दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान के दौरान को-पायलट के हमले को नाकाम करके 180 यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज शुक्रवार, 2 अक्टूबर को फोन पर संवाद किया। इस दौरान कैप्टन मच्छर ने उस दिन के अपने अनुभव साझा किए और बताया कि आखिर किस चीज ने उन्हें उस विभत्स घड़ी में डटे रहने की हिम्मत दी।
कैप्टन मच्छर ने बताई असली ताकत
प्रधानमंत्री से बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित मच्छर ने खुलकर बताया कि जीवन के हर कठिन दौर में वे हनुमानजी का स्मरण करते हैं और हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं। उन्होंने कहा कि उड़ान के दौरान भी वे हनुमान चालीसा ही पढ़ रहे थे। उस वक्त उनके मन में सिर्फ एक ही बात चल रही थी — किसी भी कीमत पर किसी को मरने नहीं दूंगा। यही जज्बा उनके साहस की असली वजह रहा।
PM मोदी बोले
फोन संवाद के दौरान प्रधानमंत्री ने कैप्टन मच्छर के साहस और सूझबूझ की गहराई से सराहना की और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना जताई। उन्होंने कहा, “पूरा देश आप पर गर्व करता है और आगे भी करेगा। भारतीय किसी की जान नहीं लेते, बल्कि दूसरों की जान बचाते हैं।” पीएम ने कैप्टन की मां गीताबेन का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने भगवद्गीता की सीख और अच्छे संस्कारों के साथ अपने बेटे को बड़ा किया है।
पिता, मां और पत्नी से भी ली जानकारी
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि उनकी बातचीत कैप्टन मच्छर के पिता भूपेंद्रभाई, मां गीताबेन और पत्नी सोनलबेन से भी हुई। उन्होंने कहा कि इलाज जारी है और आज पूरी दुनिया में उनकी बहादुरी की चर्चा है। इससे पहले गुरुवार को पीएम ने हवा में कॉकपिट पर हुए हमले के वक्त पायलट की हिम्मत की तारीफ करते हुए कहा था कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद दिखाई गई उनकी वीरता ने एक बड़ी त्रासदी को टालने में मदद की और पूरे देश को गर्व महसूस कराया है।
यूएई में अस्पताल में की मुलाकात
संयुक्त अरब अमीरात में भारत के राजदूत दीपक मित्तल ने अस्पताल पहुंचकर घायल पायलट और उनके परिवार से मुलाकात की। राजदूत ने प्रसार भारती से बात करते हुए बताया कि कैप्टन मच्छर की हालत स्थिर है और यूएई के अस्पताल में उनका इलाज अच्छी तरह चल रहा है। उन्होंने कहा, “उन्हें थोड़ी बेचैनी जरूर है, लेकिन वे बातचीत कर रहे हैं, मुस्कुरा रहे हैं और हंस भी रहे हैं। उन्हें स्थिर देखकर मुझे बड़ी राहत मिली। भारतीय दूतावास के अधिकारी लगातार परिवार के संपर्क में हैं।”

कैप्टन मच्छर को ‘भारत का बहादुर बेटा’ कहते हुए राजदूत मित्तल ने कहा कि हवा में हुई इमरजेंसी के दौरान उनके तेज और साहसिक फैसलों से सैकड़ों लोगों की जान बची और एक बड़ी दुर्घटना टल गई।
जाने क्या था पूरा मामला?
दरअसल, दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में को-पायलट ने अचानक कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला कर दिया और विमान को क्रैश कराने की कोशिश की। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छर ने अद्भुत धैर्य दिखाते हुए कॉकपिट का दरवाजा खोला और यात्रियों के सहयोग से हमले को नाकाम किया। उनकी इसी बहादुरी से विमान में सवार सभी 180 लोगों की जान बची। इजराइल के प्रधानमंत्री ने भी कहा कि एक भारतीय ने 9/11 जैसी त्रासदी को होने से रोक दिया।
इजराइली मीडिया ने जारी किया फ्लाइट का वीडियो
इजराइल के चैनल 12 ने एक नया वीडियो जारी किया है, जिसे कॉकपिट के पास बैठे यात्री ने शूट किया था। इसमें फ्लाइट में मची अफरा-तफरी साफ सुनाई देती है। एक यात्री को-पायलट के बारे में कहता सुनाई देता है कि उसने प्लेन क्रैश कराने की कोशिश की थी। कई लोग कॉकपिट की ओर चिल्लाते हैं — ‘उसे बाहर निकालो’, जबकि केबिन में बैठे यात्रियों से कहा जा रहा है कि वे अपनी सीटों पर बैठे रहें।
वीडियो में डॉक्टर बुलाने की आवाज भी सुनाई देती है, जिसके बाद इजराइली डेंटिस्ट डॉ. शोता मुसायेव मेडिकल मदद देने के लिए आगे बढ़ते हैं। कोई यात्री पूछता है कि क्या फ्लाइट में कोई अतिरिक्त पायलट है, जिस पर हां में जवाब मिलता है। इसके बाद फुटेज में खून से लथपथ कैप्टन मच्छर कॉकपिट के बाहर जमीन पर पड़े दिखते हैं। वे कहते सुनाई देते हैं कि को-पायलट ने उन्हें कई बार चाकू मारा। वे अपना घायल हाथ हिला तो सकते थे, लेकिन उसे पूरी तरह बंद नहीं कर पा रहे थे।




















