पांच बड़ी रैलियों से देशभर में उठेगा मुद्दा
INDIA गठबंधन ने पांच बड़ी रैलियां आयोजित करने का भी निर्णय लिया है। इन रैलियों के स्थान और समय अभी तय नहीं हुए हैं। विपक्षी नेताओं का कहना है कि सभाओं के जरिए वे जनता के बीच चुनावी अधिकारों और कथित वोट चोरी का मुद्दा उठाएंगे।
खरगे के अनुसार, इन कार्यक्रमों में यह बताया जाएगा कि विपक्ष के आरोपों के मुताबिक सरकार लोगों के मतदान के अधिकार को प्रभावित कर रही है। गठबंधन की योजना अलग-अलग क्षेत्रों में रैलियां कर इस मुद्दे पर जनसमर्थन जुटाने की है।
5. 1 नवंबर को दिल्ली में मेगा रैली
बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में खरगे ने बताया कि 1 नवंबर को दिल्ली में गठबंधन की बड़ी मेगा रैली आयोजित की जाएगी। यह रैली INDIA ब्लॉक के साझा अभियान का प्रमुख कार्यक्रम होगी। इसमें किन नेताओं की भागीदारी होगी और कार्यक्रम का विस्तृत स्वरूप क्या रहेगा, इसकी जानकारी बाद में सामने आ सकती है।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने लोकतांत्रिक व्यवस्था पर हमला किया है। उन्होंने कहा कि जो लोग दोषी हैं, उन्हें सजा मिलनी चाहिए। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि ज्ञानेश कुमार के पद से जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पद छोड़ेंगे। ये बयान विपक्षी नेताओं के राजनीतिक आरोप और मांगें हैं।
ममता बनर्जी ने एकजुटता जताई
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि INDIA गठबंधन एकजुट है और साथ खड़ा है। उन्होंने बिहार, हरियाणा, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के चुनावों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि इन राज्यों में कथित वोट चोरी के जरिए चुनाव जीते गए। ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि विपक्ष इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट गया है।
उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की। वहीं, खरगे ने कहा कि राहुल गांधी लगातार वोट चोरी का मुद्दा उठा रहे हैं और अब लोग भी इस विषय पर चर्चा कर रहे हैं। उनके मुताबिक, पहले इन आरोपों पर लोगों का भरोसा कम था, लेकिन चुनाव आयोग के सामने आए तथ्यों के बाद इस मुद्दे पर बहस तेज हुई है।
INDIA गठबंधन के घोषित कार्यक्रमों का मकसद चुनावी प्रक्रिया पर उठाए जा रहे सवालों को जिला स्तर से राष्ट्रीय मंच तक ले जाना है। आने वाले दिनों में रैलियों के स्थान, राष्ट्रपति से मुलाकात और मार्च के विस्तृत कार्यक्रम की जानकारी सामने आने की उम्मीद है।





















