दिल्ली: यशोभूमि में डिजिटल क्रांति का मंच, पीएम मोदी ने किया उद्घाटन

Delhi News: इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 का नई दिल्ली में उद्घाटन हुआ। जानिए 5G नेटवर्क, 6G, AI, साइबर सुरक्षा और भारत के डिजिटल भविष्य पर पीएम मोदी ने क्या कहा।

IMC 2026 का आगाज़, 6G और AI पर पीएम मोदी का बड़ा संदेश

HIGHLIGHTS

  • AI, सेमीकंडक्टर और 6G: IMC 2026 में क्या खास
  • हर जिले में 5G, अब 6G की तैयारी में भारत
  • 5G के बाद भारत की अगली छलांग, 6G और AI
  • IMC 2026 में चार नए सेक्टर, जानिए क्या बदलेगा

Delhi News: नई दिल्ली के यशोभूमि में गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) के 10वें संस्करण की शुरुआत हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चार दिवसीय आयोजन का उद्घाटन किया। इस साल सम्मेलन में 5G और 6G से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर और साइबर सुरक्षा तक कई अहम विषयों पर चर्चा हो रही है। कार्यक्रम का व्यापक उद्देश्य डिजिटल तकनीक को अधिक लोगों तक पहुंचाने और भारत को उभरती तकनीकों के विकास तथा निर्माण का प्रमुख केंद्र बनाने पर जोर देना है।

दूरसंचार विभाग (DoT) और सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (COAI) की ओर से आयोजित IMC 2026, ‘डिजिटल इंडिया’ के विजन और तकनीक के लोकतंत्रीकरण पर केंद्रित है। सम्मेलन में उद्योग जगत, नीति-निर्माताओं, शोधकर्ताओं और तकनीकी कंपनियों के प्रतिनिधि डिजिटल अर्थव्यवस्था के अगले चरण पर विचार कर रहे हैं।

मोबाइल फोन से बदला शासन और नागरिक सेवाओं का तरीका

उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि डिजिटल इंडिया का लक्ष्य आधुनिक तकनीक को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाना और डिजिटल अंतर को कम करना है। उन्होंने मोबाइल फोन को इस बदलाव का अहम माध्यम बताते हुए कहा कि बीते वर्षों में इसकी भूमिका केवल बातचीत तक सीमित नहीं रही। मोबाइल अब सरकारी सेवाओं, डिजिटल भुगतान और नागरिकों तक सूचना पहुंचाने का प्रमुख जरिया बन गया है।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत का ध्यान केवल इंटरनेट कनेक्टिविटी बढ़ाने पर नहीं, बल्कि मोबाइल फोन और दूरसंचार उपकरणों के घरेलू विनिर्माण को मजबूत करने पर भी है। देश में उत्पादन क्षमता बढ़ने से आपूर्ति शृंखला को बल मिल सकता है और तकनीकी क्षेत्र में रोजगार तथा निवेश के नए अवसर बन सकते हैं।

देश के हर जिले तक पहुंचा 5G नेटवर्क

भारत के दूरसंचार विस्तार का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि 5G कनेक्टिविटी देश के सभी जिलों तक पहुंच चुकी है। उनके अनुसार, देशभर में 5.5 लाख से अधिक 5G बेस स्टेशन काम कर रहे हैं। भारत ने 2022 में शुरू हुए 5G रोलआउट के बाद अब नेटवर्क के विस्तार और उपयोग को बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं।

प्रधानमंत्री ने दावा किया कि 2022 की तुलना में भारत में मोबाइल इंटरनेट की गति में दस गुना तक वृद्धि हुई है। तेज नेटवर्क से वीडियो, क्लाउड सेवाओं और ऑनलाइन भुगतान जैसे इस्तेमाल बेहतर हो सकते हैं। साथ ही, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और उद्योग जैसे क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं के विस्तार की संभावना भी बढ़ती है।

