प्रेम कीटाणु में सात गाने, गौरव वर्मा ने खोला राज

प्रेम कीटाणु के निर्माता गौरव वर्मा ने बताया कि फिल्म में सात गानों का पूरा एल्बम क्यों रखा गया है। जानिए संगीत, कहानी और नए कलाकारों से जुड़ी उनकी सोच।

नए कलाकारों को पहचान दिलाएगा प्रेम कीटाणु का संगीत

HIGHLIGHTS

  • गौरव वर्मा ने बताया सात गानों का बड़ा कारण
  • प्रेम कीटाणु के गाने कहानी में लाएंगे नया मोड़
  • प्रेम कीटाणु में गाने नहीं, कहानी कहेगा संगीत
  • सात गानों के पीछे छिपी है प्रेम कीटाणु की सोच

आने वाली हिंदी फिल्म ‘प्रेम कीटाणु’ का संगीत इसकी कहानी का अहम हिस्सा बनने जा रहा है। आज के दौर में, जब कई फिल्मों में चुनिंदा गाने या पुराने गीतों के नए संस्करण सुनाई देते हैं, इस फिल्म में सात गानों का पूरा एल्बम रखा गया है। निर्माता गौरव वर्मा के मुताबिक, यह फैसला केवल मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि फिल्म की दुनिया, किरदारों और उनकी भावनाओं को दर्शकों तक पहुंचाने के लिए लिया गया।

गौरव वर्मा की यह फिल्म उनके प्रोडक्शन बैनर अवनीका फिल्म्स की पहली पेशकश है। फिल्म छोटे शहरों से बड़े शहरों में पढ़ाई और बेहतर भविष्य की तलाश में आने वाले युवाओं की जिंदगी पर आधारित है। दोस्ती, पहला प्यार, एकतरफा मोहब्बत और दिल टूटने जैसे अनुभव इसकी कहानी के केंद्र में हैं।

युवाओं के संघर्ष और यादों की कहानी

गौरव वर्मा के अनुसार, ‘प्रेम कीटाणु’ ऐसे युवाओं की कहानी है जो घर से दूर नई जिंदगी शुरू करते हैं और इस दौरान अपनी पहचान, रिश्तों और सपनों को समझने की कोशिश करते हैं। यह अनुभव कई लोगों के लिए जाना-पहचाना हो सकता है—खासतौर पर उन लोगों के लिए जिन्होंने पढ़ाई या काम के सिलसिले में अपना शहर छोड़ा है।

गौरव कहते हैं कि छोटे शहर से बड़े शहर आने वाले युवाओं के संघर्ष फिल्म की कहानी को वास्तविकता से जोड़ते हैं। उनके मुताबिक, यह सिर्फ बीते समय की यादों पर आधारित फिल्म नहीं है। आज भी युवा अपने भविष्य और जीवन की दिशा को लेकर चुनौतियों से गुजर रहे हैं, इसलिए कहानी का भाव मौजूदा समय से भी जुड़ता है।

सात गानों का फैसला कैसे हुआ?

गौरव वर्मा बताते हैं कि फिल्म की स्क्रिप्ट पर काम शुरू करते समय ही संगीत को लेकर भी विचार किया गया था। उनके लिए संगीत कहानी से अलग कोई अतिरिक्त हिस्सा नहीं, बल्कि फिल्म की दुनिया बनाने का एक तरीका है।

उन्होंने कहा कि उनके बड़े होने के दौर में संगीत रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा था। लोग गानों के जरिए सपने देखते, अपनी भावनाओं को समझते और फिल्मों से जुड़ते थे। इसी वजह से ‘प्रेम कीटाणु’ के लिए संगीत को शुरुआत से ही कहानी के साथ विकसित किया गया।

गौरव का मानना है कि कई बार किसी फिल्म से दर्शकों का पहला परिचय उसके गाने से होता है। गीत सुनते-सुनते लोग कलाकारों और फिल्म की दुनिया से जुड़ने लगते हैं। 90 के दशक को याद करते हुए वह बताते हैं कि उस समय कुछ ऐसी फिल्में भी थीं जो बॉक्स ऑफिस पर बहुत सफल नहीं हुईं, लेकिन उनके गाने लोकप्रिय रहे। उन गीतों के कारण दर्शकों को फिल्म के कलाकार याद रह जाते थे।

