संध्या समय न्यूज
Gas Cylinder Funeral Solapur: महाराष्ट्र के सोलापुर शहर में एलपीजी (LPG) गैस की आसमान छूती कीमतों और बढ़ती किल्लत के खिलाफ एक अनोखा और चौंकाने वाला विरोध प्रदर्शन देखने को मिला।प्रदर्शनकारियों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाने के लिए गैस सिलेंडर की ‘अर्थी’ निकाली और उसे फूल-मालाओं से सजी चिता पर लिटाकर प्रतीकात्मक ‘अंतिम संस्कार’ किया। यह दृश्य रसोई गैस की स्थिति को दर्शाने का एक कटु उदाहरण था, जहाँ सिलेंडर को ‘मृत’ घोषित कर दिया गया।

सिलेंडर की ‘मौत’ और जनाक्रोश
सोलापुर की सड़कों पर निकले इस जनाजे में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक और व्यापारी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने बाकायदा एक गैस सिलेंडर को फूलों से सजाया और उसे कंधे पर उठाकर शहर के प्रमुख चौराहों से गुजरते हुए एक प्रतीकात्मक श्मशान घाट तक ले गए। लोगों ने नारे लगाए कि बढ़ती कीमतों और कम आपूर्ति के कारण अब आम आदमी के बजट में रसोई गैस ‘दम तोड़’ चुकी है। उन्होंने कहा, “गैस सिलेंडर अब रसोई की शान नहीं, बल्कि केवल सजावट की वस्तु बनकर रह गया है।”
25 दिन की वेटिंग और कालाबाजारी का खतरा
इस विरोध प्रदर्शन का मुख्य कारण केंद्र सरकार द्वारा घरेलू गैस रिफिल बुकिंग के लिए 25 दिनों का अनिवार्य ‘वेटिंग पीरियड’ लागू करना है। सरकार का यह फैसला कालाबाजारी रोकने के लिए लिया गया था, लेकिन आम जनता के लिए यह बड़ी मुश्किल बन गया है। सोलापुर के निवासियों का आरोप है कि इस नियम के कारण मध्यमवर्गीय परिवारों को गैस खत्म होने के बाद लगभग एक महीने तक इंतजार करना पड़ रहा है। इसके अलावा, एजेंसियों पर भीड़ बढ़ने से बैकडोर से सिलेंडरों की कालाबाजारी फिर से सक्रिय हो गई है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से इस आदेश को तत्काल वापस लेने की मांग की है।
होटल उद्योग पर संकट, लौट रहे लकड़ी के चूल्हे
घरेलू उपभोक्ताओं की तरह ही कमर्शियल गैस सिलेंडरों की अघोषित किल्लत ने होटल और रेस्टोरेंट व्यवसायियों को भी परेशान किया हुआ है। कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति लगभग ठप होने के कारण सोलापुर के कई छोटे-बड़े होटल बंद होने की कगार पर हैं। होटल एसोसिएशन ‘आहार’ ने चेतावनी दी है कि अगर ईंधन की समस्या जल्द हल नहीं हुई, तो हजारों कामगार बेरोजगार हो जाएंगे। ढाबा मालिकों ने बताया कि वे मजबूरन वापस लकड़ी के चूल्हों का इस्तेमाल करने को मजबूर हैं, जिससे न सिर्फ समय की बर्बादी हो रही है, बल्कि प्रदूषण भी बढ़ रहा है।
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ईरान-इजरायल संघर्ष का असर
आपूर्ति में आ रही खामी के पीछे अंतरराष्ट्रीय कारण भी बताए जा रहे हैं। मध्य पूर्व (Middle East) में ईरान और इजरायल के बीच छिड़े संघर्ष के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसका सीधा असर भारत की एलपीजी वितरण प्रणाली पर पड़ा है। सोलापुर में हुए इस अनोखे प्रदर्शन ने सरकार की नजरों में आम आदमी की बढ़ती मुश्किलों को एक बार फिर से उभारकर सामने ला दिया है।























