Gujarat News: गुजरात की commercial capital अहमदाबाद के लिए आज का दिन काफी खास और ऊर्जा से भरपूर रहा। शहर की जीवन रेखा कहे जाने वाले साबरमती रिवरफ्रंट (Sabarmati Riverfront) पर आज एक अनोखा नजारा देखने को मिला, जहाँ राजनीति, सिनेमा और स्वास्थ्य की दुनिया के दिग्गज एक साझा मंच पर एकत्रित हुए। गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी, केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मंडाविया और बॉलीवुड के जाने-माने अभिनेता आयुष्मान खुराना ने आज ‘संडे ऑन साइकिल्स’ (Sunday on Cycles) कार्यक्रम में शिरकत करते हुए न केवल खुद की फिटनेस का प्रदर्शन किया, बल्कि शहर के नागरिकों को भी स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।
सुबह के मौसम में साबरमती रिवरफ्रंट का नजारा ही नया था। हल्की ठंडी हवा और नदी के किनारे बहती हरियाली के बीच सैकड़ों की संख्या में साइकिलिस्ट जुटे थे। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों में साइकिलिंग के प्रति जागरूकता फैलाना और पर्यावरण के अनुकूल यातायात के साधनों को बढ़ावा देना था। लेकिन इस बार इस कार्यक्रम की चमक इन तीनों हस्तियों की मौजूदगी थी, जिन्होंने अपनी उपस्थिति से पूरे आयोजन को एक विशेष पहचान दी।
मनसुख मंडाविया का ‘फिट इंडिया’ संदेश
केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया, जो स्वास्थ्य मंत्रालय के रूप में देश के स्वास्थ्य के लिए जिम्मेदार हैं, ने इस मौके पर लोगों को संबोधित भी किया। उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अपने स्वास्थ्य को भूल रहे हैं। बीमारियां जीवनशैली से जुड़ी हो गई हैं, और इसका एकमात्र समाधान शारीरिक गतिविधि है। मंडाविया ने कहा, “साइकिल चलाना न केवल पर्यावरण के लिए अच्छा है, बल्कि यह हृदय और फेफड़ों के लिए भी सबसे बेहतरीन व्यायाम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘फिट इंडिया’ आंदोलन को धरातल पर उतारने के लिए ऐसे आयोजन जरूरी हैं।” उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे सुबह उठकर प्राकृतिक वातावरण में व्यायाम करें और डिजिटल दुनिया से कुछ समय निकालकर खुद के लिए जीएं।
उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी की ऊर्जा
गुजरात के युवा उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी अपनी ऊर्जा और जुनून के लिए जाने जाते हैं। आज भी उन्होंने अपनी इसी छवि को कायम रखा। टी-शर्ट और शॉर्ट्स पहने हर्ष संघवी ने साइकिल पर सवार होकर युवाओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलकर एक अनूठा मिसाल पेश किया। उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि अहमदाबाद विकास का शहर है और यहाँ की सुविधाएं, खासकर साबरमती रिवरफ्रंट, नागरिकों के मनोरंजन और स्वास्थ्य के लिए बेहतरीन हैं। उन्होंने कहा, “देखिए, हम चाहते हैं कि गुजरात के युवा न केवल मानसिक रूप से बल्कि शारीरिक रूप से भी मजबूत हों। ‘संडे ऑन साइकिल्स’ ऐसा ही एक प्रयास है, जहाँ लोग परिवार के साथ आएं, खेलें और स्वस्थ रहें।” संघवी ने यह भी बताया कि राज्य सरकार ऐसे खेल और स्वास्थ्य आधारित गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है ताकि हमारा समाज रोगमुक्त बन सके।
