फरीदाबाद में वाहन चलाने वालों को अब अपना प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र (PUCC) समय रहते बनवाना होगा। जिले में सोमवार से पेट्रोल पंपों पर बिना वैध PUCC वाले वाहनों को पेट्रोल-डीजल देने पर रोक लागू कराने की तैयारी है। सरकारी निर्देशों के बाद क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण (RTA) ने पेट्रोल पंपों की निगरानी और जांच के लिए पांच टीमें बनाई हैं। नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित पक्ष के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
जिले के करीब 115 पेट्रोल पंपों पर रोजाना बड़ी संख्या में वाहन ईंधन भरवाने पहुंचते हैं। ऐसे में नई व्यवस्था का असर वाहन चालकों के साथ-साथ पेट्रोल पंप संचालकों पर भी पड़ेगा। शुरुआती चरण में, जब तक पेट्रोल पंपों पर स्वचालित नंबर प्लेट पहचान प्रणाली के कैमरे नहीं लगते, तब तक PUCC की जांच मैनुअल तरीके से की जाएगी।
पेट्रोल पंपों पर कैसे होगी PUCC की जांच?
RTA अधिकारी मुनीश सहगल के अनुसार, पेट्रोल पंपों पर वाहनों की पहचान और उनके प्रदूषण प्रमाण-पत्र की निगरानी के लिए ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे लगाने की योजना है। कैमरे स्थापित होने तक पेट्रोल पंपों पर कर्मचारी वाहन चालक से वैध PUCC दिखाने के लिए कह सकते हैं।
इस व्यवस्था के पालन की निगरानी के लिए पांच टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में पेट्रोल पंपों का निरीक्षण करेंगी। टीमें यह देख सकती हैं कि संचालक बिना वैध प्रदूषण प्रमाण-पत्र वाले वाहनों को ईंधन न देने संबंधी निर्देशों का पालन कर रहे हैं या नहीं। सोमवार से जांच शुरू होने की जानकारी दी गई है।
वाहन चालकों को ईंधन भरवाने से पहले अपना PUCC साथ रखने और उसकी वैधता जांचने की सलाह दी गई है। प्रमाण-पत्र की अवधि समाप्त हो चुकी है तो उसे नवीनीकृत कराना जरूरी होगा। पेट्रोल पंप पर जांच के दौरान दस्तावेज उपलब्ध न होने से ईंधन लेने में परेशानी हो सकती है।
बिना वैध PUCC वाहन चलाने पर 10 हजार रुपये तक जुर्माना
परिवहन विभाग के मुताबिक, बिना वैध PUCC के वाहन चलाने पर चालक पर 10 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। यह दंड वाहन चालकों को प्रदूषण संबंधी नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से है। विभाग ने लोगों से प्रमाण-पत्र की समय-सीमा समाप्त होने से पहले ही जांच और नवीनीकरण कराने की अपील की है।
PUCC वाहन से निकलने वाले प्रदूषण की निर्धारित मानकों के अनुसार जांच के बाद जारी किया जाता है। इसलिए वाहन मालिकों को केवल प्रमाण-पत्र बनवाना ही नहीं, उसकी वैधता भी नियमित रूप से देखनी चाहिए। खासकर उन लोगों को, जो रोजाना वाहन से काम या अन्य जरूरी कारणों से यात्रा करते हैं, दस्तावेज पहले से तैयार रखने चाहिए।
नई व्यवस्था के बारे में वाहन चालकों को यह भी ध्यान रखना होगा कि पेट्रोल पंपों पर जांच की प्रक्रिया शुरुआती दिनों में मैनुअल हो सकती है। इसलिए वाहन के कागजात के साथ वैध प्रदूषण प्रमाण-पत्र रखना उपयोगी रहेगा। पेट्रोल पंप संचालकों को भी निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।
नर्सिंग अधिकारियों की तीन दिन की सांकेतिक हड़ताल
फरीदाबाद में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी एक अन्य खबर के अनुसार, मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी (MOTP) के विरोध में बीके अस्पताल और जिले के स्वास्थ्य केंद्रों के नर्सिंग अधिकारी 5 से 7 अक्तूबर तक सांकेतिक हड़ताल करेंगे। इस दौरान रोजाना सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक नियमित नर्सिंग सेवाएं प्रभावित रहने की संभावना है। हालांकि, आपातकालीन सेवाएं जारी रहेंगी।
नर्सिंग अधिकारियों की यह हड़ताल दो-दो घंटे की होगी। मरीजों और उनके परिजनों को इस समय के दौरान नियमित सेवाओं में देरी या बदलाव का सामना करना पड़ सकता है। आपात स्थिति में सेवाएं उपलब्ध रहेंगी, लेकिन गैर-आपात कार्यों के लिए अस्पताल पहुंचने से पहले संबंधित केंद्र से जानकारी लेना सुविधाजनक रहेगा।
ट्रांसफर नीति को लेकर कर्मचारियों की आपत्ति
नर्सिंग ऑफिसर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने इससे पहले 30 सितंबर और 1 अक्तूबर को काले बिल्ले लगाकर विरोध जताया था। एसोसिएशन का कहना है कि नई ट्रांसफर नीति में नर्सिंग कर्मचारियों की ड्यूटी की प्रकृति, तैनाती की दूरी और महिला कर्मचारियों की सुरक्षा जैसे पहलुओं को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया है।
एसोसिएशन ने नीति पर ठोस पहल की मांग की है। संगठन के अनुसार, यदि 8 अक्तूबर के बाद भी उनकी मांगों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता, तो आगे के आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी। फिलहाल 5 से 7 अक्तूबर तक प्रस्तावित सांकेतिक हड़ताल के दौरान आपात सेवाएं जारी रखने की बात कही गई है।

























