गुरुग्राम में द्वारका एक्सप्रेसवे को गुरुग्राम-सोहना हाईवे से जोड़ने के लिए सदर्न पेरिफेरल रोड (SPR) पर 4.2 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड बनाई जाएगी। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) ने इस परियोजना के लिए टेंडर जारी कर दिया है। निर्माण पर करीब 776 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। परियोजना पूरी होने के बाद दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और द्वारका एक्सप्रेसवे के बीच आवाजाही अधिक सुगम हो सकती है।
प्रस्तावित मार्ग आठ लेन का होगा। इसके नीचे SPR पर तीन-तीन लेन की मुख्य सड़क और दोनों ओर दो-दो लेन की सर्विस रोड विकसित की जाएगी। सर्विस रोड और प्रमुख जंक्शनों पर रैंप भी बनाए जाएंगे, ताकि वाहन चालक अपनी जरूरत के अनुसार एलिवेटेड रोड पर चढ़ और उतर सकें। GMDA के अनुसार, वाटिका चौक पर इंटरचेंज बनाने की योजना भी इस क्षेत्र के यातायात को व्यवस्थित करने में अहम भूमिका निभाएगी।
SPR एलिवेटेड रोड से किन इलाकों को होगा फायदा?
इस परियोजना से SPR और आसपास के आवासीय इलाकों में रहने वाले लोगों को फायदा मिलने की उम्मीद है। खास तौर पर सेक्टर-69, 70, 75 और 75A के निवासियों के लिए कनेक्टिविटी बेहतर हो सकती है। इन सेक्टरों से द्वारका एक्सप्रेसवे, गुरुग्राम-सोहना हाईवे और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की ओर जाना अपेक्षाकृत आसान होगा।
सेक्टर-75 और 75A को बांटने वाली मुख्य सड़क को प्रस्तावित एलिवेटेड रोड से जोड़ने के लिए तीन लेन का फ्लाईओवर बनाया जाएगा। यह फ्लाईओवर एलिवेटेड रोड के ऊपर से गुजरते हुए उससे जुड़ेगा। इससे द्वारका एक्सप्रेसवे की दिशा से आने वाले वाहन मुख्य सड़क तक पहुंच सकेंगे। इसी तरह सेक्टर-69 और 70 की मुख्य सड़क से गुरुग्राम-सोहना हाईवे की ओर जाने के लिए भी एलिवेटेड रोड के ऊपर से फ्लाईओवर बनाने की योजना है।
इन फ्लाईओवरों का उद्देश्य अलग-अलग दिशाओं में जाने वाले वाहनों को सीधे रास्ते देना और जंक्शनों पर रुकावट कम करना है। हालांकि, परियोजना का वास्तविक लाभ निर्माण पूरा होने, जंक्शनों की डिजाइन और यातायात प्रबंधन पर निर्भर करेगा।

आठ लेन की सड़क और सर्विस रोड का क्या होगा काम?
SPR पर प्रस्तावित आठ लेन की एलिवेटेड रोड तेज और लंबी दूरी के यातायात के लिए बनाई जाएगी। इसके नीचे की मुख्य सड़क स्थानीय और क्षेत्रीय आवाजाही को संभालेगी, जबकि सर्विस रोड आसपास की सोसाइटियों, व्यावसायिक परिसरों और अन्य स्थानीय सड़कों तक पहुंच उपलब्ध कराएगी।
सर्विस रोड पर रैंप और जंक्शन कनेक्शन बनने से वाहन चालकों को मुख्य मार्ग पर जाने के लिए अतिरिक्त विकल्प मिलेंगे। इससे स्थानीय यातायात और एक्सप्रेसवे की ओर जाने वाले वाहनों को अलग रखने में मदद मिल सकती है। GMDA ने परियोजना का टेंडर जारी कर दिया है; आगे निर्माण की समयसीमा और काम शुरू होने की तारीख संबंधित प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे तक पहुंच होगी आसान
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे तक पहुंचने के लिए गुरुग्राम से आने वाले यात्रियों को द्वारका एक्सप्रेसवे और गुरुग्राम-सोहना हाईवे के बीच बेहतर कनेक्टिविटी की जरूरत है। SPR पर बनने वाली एलिवेटेड रोड इसी संपर्क को मजबूत करने की योजना का हिस्सा है। इसके पूरा होने पर एक्सप्रेसवे की ओर जाने वाले वाहन स्थानीय सड़कों और व्यस्त जंक्शनों पर कम निर्भर हो सकते हैं।
इससे केवल लंबी दूरी के यात्रियों को ही नहीं, बल्कि रोजाना गुरुग्राम के भीतर सफर करने वाले लोगों को भी लाभ मिलने की संभावना है। फिर भी, यात्रा समय में कितनी कमी आएगी, यह परियोजना शुरू होने के बाद यातायात के वास्तविक दबाव और मार्गों के इस्तेमाल पर निर्भर करेगा।
गुरुग्राम में दो अन्य एलिवेटेड रोड योजनाएं
SPR परियोजना के अलावा गुरुग्राम में दो और एलिवेटेड रोड योजनाओं को मंजूरी मिली है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) एमजी रोड पर करीब 4.5 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड बनाने की तैयारी कर रहा है। इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार हो चुकी है।
इसके अलावा दिल्ली-जयपुर हाईवे को द्वारका एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाली मुख्य सड़क के करीब 2.25 किलोमीटर हिस्से को एलिवेटेड बनाने की योजना को भी मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं का मकसद दिल्ली और गुरुग्राम के बीच यातायात को अधिक सुगम बनाना है। इनके निर्माण और आपसी कनेक्टिविटी से शहर के प्रमुख मार्गों पर दबाव कम करने में मदद मिल सकती है।
सेक्टर-102 और 102A की सड़कों पर भी काम
GMDA ने सेक्टर-102 और 102A की मुख्य सड़क के दोनों ओर सर्विस रोड बनाने की योजना भी तैयार की है। इस काम पर करीब 9.42 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। योजना में फुटपाथ, बरसाती नाला, स्ट्रीट लाइट और सड़क सुरक्षा से जुड़े उपकरण शामिल हैं। इसके लिए टेंडर जारी किया गया है और बोलीदाता 16 अक्टूबर तक आवेदन कर सकते हैं।
प्राधिकरण के मुताबिक, इन सुविधाओं से पैदल यात्रियों की आवाजाही, जल निकासी और सड़क सुरक्षा बेहतर करने में मदद मिलेगी। सेक्टर-102 और 102A की सर्विस रोड योजना सहित दो मुख्य सड़कों पर यातायात सुधार के लिए कुल करीब 16.5 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
























