उत्तराखंड में इन दिनों मौसम का मिजाज बेहद अनहोनी बना हुआ है। एक ओर जहां पहाड़ी क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश और भूस्खलन ने तबाही मचा रखी है, वहीं मैदानी इलाकों में लोग भीषण गर्मी और उमस से जूझ रहे हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस सप्ताह राज्य में मानसून और अधिक सक्रिय होने के पूरे आसार हैं। ऐसे में भारी बारिश और अचानक आपदा की चपेट में आने से बचने के लिए प्रशासन और स्थानीय लोगों को पूरी तरह से सतर्क रहने की जरूरत है।
जाने कहां जारी है ऑरेंज और कहां येलो अलर्ट?
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आगामी 24 घंटों के लिए राज्य के कई हिस्सों में अलर्ट जारी किए हैं। सोमवार के दिन राजधानी देहरादून समेत नैनीताल और बागेश्वर जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ (Orange Alert) घोषित किया गया है। इसका सीधा मतलब है कि इन इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। ऑरेंज अलर्ट के दौरान अचानक बाढ़, नदी-नालों में जलस्तर बढ़ने और ट्रैफिक बाधित होने की आशंका को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
इसके साथ ही, टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, चंपावत, उधम सिंह नगर (यूएसनगर) और पिथौरागढ़ जैसे आठ जिलों में गरज के साथ तेज बारिश को लेकर ‘येलो अलर्ट’ (Yellow Alert) जारी किया गया है। वहीं, धर्मनगरी हरिद्वार में भी आसमानी करवट लेने की पूरी संभावना है और यहां बिजली चमकने (Lightning) की चेतावनी दी गई है।
देहरादून का मौसम
बता दें कि रविवार को देहरादून का दिन काफी तपा। पूरे दिनभर चली धूप और भारी उमस के कारण लोगों को गर्मी का सिकरी झेलना पड़ा। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, रविवार को देहरादून का अधिकतम तापमान 32.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस मौसम के नॉर्मल (सामान्य) तापमान से 2.5 डिग्री सेल्सियस ज्यादा था। हालांकि, शाम के समय मौसम ने करवट ली और शहर के कई इलाकों में झमाझम बारिश ने लोगों को उमस से राहत दी।
मौसम की इस बेरुखी का सबसे ज्यादा प्रभाव टिहरी जिले के भिलंगना (घनसाली) ब्लॉक में देखने को मिला। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने यहां की पहाड़ियों को कमजोर कर दिया है, जिसके चलते भूस्खलन और अन्य आपदाओं का खतरा बना हुआ है।
हालांकि, इस भयावह घटना में जान-माल का बड़ा नुकसान इसलिए नहीं हुआ क्योंकि रात के समय बाजार पूरी तरह से बंद था। स्थानीय लोगों और व्यापारियों में इस घटना के बाद भारी दहशत का माहौल है। लोगों का मानना है कि अगर यह वारदात दिन के समय बाजार खुला होने के दौरान होती, तो बड़ी जनहानि अवश्य होती। लगातार बारिश के कारण पहाड़ों में दरारें आ गई हैं, जिससे आने वाले दिनों में और भी बोल्डर गिरने का खतरा मंडरा रहा है।
हरिद्वार में लू ने बढ़ाई परेशानी, तापमान में भारी उछाल
जहां पहाड़ों में बारिश ने हाहाकार मचा रखा है, वहीं हरिद्वार जैसे मैदानी इलाकों में लोगों को गर्मी का कहर झेलना पड़ रहा है। रविवार को धर्मनगरी में तपती धूप और कफन जैसी उमस ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा छा गया और जो लोग जरूरी काम से बाहर निकले, उनके पसीने छूट गए। शाम होते-होते भी गर्मी का अहसास कम नहीं हुआ।
आईआईटी (IIT) रूड़की स्थित कृषि मौसम वेधशाला के ताजा आंकड़े कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं। रविवार को हरिद्वार का अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अगर हम इसकी तुलना शनिवार से करें, तो एक दिन में ही अधिकतम तापमान में 3.6 डिग्री सेल्सियस की अचानक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। शनिवार को अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस था।



























