कुरुक्षेत्र के पिहोवा क्षेत्र में बिजली कटौती को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। खासतौर पर गांव मैसी माजरा में लंबे समय से जारी बिजली की समस्या ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है। बिजली आपूर्ति बाधित रहने से स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिसकी वजह से उन्होंने देर रात तक प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में ग्रामीणों ने बिजली विभाग के अधिकारियों का घेराव किया। आइए, इस खबर को विस्तार से समझते हैं और जानिए इस मुद्दे के विभिन्न पहलुओं को।
बिजली कटौती के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा
गांव में बिजली कटौती की समस्या लंबे समय से चल रही है, जो ग्रामीणों के जीवन और खेती-बाड़ी दोनों को प्रभावित कर रही है। रात करीब एक बजे, जब बिजली आपूर्ति बाधित रही, तो ग्रामीण जागरूक होकर तुरंत ही प्रदर्शन के लिए निकल पड़े।
33 केवी सब स्टेशन पहुंचकर बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने बिजली विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाया और अपनी नाराजगी जाहिर की। ग्रामीणों का आरोप था कि गांव में घंटों बिजली की कटौती की जा रही है, जिससे न केवल घरेलू जीवन प्रभावित हो रहा है बल्कि खेती-बाड़ी भी बाधित हो रही है।
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने बिजली विभाग के SDO (सुपरवाइजर डेवलपमेंट ऑफिसर) और JE (जूनियर इंजीनियर) को बुलाकर उनके सामने अपनी समस्या रखी। उन्होंने इन अधिकारियों को जमीन पर बैठाकर अपनी शिकायतें दर्ज कराई। ग्रामीणों का मानना था कि बिजली विभाग की लापरवाही के कारण उन्हें नियमित बिजली नहीं मिल पा रही है। इस दौरान पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंची, ताकि किसी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उन्हें घंटों बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है, जिसका कोई स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है।
शिकायतों का लंबा इतिहास
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने कहा कि उन्होंने कई बार बिजली विभाग को शिकायत की, लेकिन समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। गांव में फोरमैन और लाइनमैन की व्यवस्था भी नहीं है, जिसकी वजह से छोटी-मोटी खराबियां भी काफी समय तक ठीक नहीं हो पाती हैं। ग्रामीणों का कहना था कि उनकी मुख्य मांग नियमित बिजली आपूर्ति और अनावश्यक बिजली कटौती पर रोक है। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि उनकी समस्या का तात्कालिक हल किया जाए और बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
प्रदर्शन के कई घंटे बाद, बिजली विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि गांव में फोरमैन और लाइनमैन की स्थायी तैनाती की जाएगी। इस आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने धरना और घेराव समाप्त कर दिया। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि भविष्य में बिजली आपूर्ति में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। इस आश्वासन के बाद ग्रामीणों का गुस्सा शांत हो गया और उन्होंने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
बिजली विभाग का पक्ष
बिजली विभाग के SDO सुभाष का कहना है कि गांव में बिजली कटौती का शेड्यूल पंचकूला से तय किया जाता है। उन्होंने बताया कि स्थानीय स्तर पर मनमाने तरीके से बिजली कटौती नहीं की जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि, “बिजली कट का शेड्यूल पहले पंचकूला में तय किया जाता है और उसके आधार पर कुरुक्षेत्र में लागू किया जाता है।” उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि अब गांव में फोरमैन और लाइनमैन की व्यवस्था कर दी गई है और भविष्य में अनावश्यक बिजली कटौती नहीं की जाएगी।
विभाग का आश्वासन है कि भविष्य में बेहतर व्यवस्था और नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ है, लेकिन यह भी जरूरी है कि विभाग इन आश्वासनों को जल्द से जल्द अमल में लाए ताकि ग्रामीणों को बार-बार इस प्रकार के प्रदर्शन का सामना न करना पड़े। बिजली विभाग को चाहिए कि वह स्थानीय स्तर पर बेहतर निगरानी और प्रबंधन कर बिजली की आपूर्ति को सुनिश्चित बनाये, ताकि ग्रामीणों का जीवन सहज और खुशहाल बन सके।


























