उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के मलवां कस्बे में सोमवार, 28 सितंबर को घरेलू गैस सिलेंडर में हुए विस्फोट से दो मंज़िला मकान ढह गया। हादसे में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हुए हैं। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें दो की हालत खतरे से बाहर बताई गई, जबकि एक व्यक्ति करीब 90 प्रतिशत तक झुलस गया है और उसकी स्थिति गंभीर है।
पुलिस के मुताबिक, विस्फोट शाम करीब पांच बजे उस समय हुआ, जब घर में खाना बनाया जा रहा था। धमाका इतना तेज था कि मकान का बड़ा हिस्सा गिर गया और परिवार के लोग मलबे में दब गए। आसपास के कुछ घरों को भी नुकसान पहुंचा। घटना के बाद पुलिस, दमकल विभाग और स्थानीय लोगों ने मिलकर बचाव अभियान चलाया।
मलबे से सात लोगों को निकाला
पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि हादसे के बाद मलबे से सात लोगों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। इलाज के दौरान चार लोगों ने दम तोड़ दिया। मृतकों में तीन साल का बच्चा, 18 साल का युवक और दो किशोर शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, सभी मृतक पुरुष हैं। उनकी पहचान की प्रक्रिया जारी है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) उदय भान सिंह ने भी चार लोगों की मौत की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि हादसे में घायल दो लोगों का इलाज चल रहा है। घायलों की स्थिति और उनकी पहचान को लेकर संबंधित अधिकारी जानकारी जुटा रहे हैं।
खाना बनाते समय हुआ धमाका
पुलिस के अनुसार, मकान फल और सब्ज़ी विक्रेता सुरेश गुप्ता उर्फ चुनार का है। घटना के समय घर में खाना पकाया जा रहा था। शुरुआती जानकारी में घरेलू LPG सिलेंडर को विस्फोट का कारण बताया गया है, हालांकि धमाके की वास्तविक वजह की जांच की जा रही है। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि सिलेंडर में तकनीकी खराबी थी या गैस रिसाव के कारण विस्फोट हुआ।
धमाके के बाद मकान का ढांचा ढहने से परिवार के सदस्य मलबे में फंस गए। तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य में मदद की। पुलिस और दमकल कर्मियों ने मलबा हटाकर लोगों को बाहर निकाला। राहत और बचाव अभियान के दौरान घायलों को तुरंत अस्पताल भेजा गया।
मुख्यमंत्री ने राहत कार्य तेज
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फतेहपुर में गैस सिलेंडर ब्लास्ट की घटना का संज्ञान लिया। उन्होंने अधिकारियों को घटनास्थल पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने घायलों के परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने और उनके उचित इलाज की व्यवस्था करने को भी कहा। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
मुख्यमंत्री ने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के लिए दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता देने की बात कही गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि पीड़ित परिवारों तक मदद पहुंचाने और अस्पताल में इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने में देरी न हो।
विस्फोट के कारणों की जांच
फतेहपुर पुलिस ने बताया कि घटना की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच में सिलेंडर, रेगुलेटर और गैस पाइपलाइन की स्थिति सहित अन्य पहलुओं को देखा जाएगा। फिलहाल प्राथमिक जानकारी के मुताबिक विस्फोट खाना बनाते समय हुआ, लेकिन अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
घटना ने घरेलू गैस सिलेंडर के सुरक्षित इस्तेमाल को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। गैस की गंध आने पर चूल्हा या बिजली के स्विच चालू न करें, दरवाजे-खिड़कियां खोलें और गैस एजेंसी या आपातकालीन सेवा से संपर्क करें। सिलेंडर, रेगुलेटर और पाइप की समय-समय पर जांच कराना भी जरूरी है।
फतेहपुर गैस सिलेंडर ब्लास्ट में चार लोगों की मौत और तीन लोगों के घायल होने के बाद स्थानीय प्रशासन राहत कार्य और जांच में जुटा है। पुलिस का कहना है कि धमाके की वजह स्पष्ट करने और प्रभावित परिवारों को सहायता दिलाने के लिए जरूरी कार्रवाई की जा रही है।

























