ओडिशा के मलकानगिरी जिले में भारी बारिश और चक्रवात ‘अर्नब’ के कारण जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। यह तूफान और तेज हवाओं ने जिले के यातायात और जनजीवन पर गंभीर प्रभाव डाला है। राष्ट्रीय राजमार्ग-326 पर पानी भरने के कारण सैकड़ों गाड़ियां फंसी हुई हैं, जिससे आवागमन बाधित हो रहा है।
इसके अलावा, भारी बारिश के कारण कई जगह पेड़ गिरने से सड़कें बंद हो गई हैं, जिससे आपातकालीन सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। इस प्राकृतिक संकट के मद्देनजर, जिला प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से हाईवे को बंद कर दिया है और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।
राष्ट्रीय राजमार्ग-326 पर जलभराव
राष्ट्रीय राजमार्ग-326, जो मलकानगिरी और आसपास के इलाकों को जोड़ता है, इस समय पानी से पूरी तरह भर चुका है। अधिकारियों के अनुसार, इस मार्ग पर फंसे गए वाहन और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तुरंत प्रभाव से हाईवे को बंद कर दिया गया है।
जिले के विभिन्न हिस्सों में जलभराव की स्थिति विकराल हो गई है, जिससे यातायात व्यवस्था पूरी तरह से बाधित हुई है। जिला प्रशासन ने ट्रैफिक को नियंत्रित करने और फंसे हुए वाहनों को निकालने के लिए राहत दलों को तैनात किया है।
भारी बारिश और पेड़ गिरने से सड़कों का बंद होना
मलकानगिरी और आसपास के इलाकों में लगातार तीन दिनों से हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है। कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिससे लोगों का घरों में फंसना और आवश्यक सेवाओं का प्रभावित होना आम बात हो गई है। साथ ही, तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ गिर गए हैं, जिससे सड़कें बाधित हो गई हैं। बालासोर, गजपति और खोरदा जैसे जिलों में भी भारी बारिश से जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।

प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य
जिला प्रशासन और स्थानीय पंचायतें प्रभावित लोगों के लिए राहत सामग्री पहुंचाने में जुटी हैं। खान-पान, पानी, और आवश्यक दवाइयों का वितरण किया जा रहा है ताकि फंसे हुए लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो। राहत कार्यों में वायु और नाव सेवाओं का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। बालासोर और गजपति जिलों में फायर सर्विस की टीमें सक्रिय हैं और पेड़ गिरने की घटनाओं में लोगों को सुरक्षित निकाला जा रहा है।
चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव
मलकानगिरी में चक्रवात ‘अर्नब’ का प्रभाव तेज़ हो रहा है। मौसम विभाग ने दो दिन का रेड अलर्ट जारी किया है, जो अगले कुछ घंटों में और भीषण हो सकता है। जिला प्रशासन ने पहले ही प्रभावी कदम उठाते हुए सभी आवश्यक तैयारियां कर ली हैं। जिला अधिकारी बेदाबर प्रधान ने कहा कि प्रभावित इलाकों में आपसी संपर्क टूट चुका है, और राहत कार्य तेज कर दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री का आपदा प्रबंधन और एसओएस
ओडिशा के मुख्यमंत्री ने सभी जिलों के लिए आपदा प्रबंधन के आदेश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित विभागों को हाईअलर्ट पर रखा गया है और प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सेवाएं तुरंत प्रदान की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
बालासोर, गजपति, और खोरदा जैसे जिलों में फायर विभाग, एनडीआरएफ, और आपदा प्रबंधन टीमें सक्रिय हैं। फायर सर्विस ने गिर चुके पेड़ को हटाने का कार्य किया है और राहत सामग्री का वितरण किया है। रेणुमा में एक घर गिरने की घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई है, जबकि एक बच्चा घायल हो गया है।

























