ऋषी तिवारी
ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के सेक्टर-46, नोएडा केंद्र में संस्था के साकार संस्थापक प्रजापिता ब्रह्मा बाबा की 57वीं पुण्य स्मृति के अवसर पर “स्मृति दिवस एवं विश्व शांति व अध्यात्म दिवस” का आयोजन श्रद्धा एवं आध्यात्मिक वातावरण में किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नगर के नागरिक, साधक एवं ब्रह्माकुमारी बहनों ने सहभागिता की।
आंतरिक परिवर्तन द्वारा विश्व शांति का संदेश
कार्यक्रम का शुभारंभ सामूहिक राजयोग ध्यान से हुआ, जिसमें उपस्थित जनसमूह ने शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव किया। इस अवसर पर केंद्र प्रभारी राजयोगिनी बीके लीना दीदी ने प्रजापिता ब्रह्मा बाबा के जीवन, त्याग और मानवता के लिए दिए गए योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ब्रह्मा बाबा भले ही आज साकार रूप में हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके दिव्य विचार, शिक्षाएं और “आंतरिक परिवर्तन द्वारा विश्व शांति” का संदेश आज भी समाज को नई दिशा प्रदान कर रहा है।
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प्रजापिता ब्रह्मा बाबा का आध्यात्मिक योगदान और वैश्विक प्रभाव
उन्होंने बताया कि प्रजापिता ब्रह्मा बाबा ने आत्मज्ञान, सहज राजयोग और कर्म के सिद्धांत के माध्यम से नैतिक एवं आध्यात्मिक चरित्र निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। साथ ही माताओं और कन्याओं को आध्यात्मिक नेतृत्व में अग्रणी बनाकर महिला सशक्तिकरण की एक अनुपम मिसाल प्रस्तुत की। उनके आदर्शों के परिणामस्वरूप ब्रह्माकुमारी संस्था आज विश्व के 140 से अधिक देशों में शांति, मानवीय मूल्यों, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सद्भाव के क्षेत्र में कार्य कर रही है।

प्रेरणा और शांति से ओतप्रोत कार्यक्रम
कार्यक्रम स्थल को ब्रह्मा बाबा की शिक्षाओं एवं प्रेरक संदेशों से सजाया गया था, जिससे वातावरण अत्यंत शांतिमय एवं सकारात्मक बना रहा। कार्यक्रम का समापन प्रसाद वितरण के साथ हुआ। यह आयोजन न केवल प्रजापिता ब्रह्मा बाबा को श्रद्धांजलि था, बल्कि आत्म-परिवर्तन के माध्यम से विश्व परिवर्तन का संदेश देने वाला एक प्रेरणादायी प्रयास भी सिद्ध हुआ।






















