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फरीदाबाद में बड़ा बुलडोजर एक्शन, नेहरू कॉलोनी में हड़कंप

Faridabad News: नगर निगम की टीम ने अतिक्रमण हटाने के लिए छह जेसीबी मशीनों और एक बड़ी डिमोलिशन मशीन को मौके पर लगाया है। निगम अधिकारियों के अनुसार सरकारी भूमि, सड़क किनारे बने अवैध ढांचों और सार्वजनिक उपयोग की जमीन पर किए गए निर्माणों को चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा।

10 हजार मकानों वाली बस्ती पर चला बुलडोजर अभियान

HIGHLIGHTS

  • सरकारी जमीन पर कार्रवाई, फरीदाबाद में शुरू हुई तोड़फोड़
  • सुप्रीम कोर्ट आदेश के बाद नेहरू कॉलोनी पर एक्शन
  • फरीदाबाद की घनी बस्ती में चला नगर निगम का बुलडोजर
  • 10 हजार मकानों पर संकट, पुनर्वास की मांग तेज
  • नेहरू कॉलोनी में भारी पुलिस बल के बीच कार्रवाई

Faridabad News: दिल्ली एनसीआर के फरीदाबाद में आज बुधवार सुबह एक बड़ा बुलडोजर अभियान शुरू होने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। शहर की घनी आबादी वाली नेहरू कॉलोनी में नगर निगम ने भारी पुलिस बल और मशीनरी के साथ अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी। सुबह करीब सात बजे शुरू हुए इस अभियान में छह जेसीबी और एक बड़ी तोड़फोड़ मशीन को लगाया गया है। प्रशासन का कहना है कि सरकारी भूमि पर किए गए अतिक्रमण को हटाने के लिए यह कार्रवाई की जा रही है।

बुधवार सुबह जैसे ही बुलडोजरों की आवाज इलाके में गूंजी, बड़ी संख्या में स्थानीय लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। कई परिवारों में चिंता और अनिश्चितता का माहौल देखने को मिला। अधिकारियों की ओर से अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि कुल कितने मकानों को हटाया जाएगा, लेकिन इलाके के लोगों का दावा है कि इस कार्रवाई का असर हजारों परिवारों पर पड़ सकता है।

Faridabad News: पुलिस छावनी में बदला पूरा इलाका

कार्रवाई को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। नेहरू कॉलोनी की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों को बैरिकेडिंग लगाकर बंद कर दिया गया। मेट्रो रोड, सैनिक कॉलोनी, बिजली दफ्तर मार्ग, मुल्ला होटल क्षेत्र और तारण नंबर की ओर जाने वाले रास्तों पर पुलिस बल तैनात किया गया है।

बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी के कारण पूरा क्षेत्र पुलिस छावनी जैसा नजर आया। रास्ते बंद होने से स्थानीय निवासियों के अलावा दफ्तर जाने वाले लोगों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए लंबा रास्ता अपनाना पड़ा।

Faridabad News: भारी मशीनरी के साथ शुरू हुआ अभियान

नगर निगम की टीम ने अतिक्रमण हटाने के लिए छह जेसीबी मशीनों और एक बड़ी डिमोलिशन मशीन को मौके पर लगाया है। निगम अधिकारियों के अनुसार सरकारी भूमि, सड़क किनारे बने अवैध ढांचों और सार्वजनिक उपयोग की जमीन पर किए गए निर्माणों को चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा।

अभियान के दौरान निगम और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी लगातार मौके पर मौजूद रहे। किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और कानून-व्यवस्था में सहयोग करने की अपील भी की है।

Faridabad News: वर्षों पुरानी बस्ती पर कार्रवाई

नेहरू कॉलोनी को फरीदाबाद की सबसे बड़ी और घनी आबादी वाली बस्तियों में गिना जाता है। स्थानीय लोगों के मुताबिक यहां करीब 10 हजार मकान बने हुए हैं। इस क्षेत्र में वर्षों से हजारों परिवार निवास कर रहे हैं और लाखों लोगों का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इस इलाके से जुड़ाव है।

बताया जा रहा है कि यह कॉलोनी पुनर्वास विभाग की भूमि पर विकसित हुई थी। पिछले वर्ष विभाग की ओर से निवासियों को नोटिस जारी किए गए थे। हालांकि उस समय नोटिस के बाद कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई थी। करीब एक वर्ष बाद अब दोबारा बुलडोजर अभियान शुरू होने से लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं।

Faridabad News: सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला

नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार अदालत ने सार्वजनिक भूमि, सड़कों और ग्रीन बेल्ट क्षेत्रों पर बने अवैध निर्माणों को हटाने के निर्देश दिए हैं।

निगम का दावा है कि शहर में चल रही विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से यह अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि पूरी प्रक्रिया कानून और नियमों के तहत की जा रही है तथा किसी भी प्रकार की मनमानी नहीं की जा रही।

Faridabad News: पुनर्वास की मांग को लेकर नाराजगी

दूसरी ओर प्रभावित परिवारों ने प्रशासन की कार्रवाई पर कई सवाल उठाए हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि क्षेत्र में पहले धार्मिक स्थलों को हटाया जा चुका है और संबंधित भूमि को खाली कराया जा चुका है। अब आवासीय मकानों को तोड़ने से पहले पुनर्वास की कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है।

निवासियों का कहना है कि वे वैकल्पिक आवास या पुनर्वास योजना मिलने पर मकान खाली करने के लिए तैयार हैं, लेकिन बिना किसी व्यवस्था के घर तोड़ना हजारों परिवारों को बेघर कर सकता है। मंगलवार को प्रभावित लोगों का एक प्रतिनिधिमंडल जिला उपायुक्त से भी मिला था और पुनर्वास की मांग उठाई थी।

स्थानीय लोगों का तर्क है कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन करते समय विस्थापित होने वाले परिवारों के पुनर्वास और सामाजिक सुरक्षा पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। फिलहाल प्रशासन और प्रभावित परिवारों के बीच इस मुद्दे को लेकर तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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