Bengal News: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा (BJP) की ऐतिहासिक और प्रचंड जीत के बाद अब नई सरकार के गठन की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। टीएमसी को सत्ता से बेदखल करने वाली भाजपा का अगला मुख्यमंत्री (CM) कौन होगा, इस सवाल का जवाब आज आ जाएगा। शुक्रवार (8 मई) को कोलकाता में भाजपा विधायक दल (MLA) की बैठक है, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री और पर्यवेक्षक अमित शाह शामिल होंगे। माना जा रहा है कि इसी मीटिंग में बंगाल के नए सीएम के नाम का ऐलान किया जा सकता है।
चुनावी नतीजों ने सभी पोल और पूर्वानुमानों की धज्जियां उड़ा दीं। भाजपा ने 294 में से 207 सीटों पर जीत दर्ज कर दो-तिहाई से ज्यादा बहुमत हासिल किया, जबकि ममता बनर्जी की टीएमसी 80 सीटों पर सिमटकर रह गई। बंगाल में पहली बार सरकार बनाने जा रही भाजपा ने चुनाव से पहले किसी एक चेहरे को सीएम फेस नहीं बनाया था। हालांकि, अमित शाह ने रैलियों में यह लगातार कहा था कि “नया मुख्यमंत्री बंगाल की मिट्टी का होगा।”
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा इस बार किसी यूनिक फॉर्मूले पर जा सकती है, क्योंकि पार्टी अक्सर अपेक्षाओं से अलग निर्णय लेती है। फिलहाल सीएम पद की रेस में राजनीतिक पकड़ और संगठनात्मक क्षमता के आधार पर इन 4 नामों की सबसे ज्यादा चर्चा है:
1. शुभेंदु अधिकारी (सबसे आगे)
वर्तमान में बंगाल बीजेपी के सबसे चमकीले और प्रमुख चेहरे शुभेंदु अधिकारी को ही सीएम पद की रेस में सबसे आगे माना जा रहा है। इसकी सबसे बड़ी वजह है उनकी जमीनी समझ, अद्भुत नेटवर्क और संगठन को एक सूत्र में बांधने की क्षमता। लगातार दो बार उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के गढ़ नंदीग्राम से उन्हें सीधी चुनौती दी और जीत हासिल की। ममता सरकार की कमर तोड़ने वाले अधिकारी किसी भी अन्य उम्मीदवार से बेहतर दावेदार साबित हो रहे हैं।
2. दिलीप घोष
भाजपा के कद्दावर नेता और बंगाल के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष का नाम भी काफी मजबूत माना जा रहा है। जब बंगाल में बीजेपी का अस्तित्व ही नहीं था, तब से लेकर इस मुकाम तक पहुंचने में दिलीप घोष की अहम भूमिका रही है। पार्टी संगठन में उनकी पकड़ बेहद मजबूत है और केंद्रीय नेतृत्व का उनपर पूरा भरोसा है। हालांकि, इस चुनाव में उनका कद सीमित रहा, लेकिन उनके अनुभव को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
3. समिक भट्टाचार्य
बंगाल बीजेपी के मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य उस चुनावी अभियान के सूत्रधार रहे हैं, जिसमें पार्टी ने यह ऐतिहासिक जीत दर्ज की। 1974 से ही आरएसएस (RSS) से जुड़े समिक भट्टाचार्य को संघ के सबसे विश्वसनीय चेहरों में गिना जाता है। वह पार्टी की राष्ट्रीय कार्यसमिति के सदस्य भी रह चुके हैं। वर्ष 2025 में सुकांत मजूमदार की जगह उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाकर पार्टी ने एक बड़ा संदेश दिया था। संघ के करीबी होने के नाते वह डार्क हॉर्स की तरह सामने आ सकते हैं।
4. अग्निमित्रा पॉल (सरप्राइज पैकेज)
पेशे से फैशन डिजाइनर और बेबाक बयानों के लिए जानी जाने वाली अग्निमित्रा पॉल सीएम रेस में एक सरप्राइज पैकेज साबित हो सकती हैं। 2019 में भाजपा में शामिल होने के बाद उन्होंने तेजी से सियासी सीढ़ियां चढ़ीं। 2021 में टीएमसी की दिग्गज नेत्री सयानी घोष को हराकर वह विधायक बनी थीं। इस साल जनवरी में उन्हें बंगाल बीजेपी का उपाध्यक्ष बनाया गया और इस चुनाव में उन्होंने आसनसोल दक्षिण सीट से जबरदस्त जीत दर्ज की है। महिला और ब्राह्मण चेहरे के तौर पर उन्हें पार्टी मौका दे सकती है।
क्या होगा आज का फैसला?
भाजपा के फैसले अक्सर बंद कमरे में लिए जाते हैं और उम्मीदों से परे होते हैं। अब देखना यह है कि अमित शाह के मार्गदर्शन में भाजपा किस चेहरे पर दांव लगाकर बंगाल की नई सरकार का गठन करती है। इस ऐतिहासिक लहर में कौन खरा उतरता है, इसका खुलासा आज शाम तक हो जाएगा।

