नए कलाकारों को पहचान दिलाने में मदद करेगा संगीत

‘प्रेम कीटाणु’ में कई ऐसे कलाकार नजर आएंगे जिन्हें दर्शक अभी बड़े सितारों के तौर पर नहीं जानते। गौरव वर्मा के मुताबिक, कास्टिंग के पीछे भी एक सोच थी: नए चेहरों को ऐसा मंच देना जहां दर्शक उन्हें कहानी और संगीत के जरिए जान सकें।

उनका कहना है कि जब कलाकारों की पहचान पहले से व्यापक न हो, तो फिल्म का संगीत दर्शकों तक पहुंचने का एक प्रभावी माध्यम बन सकता है। गाने लोगों को फिल्म की ओर आकर्षित कर सकते हैं और कलाकारों के साथ उनका शुरुआती जुड़ाव बना सकते हैं। इसीलिए सात गानों का एल्बम फिल्म के प्रचार से आगे जाकर इसकी पहचान का हिस्सा भी होगा।

फिल्म के गाने कहानी को आगे बढ़ाएंगे

निर्माता के मुताबिक, ‘प्रेम कीटाणु’ के गीत केवल कहानी के बीच मनोरंजन के लिए नहीं आएंगे। उनका उद्देश्य किरदारों की भावनाओं को सामने लाना और कुछ ऐसे विचार व्यक्त करना है जिन्हें संवादों में कहना उतना असरदार न हो।

गौरव बताते हैं कि टीम चाहती थी कि कुछ जगह गानों के बोल संवादों से भी अधिक गहराई के साथ बात कहें। संगीत दृश्य का माहौल बनाने, उसकी गति तय करने और दर्शकों को किरदारों की मनःस्थिति समझाने में मदद करेगा। इस तरह गीत फिल्म की कथा का हिस्सा होंगे, न कि उससे अलग कोई रुकावट।

फिल्म से आगे भी साथ रहता है संगीत

गौरव वर्मा का मानना है कि फिल्म खत्म होने के बाद भी उसका संगीत दर्शकों के साथ रह सकता है। कई बार कोई गीत फिल्म की कहानी या कलाकारों से भी लंबे समय तक याद रखा जाता है। वह हालिया फिल्म ‘सैयारा’ का उदाहरण देते हुए कहते हैं कि दर्शक आज भी फिल्मों के संगीत से गहराई से जुड़ते हैं।

उनके अनुसार, ‘प्रेम कीटाणु’ को दर्शकों के सामने सिर्फ कलाकारों के नाम के सहारे नहीं, बल्कि उसकी कहानी और बनाई गई दुनिया के जरिए पहुंचाना है। संगीत उस दुनिया को पहचान देने और लोगों तक उसका भाव पहुंचाने का एक अहम जरिया बनेगा।

‘प्रेम कीटाणु’ की रिलीज और कलाकार

‘प्रेम कीटाणु’ का निर्देशन अपूर्व सिंह कार्की ने किया है। गौरव वर्मा ने इसे अपने बैनर अवनीका फिल्म्स के तहत प्रोड्यूस किया है। फिल्म को Phars Films के साथ मिलकर Bhavana Studios के सहयोग से प्रस्तुत किया जा रहा है।

फिल्म में वीर पहाड़िया, आफिया सैयद, अपारशक्ति खुराना, राकेश बेदी और निखिल विजय अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। इसकी कहानी युवाओं की दोस्ती, प्रेम और बड़े होने के दौरान सामने आने वाले भावनात्मक अनुभवों को समेटती है।

‘प्रेम कीटाणु’ 2 अक्टूबर 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। सात गानों वाला इसका एल्बम फिल्म की कहानी और नए कलाकारों को दर्शकों से जोड़ने की कोशिश करेगा।

Sandhya Samay News

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