6G और AI से जुड़े अवसरों पर नजर

IMC 2026 में 6G और AI को भारत के अगले डिजिटल विकास के अहम हिस्सों के रूप में देखा जा रहा है। 5G के बाद की कनेक्टिविटी पर काम, स्मार्ट उपकरणों की बढ़ती संख्या और तेज डेटा आदान-प्रदान आने वाले वर्षों में उद्योगों के कामकाज को बदल सकते हैं। AI के इस्तेमाल से सेवाओं को अधिक कुशल बनाने के अवसर हैं, हालांकि इसके साथ डेटा सुरक्षा, जवाबदेही और भरोसेमंद उपयोग जैसे सवाल भी महत्वपूर्ण बने रहेंगे।

सम्मेलन में सेमीकंडक्टर और दूरसंचार हार्डवेयर पर चर्चा भी भारत की विनिर्माण महत्वाकांक्षाओं से जुड़ी है। घरेलू स्तर पर चिप और नेटवर्क उपकरणों का उत्पादन बढ़ाने से आयात पर निर्भरता कम करने तथा तकनीकी आपूर्ति शृंखला मजबूत करने में मदद मिल सकती है।

साइबर सुरक्षा के लिए वैश्विक सहयोग की जरूरत

डिजिटल सेवाओं के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर अपराध और निजी डेटा की सुरक्षा बड़ी चुनौतियां बन गई हैं। प्रधानमंत्री ने यूजर सुरक्षा और नेटवर्क सिक्योरिटी को प्राथमिकता बताते हुए कहा कि आम नागरिक को कॉल करने वाले की पहचान और ऑनलाइन भुगतान की सुरक्षा को लेकर भरोसा होना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि साइबर अपराधी राष्ट्रीय सीमाओं तक सीमित नहीं रहते। इसलिए इस चुनौती से निपटने के लिए देशों के बीच सहयोग और वैश्विक साइबर सुरक्षा ढांचे की जरूरत है। डिजिटल अर्थव्यवस्था में भरोसा बनाए रखने के लिए सुरक्षित नेटवर्क, जागरूक उपयोगकर्ता और प्रभावी नियम—तीनों की भूमिका अहम होगी।

चार नए क्षेत्रों को भी मिला मंच

इस वर्ष IMC का दायरा पारंपरिक दूरसंचार विषयों से आगे बढ़ाया गया है। आयोजन के चार प्रमुख स्तंभ—‘सृष्टि, संवर्धन, सशक्त और सुरक्षा’—तकनीक के विकास, विस्तार, समावेश और संरक्षण पर जोर देते हैं। स्मार्ट मोबिलिटी, स्टेडियम एक्सपीरियंस, इंडस्ट्रियल रोबोटिक्स और ट्रांसपोर्ट टेक्नोलॉजी को नए क्षेत्रों के रूप में शामिल किया गया है।

इन क्षेत्रों में कनेक्टिविटी और डिजिटल प्रणालियों का इस्तेमाल यातायात प्रबंधन, औद्योगिक उत्पादन और सार्वजनिक अनुभव को बेहतर बनाने में किया जा सकता है। IMC 2026 में इन तकनीकों के संभावित उपयोग और चुनौतियों पर उद्योग प्रतिनिधियों के बीच चर्चा की जा रही है।

नाना पाटेकर को श्रद्धांजलि

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में अभिनेता और फिल्म निर्माता नाना पाटेकर को भी श्रद्धांजलि दी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्होंने पाटेकर के अभिनय और फिल्मों के जरिए सामाजिक मुद्दों को उठाने के योगदान को याद किया। महाराष्ट्र सरकार ने पुणे में उनके अंतिम संस्कार को राजकीय सम्मान के साथ आयोजित करने का निर्णय लिया है।

इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में 5G के विस्तार, 6G की तैयारी, AI, घरेलू विनिर्माण और साइबर सुरक्षा पर हुई चर्चा भारत के डिजिटल भविष्य की दिशा को रेखांकित करती है। इन क्षेत्रों में वास्तविक प्रगति इस बात पर निर्भर करेगी कि नई तकनीक कितनी सुरक्षित, किफायती और आम नागरिकों के लिए उपयोगी बन पाती है।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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