जमीन के 30 फीट नीचे ‘पाताल लोक’ में बनाए गए रहस्यमयी घर, जहां सदियों से लोग रह रहे हैं, आज हम आपको इस अनोखे स्थान के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे। यदि आप सोचते हैं कि घर केवल ईंट, सीमेंट और छत से बने मकान होते हैं, तो यह लेख आपके दृष्टिकोण को बदल देगा।
यह घर न तो ऊपर हैं और न ही बहुत बड़े, बल्कि जमीन के अंदर गहरे गड्ढे में बने हैं, जो दिखने में बिल्कुल पाताल लोक जैसे हैं। आइए जानते हैं इस आश्चर्यजनक जगह की पूरी कहानी।
मातमाता, ट्यूनीशिया का अनूठा गांव
मातमाता (Matmata) ट्यूनीशिया के दक्षिणी हिस्से में बसे एक छोटे से गांव का नाम है, जो अपनी अद्भुत बनावट के लिए विश्व प्रसिद्ध है। इस गांव की खासियत है कि यहां के लोग अपने घर जमीन के ऊपर बनाने के बजाय जमीन के अंदर गड्ढा खोदकर रहते हैं। यह परंपरा सदियों से चली आ रही है और इसने इस क्षेत्र को खास बना दिया है।
गर्मी से बचने के लिए अक्सर लोग पहाड़ों को काटकर गुफाएं बनाते हैं, लेकिन मातमाता के बर्बर समुदाय ने अलग ही तरीका अपनाया। उन्होंने जमीन की सतह से सीधा एक विशाल गड्ढा खोदा, जिसे वे अपने घर का आंगन बनाते हैं।
फिर इस गड्ढे की दीवारें खोदकर कमरे बनाए जाते हैं। कभी-कभी तो कई गड्ढों को आपस में जोड़ने के लिए अन्डर्ग्राउन्ड (underground) सुरंगें भी बनाई जाती हैं, जो पूरे इलाके को एक भूलभुलैया की तरह दिखाती हैं।
क्यों इतनी आसान है गड्ढा खोदना?
मातमाता का क्षेत्र बलुआ पत्थर की एक नरम परत से ढका हुआ है, जिसे आसानी से हाथ के औजारों से खोदा जा सकता है। इस पत्थर की खास बात यह है कि यह इतना मजबूत है कि सदियों तक टिके रह सकता है। इस पत्थर को खोदना आसान होने के साथ ही, ये घर सदियों से सुरक्षित भी हैं।
इस इलाके में रहने वाले समुदाय ने 1000 से भी अधिक वर्षों से इसी तरीके से अपने आशियाने बनाए हैं। यहाँ के घर गर्मी में ठंडे और सर्दियों में गर्म रहते हैं, जो प्राकृतिक तापमान नियंत्रक का काम करता है।
फिल्म और टीवी में दिखा यह अनूठा स्थल
मातमाता का यह गांव विश्वभर में प्रसिद्ध हुआ जब फिल्म स्टार वॉर्स की शूटिंग यहाँ हुई। फिल्म के मुख्य किरदार ल्यूक स्काईवॉकर का घर जो पर्दे पर दिखाया गया था, वह असल में इस गांव का ही एक अंडरग्राउंड होटल, जिसका नाम सिदी द्रिस है।
आज भी इस गांव में बहुत से लोग जमीन के नीचे बने इन पारंपरिक घरों में रह रहे हैं। बाहर कितनी भी भीषण गर्मी क्यों न हो, इन घरों के अंदर का तापमान हमेशा ठंडा और आरामदायक रहता है।
पाताल लोक जैसी जीवनशैली
यह घर न सिर्फ गर्मियों में राहत देने वाले होते हैं, बल्कि प्राकृतिक रूप से टिकाऊ भी हैं। जमीन के नीचे होने के कारण इनमें न तो गर्मी का प्रभाव ज्यादा होता है और न ही ठंड का। यह घर कुदरत और मानव की समझदारी का अद्भुत उदाहरण हैं। इस तरह के घर बनाने की परंपरा आज भी प्रचलित है और यहाँ के लोग सदियों से इसी प्रणाली से रह रहे हैं।


























