Delhi News: किसी भी देश की सुरक्षा व्यवस्था में पुलिस का योगदान सर्वोपरि होता है, लेकिन इस पेशे से जुड़े लोगों का मानसिक बोझ भी आम व्यक्ति से कहीं अधिक होता है। लंबे ड्यूटी घंटे, अपराध से जुड़ी चुनौतियां और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारियां सीधे-सीधे पुलिस कर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य पर असर डालती हैं।
इसी समस्या का व्यावहारिक समाधान पेश करने के उद्देश्य से नई दिल्ली के द्वारका स्थित दिल्ली पुलिस ट्रेनिंग सेंटर, सेक्टर-9 में 5 अक्टूबर 2026 को भावातीत ध्यान (ट्रान्सेंडेंटल मेडिटेशन) पर एकदिवसीय परिचयात्मक कार्यक्रम आयोजित किया गया।
141 प्रशिक्षु पुलिस कर्मियों ने लिया हिस्सा
स्पिरिचुअल रीजेनेरेशन मूवमेंट फाउंडेशन ऑफ इंडिया की पहल पर आयोजित इस सत्र में 141 प्रशिक्षु पुलिस कर्मियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रशिक्षण अवधि में ही मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत बनाने पर जोर देना इस पहल की सबसे बड़ी खासियत रही। कार्यक्रम का मूल उद्देश्य यह बताना था कि ट्रान्सेंडेंटल मेडिटेशन के माध्यम से दैनिक जीवन में मानसिक शांति, स्पष्ट सोच और आंतरिक संतुलन कैसे बनाए रखा जा सकता है।
भावातीत ध्यान क्या है और कैसे करें?
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को समझाया गया कि भावातीत ध्यान एक सरल, प्राकृतिक और सहज ध्यान तकनीक है, जिसमें मन को जबरदस्ती किसी वस्तु या विचार पर टिकाने की आवश्यकता नहीं होती। विचारों को रोकने या दबाने का प्रयास नहीं किया जाता।
आराम से बैठकर, आंखें बंद करके दिन में दो बार 15 से 20 मिनट अभ्यास किया जाता है। अभ्यास के साथ ही मन स्वाभाविक रूप से शांत होता है और शरीर को गहरा विश्राम मिलता है। विशेषज्ञों के अनुसार, नियमित ध्यान अभ्यास तनाव हार्मोन घटाकर मानसिक थकान को दूर करने में सहायक होता है, जो पुलिस जैसे तनावपूर्ण कार्यक्षेत्र में विशेष रूप से उपयोगी सिद्ध हो सकता है।
महर्षि महेश योगी की वीडियो प्रस्तुति
कार्यक्रम का एक आकर्षक क्षण रहा महर्षि महेश योगी की संक्षिप्त वीडियो प्रस्तुति। इसके माध्यम से प्रतिभागियों को ध्यान, चेतना और मानव क्षमता के विकास से जुड़े उनके दर्शन को जानने का अवसर मिला। उल्लेखनीय है कि महर्षि जी ने भावातीत ध्यान को आधुनिक जीवन के अनुरूप एक सरल और व्यावहारिक रूप में विश्वभर में प्रचारित किया, ताकि हर व्यक्ति अपने जीवन में शांति, संतुलन और पूर्ण क्षमता के विकास की ओर बढ़ सके।
योग और प्राणायाम सत्र: शरीर को ऊर्जा, मन को शांति
कार्यक्रम का अभिन्न हिस्सा योग एवं प्राणायाम सत्र भी रहा, जिसका संचालन डॉ. मंदीप अवाना ने किया। इस सत्र में प्रतिभागियों को सरल आसन, स्ट्रेचिंग, विश्राम तकनीक और सहज श्वास अभ्यास कराए गए। इन अभ्यासों का उद्देश्य शरीर-मन को तुरंत आराम देने के साथ ही दैनिक जीवन में स्वस्थ आदतें अपनाने के लिए प्रेरित करना था।
फाउंडेशन की ओर से जानकारी और संवाद
स्पिरिचुअल रीजेनेरेशन मूवमेंट फाउंडेशन ऑफ इंडिया की ओर से पूजा वशिष्ठ और गौरव ठाकुर ने प्रतिभागियों से सीधा संवाद किया और भावातीत ध्यान से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी साझा की। दिल्ली पुलिस ट्रेनिंग सेंटर की ओर से इंस्पेक्टर सतीश कुमार, एसआई निशा बालियान, एसआई बलराम सिंह, एसआई सुनील कुमार, एसआई नीरज कुमार, एसआई पवन कुमार, एसआई मनोज कुमार, एसआई वीरेंद्र कुमार, एसआई राजेश, एएसआई अशोक कुमार सहित एमटीएस पवन और एमटीएस धीरेंद्र उपस्थित रहे।

प्रतिभागियों में दिखी गहरी रुचि, अगला कदम पांच-दिवसीय कोर्स
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने भावातीत ध्यान के प्रति उल्लेखनीय रुचि दिखाई और पांच-दिवसीय भावातीत ध्यान पाठ्यक्रम के माध्यम से इस तकनीक को पूरी तरह सीखने की इच्छा व्यक्त की। कई प्रशिक्षुओं ने इसे अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने और इससे जुड़ी और अधिक जानकारी प्राप्त करने की बात कही।
पुलिस कर्मियों के लिए ध्यान के प्रमुख फायदे
पुलिस कर्मियों का कार्य अत्यंत चुनौतीपूर्ण और तनावपूर्ण होता है। उन्हें लंबे समय तक ड्यूटी, लगातार बदलती परिस्थितियों, मानसिक दबाव और कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में नियमित ध्यान (Meditation) उनके मानसिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
ध्यान के नियमित अभ्यास से तनाव और मानसिक थकान में कमी आती है, जिससे पुलिस कर्मी अधिक शांत और सहज महसूस कर सकते हैं। इसके साथ ही ध्यान एकाग्रता और निर्णय लेने की क्षमता को बेहतर बनाने में सहायक होता है, जो कानून-व्यवस्था से जुड़े कार्यों में विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
नियमित ध्यान करने से नींद की गुणवत्ता में सुधार हो सकता है, जिससे शरीर और मस्तिष्क को पर्याप्त आराम मिलता है। ध्यान धैर्य, आत्म-नियंत्रण और भावनात्मक संतुलन विकसित करने में भी मदद करता है, जिससे कठिन या तनावपूर्ण परिस्थितियों में शांत रहकर कार्य करना आसान हो जाता है।
इसके अतिरिक्त, ध्यान पुलिस कर्मियों को काम और व्यक्तिगत जीवन के बीच बेहतर तालमेल बनाने में सहायता करता है। मानसिक शांति और सकारात्मक सोच के कारण वे अपने कार्यस्थल के तनाव को व्यक्तिगत जीवन पर हावी होने से रोक सकते हैं। इस प्रकार, ध्यान पुलिस कर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य, कार्यक्षमता और समग्र जीवन-गुणवत्ता को बेहतर बनाने का एक सरल और प्रभावी माध्यम हो सकता है।























