Delhi News: आज देर रात दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत के कई इलाकों में भूकंप के झटके महसूस किए गए। अचानक धरती हिलने से लोग घबराकर घरों और इमारतों से बाहर निकल आए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, मंगलवार रात 10 बजकर 23 मिनट 13 सेकेंड पर उत्तराखंड के चमोली जिले में 4.9 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। इसका केंद्र जमीन से करीब 13 किलोमीटर नीचे था।
भूकंप के झटके उत्तराखंड के अलावा दिल्ली-NCR और उत्तर भारत के कई हिस्सों में महसूस किए गए। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, किसी बड़े नुकसान या जनहानि की खबर नहीं है। झटकों के बाद कई लोगों ने सोशल मीडिया पर अपने अनुभव साझा किए। कुछ लोगों ने बताया कि उन्हें घरों में पंखे और दूसरी चीजें हिलती हुई दिखाई दीं, जबकि कई लोग एहतियातन खुले स्थानों की ओर चले गए।
दिल्ली-NCR में भूकंप के झटके क्यों महसूस हुए?
भूकंप का केंद्र चमोली जिले में होने के बावजूद उसके झटके दिल्ली-NCR तक महसूस किए गए। भूकंप के दौरान धरती के भीतर पैदा हुई ऊर्जा तरंगों के रूप में बाहर की ओर फैलती है। ये तरंगें केंद्र से दूर स्थित इलाकों तक पहुंच सकती हैं। झटके कितनी दूर और कितनी तीव्रता से महसूस होंगे, यह भूकंप की गहराई, उसकी तीव्रता, जमीन की बनावट और इमारतों की संरचना जैसे कारकों पर निर्भर करता है।
इस घटना को लेकर अलग-अलग शुरुआती रिपोर्टों में तीव्रता के आंकड़े अलग बताए गए। NCS की जानकारी के अनुसार चमोली में 4.9 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। भूकंप से जुड़ी पुष्टि और अपडेट के लिए आधिकारिक एजेंसियों की जानकारी को प्राथमिकता देना जरूरी है।
भूकंप क्यों आते हैं?
भूकंप की वजह समझने के लिए धरती की बनावट जानना जरूरी है। धरती की बाहरी कठोर परत कई बड़ी और छोटी टेक्टोनिक प्लेटों से बनी है। ये प्लेटें लगातार बहुत धीमी गति से खिसकती रहती हैं। कई बार प्लेटें एक-दूसरे की ओर बढ़ती हैं, दूर जाती हैं या किनारे से एक-दूसरे के साथ रगड़ खाती हैं।
प्लेटों के बीच घर्षण के कारण वे कुछ समय के लिए अटक सकती हैं। इस दौरान उनके आसपास चट्टानों में दबाव जमा होता रहता है। जब दबाव चट्टानों की सहन-सीमा से अधिक हो जाता है, तो प्लेटें अचानक खिसकती हैं और जमा ऊर्जा बाहर निकलती है। यही ऊर्जा भूकंपीय तरंगें बनाती है, जिनसे धरती में कंपन महसूस होता है। धरती के भीतर जिस स्थान पर हलचल शुरू होती है, उसे भूकंप का केंद्र या हाइपोसेंटर कहते हैं। इसके ठीक ऊपर धरती की सतह पर स्थित जगह को अधिकेंद्र कहा जाता है।
जाने भूकंप के समय क्या करें?
भूकंप के झटके महसूस होने पर घबराने के बजाय सुरक्षित कदम उठाएं। अगर आप घर के अंदर हैं, तो मजबूत मेज के नीचे बैठें और सिर तथा गर्दन को ढकें। खिड़कियों, शीशों और भारी अलमारियों से दूरी रखें। झटके जारी रहने तक लिफ्ट का इस्तेमाल न करें। बाहर निकलना सुरक्षित हो, तो खुले स्थान पर जाएं और इमारतों, बिजली के खंभों तथा पेड़ों से दूर रहें।
भूकंप के बाद क्षतिग्रस्त इमारत में दोबारा प्रवेश न करें और अफवाहों के बजाय प्रशासन तथा आपदा प्रबंधन एजेंसियों की सलाह मानें। दिल्ली-NCR में महसूस हुए झटकों के बाद फिलहाल किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है, फिर भी भूकंप के दौरान सुरक्षा उपायों की जानकारी रखना जरूरी है।
