आयुष्मान खुराना की स्टार पावर
इस पूरे आयोजन में जान फूंकने वाले शख्स बॉलीवुड एक्टर आयुष्मान खुराना थे। जिन्हें अक्सर फिल्मों में यूनिक और समाज को संदेश देने वाले किरदारों के लिए जाना जाता है, वे असल जिंदगी में भी फिटनेस के चैंपियन हैं। आयुष्मान ने साइकिलिंग सेशन का खूब आनंद उठाया। उन्होंने फैंस के साथ फोटो खिंचवाई और उनसे रूबरू होकर उनका उत्साह बढ़ाया।
आयुष्मान ने कहा, “अहमदाबाद का यह वाइब कमाल का है। साबरमती रिवरफ्रंट दुनिया के सबसे खूबसूरत रिवरफ्रंट में से एक है और यहाँ साइकिल चलाना एक अलग ही अनुभव है। मैं खुद को सौभाग्यशाली महसूस करता हूँ कि मैं यहाँ हर्ष भाई और मंडाविया जी के साथ इस पहल का हिस्सा बन सका।” उन्होंने युवाओं से कहा कि स्वास्थ्य सबसे बड़ा धन है और इसे बनाए रखने के लिए जिम जाने की जरूरत नहीं, बस थोड़ी सी साइकिलिंग या सैर भी काफी है। उनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम में आए युवाओं, खासकर युवतियों में खासा उत्साह भर दिया।
साबरमती रिवरफ्रंट: शहर की नई पहचान
यह कार्यक्रम साबरमती रिवरफ्रंट की सफलता की एक और कहानी है। कभी अव्यवस्थित नदी किनारे से बदलकर आज यह शहर का सबसे पसंदीदा स्थान बन चुका है। यहाँ सुबह-शाम लोगों की भीड़ लगी रहती है, लेकिन ‘संडे ऑन साइकिल्स’ जैसे आयोजन इसे एक वैश्विक पहचान दिला रहे हैं। आज का दृश्य इस बात का प्रमाण था कि कैसे सार्वजनिक स्थानों का सुंदरीकरण और बेहतर प्रबंधन नागरिकों के जीवन को बेहतर बना सकता है। रिवरफ्रंट पर बने साइकिल ट्रैक्स विश्व स्तरीय हैं, जिन पर बिना किसी भीड़-भाड़ के साइकिल चलाने का आनंद लिया जा सकता है।
एक साझा संदेश: स्वस्थ भारत, समृद्ध भारत
इस पूरे कार्यक्रम का केंद्रीय ताना-बाना ‘स्वस्थ रहना’ था। चाहे वो केंद्रीय मंत्री हों, राज्य के मंत्री हों या फिर फिल्म स्टार—सभी ने एक सुर में कहा कि शरीर एक मंदिर है और उसकी देखभाल करना हमारा पहला कर्तव्य है। साइकिल चलाना केवल एक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह पेट्रोल और डीजल की बचत करने और प्रदूषण को कम करने का भी एक तरीका है। जलवायु परिवर्तन के इस दौर में, ऐसे छोटे-छोटे कदम बड़ा बदलाव ला सकते हैं।
कार्यक्रम का अंत तीनों अतिथियों द्वारा साइकिलिंग ट्रैक के अंत तक एक साथ साइकिल चलाने और फिर लोगों का अभिवादन करने के साथ हुआ। इस मौके पर मौजूद नागरिकों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी। उन्हें अपने नेताओं और पसंदीदा सितारों को इतना करीब से देखकर और उनके साथ साइकिल चलाकर एक अलग ही उत्साह महसूस हुआ।
अहमदाबाद का यह रविवार सिर्फ एक आम दिन नहीं था, बल्कि यह एक संकल्प का दिन था—संकल्प एक स्वस्थ और फिट गुजरात और भारत का। ‘संडे ऑन साइकिल्स’ जैसे आयोजन साबित करते हैं कि जब राजनीति, समाज और मनोरंजन जगत मिलकर किसी अच्छे कारण के लिए काम करते हैं, तो समाज में सकारात्मक बदलाव लाना आसान हो जाता है। आशा है कि यह श्रृंखला आगे भी जारी रहेगी और अधिक से अधिक लोग इससे जुड़ेंगे।
























