संदिप कुमार गर्ग
ग्रेटर नोएडा। भाजपा जिला गौतमबुद्धनगर की ओर से रविवार को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती के अवसर पर जिले के 11 मंडलों में संगोष्ठियों का आयोजन किया गया। सूरजपुर, दनकौर, कासना, बादलपुर, दादरी देहात, जारचा, जेवर, रबूपुरा, ग्रेटर नोएडा और बिसरख मंडल समेत विभिन्न स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में कार्यकर्ताओं ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन, विचारों और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान को याद किया।
सूरजपुर मंडल के साकीपुर गांव में आयोजित संगोष्ठी को संबोधित करते हुए भाजपा जिला अध्यक्ष अभिषेक शर्मा ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी बहुमुखी प्रतिभा के धनी, महान शिक्षाविद, राष्ट्रवादी विचारक और भारतीय जनसंघ के संस्थापक थे। उन्होंने अपने जीवन में राष्ट्र की एकता और अखंडता के लिए महत्वपूर्ण संघर्ष किया।
अभिषेक शर्मा ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जन्म 6 जुलाई 1901 को कलकत्ता में हुआ था। वे देश के प्रमुख शिक्षाविदों में शामिल थे। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में लागू परमिट व्यवस्था तथा एक देश में दो प्रधान, दो निशान और दो विधान की व्यवस्था का विरोध किया और राष्ट्रीय एकता के लिए अपना जीवन समर्पित किया।
उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी देश के करोड़ों लोगों के लिए मार्गदर्शक बने। उनके राजनीतिक कौशल और संगठन क्षमता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे देश के पहले उद्योग मंत्री बने। हालांकि राष्ट्रहित के मुद्दों पर उन्होंने मंत्री पद तक छोड़ दिया।
भाजपा जिला अध्यक्ष ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने कांग्रेस से अलग होकर स्वतंत्र राजनीतिक राह चुनी और आगे चलकर भारतीय जनसंघ की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके विचारों ने देश में राष्ट्रवादी राजनीति को नई दिशा देने का काम किया।
कार्यक्रम में भाजपा कार्यकर्ताओं ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके बताए राष्ट्रहित एवं संगठन के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
























