Delhi News: दिल्ली को कूड़े के ढेर से मुक्त कराने और इसे एक पूरी तरह से स्वच्छ शहर के रूप में स्थापित करने के महाअभियान की शुरुआत हो गई है। दिल्ली सरकार की पहल पर ‘दिल्ली को कूड़े से आजादी-स्वच्छता अभियान 2026’ का आगाज किया गया है। यह विशेष ड्राइव 2 अक्टूबर (गांधी जयंती) तक चलेगी। इस अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सरकार ने एक बड़े इनाम का ऐलान किया है। प्रत्येक महीने सफाई के मामले में सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले वार्ड को 1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
एमसीडी मुख्यालय में हुआ भव्य आगाज
इस ऐतिहासिक सफाई अभियान का शुभारंभ सोमवार को दिल्ली नगर निगम (MCD) के केदारनाथ साहनी ऑडिटोरियम में एक विशेष कार्यक्रम के दौरान हुआ। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसकी औपचारिक शुरुआत की। इस दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा, शहरी विकास मंत्री आशीष सूद, महापौर प्रवेश वाही और मुख्य सचेतक अभय वर्मा सहित तमाम जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान अभियान से जुड़ी जानकारी देने वाले एक विशेष ब्रोशर का भी विमोचन किया गया।

1 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि से वार्डों में जोश
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने वार्ड स्तर पर एक अनूठी प्रतियोगिता का ऐलान किया है। अगले एक वर्ष (12 महीने) तक प्रत्येक महीने उस वार्ड का चयन किया जाएगा, जो स्वच्छता के मामले में सबसे आगे होगा। ऐसे चुने गए वार्ड को विकास कार्यों के लिए 1 करोड़ रुपये का फंड दिया जाएगा। अगर कोई वार्ड लगातार अच्छा प्रदर्शन करता है, तो उसे अतिरिक्त बजट का भी लाभ मिल सकता है।
दिलचस्प बात यह है कि इन वार्डों का आकलन किसी एक व्यक्ति के आधार पर नहीं, बल्कि एक पारदर्शी प्रक्रिया के तहत होगा। किसी स्वतंत्र एजेंसी की रिपोर्ट, वरिष्ठ अधिकारियों के मूल्यांकन और सबसे जरूरी—आम नागरिकों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों के आंकड़ों को आधार बनाया जाएगा।
कूड़ा प्रबंधन का नया फॉर्मूला: ‘चार सी’
दिल्ली सरकार ने कचरे को सिर्फ उठाकर फेंकने की बजाय इसे वैज्ञानिक तरीके से संभालने का रोडमैप तैयार किया है। इसके लिए ‘चार सी’ (4 C) नीति पर काम किया जाएगा:
- कलेक्शन: कचरे का स्रोत पर ही पृथक्करण।
- क्लीनिंग : समय पर कचरा उठाने की व्यवस्था।
- कन्वर्जन : कचरे का वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्करण।
- सर्कुलर इकोनॉमी : कचरे को फिर से उपयोगी संसाधन में बदलना।
तय कैलेंडर के अनुसार चलेगी सफाई
इस अभियान को जमीनी स्तर पर सफल बनाने के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना बनाई गई है:
- मशीनों का इस्तेमाल: शहर भर में 70 नई मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनें लगाई जाएंगी। हर वार्ड को अतिरिक्त लिटर पिकर वाहन दिए जाएंगे। सीएंडडी (C&D) वेस्ट को संभालने के लिए 125 नए सेकेंडरी कलेक्शन सेंटर विकसित किए जाएंगे।
- झुग्गी-झोपड़ियों पर फोकस: 23 और 30 अगस्त तथा 6 और 13 सितंबर को झुग्गी बस्तियों में विशेष सफाई ड्राइव चलाई जाएगी।
- सार्वजनिक शौचालय: हर सप्ताहांत (शनिवार और रविवार) को सार्वजनिक शौचालयों की गहाई सफाई पर जोर दिया जाएगा।
- पार्कों से हरित कचरा: 1 से 10 सितंबर तक पार्कों से ग्रीन वेस्ट (पत्तियों आदि का कचरा) हटाने का विशेष अभियान चलेगा।
- अस्पताल और स्कूल: 17 सितंबर को सरकारी अस्पतालों में सफाई, जबकि 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक सरकारी स्कूलों में ‘मेरा स्कूल, सबसे सुंदर’ प्रतियोगिता और ‘जीरो वेस्ट कैंपस’ अभियान चलाया जाएगा।
नेताओं ने दी सोच बदलने की अपील
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने साफ कहा कि स्वच्छता सिर्फ सफाई विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह हर दिल्लीवासी की साझा जिम्मेदारी है। उनका लक्ष्य कुछ दिनों का दिखावा करना नहीं, बल्कि सफाई को लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बनाना है। इसके लिए आरडब्ल्यूए (RWA), बाजार संघ, स्कूलों और अन्य सामाजिक संगठनों को इस अभियान से जोड़ा जा रहा है।
आज ‘दिल्ली को कूड़े से आजादी-स्वच्छता अभियान 2026’ की शुरुआत की। 2 अक्टूबर तक दिल्ली के कोने-कोने में स्वच्छता को लेकर व्यापक जनभागीदारी का अभियान चलेगा। इस अभियान के तहत दिल्ली सरकार के विभाग, MCD, NDMC, DCB और अन्य एजेंसियां मिलकर कूड़े के संवेदनशील स्थानों, बाजारों, पार्कों,… pic.twitter.com/q2t5wcva6L
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) August 17, 2026
शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने बताया कि इस ड्राइव का असल मकसद सिर्फ सड़कें झाड़ना नहीं है, बल्कि दिल्ली के नजरिए और लोगों की आदतों में मौलिक बदलाव लाना है। वहीं, महापौर प्रवेश वाही ने ओखला और भलस्वा लैंडफिल साइट्स (कूड़े के पहाड़ों) को खत्म करने के काम को तेज करने की जानकारी दी।
इस पूरे अभियान पर नजर रखने के लिए एमसीडी, एनडीएमसी (NDMC) और दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड को सख्त निर्देश दिए गए हैं। सभी एजेंसियों को नियमित रूप से निगरानी करनी होगी और प्रगति की रिपोर्ट तैयार करनी होगी। बाजार, पार्क, अस्पताल, सरकारी दफ्तर और जल निकायों को इस अभियान में प्राथमिकता पर लिया जाएगा। यदि इस तरह के जन आंदोलन और प्रोत्साहन आधारित योजनाएं ग्राउंड लेवल पर सही ढंग से लागू होती हैं, तो दिल्ली को स्वच्छ शहर बनाने का सपना जल्द ही साकार हो सकता है।

























