मोहन बाबू यूनिवर्सिटी और फिजिक्सवाला के बीच नई साझेदारी

आंध्र प्रदेश का प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय, मोहन बाबू यूनिवर्सिटी (एमबीयू), भारत के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में से एक है। अपनी उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षण प्रणाली, शोध और नवाचार के लिए प्रसिद्ध, एमबीयू ने हमेशा विद्यार्थियों के समग्र विकास पर ध्यान केंद्रित किया है।

मोहन बाबू यूनिवर्सिटी और फिजिक्सवाला की नई साझेदारी

HIGHLIGHTS

  • उद्योग से जुड़ी शिक्षा के लिए मील का पत्थर कदम
  • छात्रों को उद्योग अनुभव देने का यह खास पहल
  • उच्च शिक्षा में कॉर्पोरेट कौशल का नया अध्याय
  • AI, डेटा साइंस से करियर बनाने का नया रास्ता

तिरुपति में आयोजित एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में, मोहन बाबू यूनिवर्सिटी (एमबीयू) और प्रमुख भारतीय एडटेक प्लेटफॉर्म, फिजिक्सवाला (पीडब्ल्यू स्किल्स) ने अपने सहयोग का औपचारिक शुभारंभ किया। इस साझेदारी का उद्देश्य है, शिक्षा को उद्योग की आवश्यकताओं से जोड़ना और छात्रों को करियर के लिए तैयार करना, जिससे उन्हें बदलते रोजगार बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिले। यह कदम भारत में उच्च शिक्षा और व्यावहारिक कौशल विकास के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकता है।

मोहन बाबू यूनिवर्सिटी (एमबीयू) का परिचय

आंध्र प्रदेश का प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय, मोहन बाबू यूनिवर्सिटी (एमबीयू), भारत के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में से एक है। अपनी उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षण प्रणाली, शोध और नवाचार के लिए प्रसिद्ध, एमबीयू ने हमेशा विद्यार्थियों के समग्र विकास पर ध्यान केंद्रित किया है।

अब, इस नई साझेदारी के माध्यम से, विश्वविद्यालय अपने छात्रों को उद्योग की वास्तविक दुनिया से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि वे स्नातक होने के बाद तुरंत कार्यस्थल में योगदान दे सकें।

फिजिक्सवाला (पीडब्ल्यू स्किल्स) का परिचय

भारतीय एडटेक सेक्टर में अग्रणी, फिजिक्सवाला छात्रों के करियर को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का कार्य कर रहा है। यह प्लेटफॉर्म, अपने व्यापक कोर्स, परियोजनाएं और उद्योग विशेषज्ञों के साथ संवाद के माध्यम से, छात्रों को तकनीकी और व्यावहारिक कौशल सिखाने में मदद करता है। फिजिक्सवाला का लक्ष्य है, छात्रों को न केवल सैद्धांतिक ज्ञान देना, बल्कि उन्हें वास्तविक उद्योग के माहौल में काम करने के लिए तैयार करना।

साझेदारी का मकसद और लाभ

इस संयुक्त प्रयास का मुख्य उद्देश्य है, छात्रों को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप व्यावहारिक प्रशिक्षण देना। इसमें उद्योग के विशेषज्ञों द्वारा संचालित कार्यशालाएं, परियोजनाएं, टूल और तकनीकों का अनुभव, और नौकरी की तैयारी के लिए विशेष सत्र शामिल हैं।

यह मॉडल, दो-शिक्षक प्रणाली पर आधारित है, जिसमें एक तरफ उद्योग के विशेषज्ञ छात्र को व्यावहारिक अनुभव कराते हैं, और दूसरी तरफ विश्वविद्यालय के शिक्षक शैक्षिक मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। इस प्रक्रिया में, छात्र तीन सेमेस्टर के दौरान इन कौशलों का विकास करेंगे, और विभिन्न लर्निंग पाथवे जैसे डेटा एनालिटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, डिजिटल मार्केटिंग, और फुल स्टैक डेवलपमेंट में विशेषज्ञता हासिल कर सकेंगे।

उद्देश्य और अपेक्षाएँ

इस साझेदारी का उद्देश्य है, छात्रों को रोजगार के नए अवसरों के लिए तैयार करना। विष्णु मांचू, उप कुलाधिपति (प्रो-चांसलर), ने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि हमारे छात्र उद्योग की बदलती जरूरतों के अनुरूप खुद को ढाल सकें। फिजिक्सवाला के साथ यह सहयोग, उन्हें AI, डेटा साइंस, और डिजिटल ट्रेंड्स में विशेषज्ञता विकसित करने का अवसर प्रदान करेगा।”

वहीं, कार्यकारी निदेशक विनय माहेश्वरी का मानना है कि, “सिर्फ परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करना जरूरी नहीं है, बल्कि व्यावहारिक अनुभव और उद्योग से जुड़ाव भी जरूरी है। हमारा लक्ष्य है, हर एमबीयू स्नातक को आत्मविश्वास के साथ कार्यस्थल में कदम रखने की तैयारियों के साथ भेजना।”

फिजिक्सवाला के सह-संस्थापक, अलख पांडे, ने कहा, “शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य छात्रों को रोजगार योग्य बनाना है। हमारी साझेदारी का मकसद है, कॉलेज के दौरान ही उद्योग का अनुभव प्रदान करना, ताकि छात्र अपने कौशलों का विकास कर सकें और भविष्य की चुनौतियों का सामना कर सकें।”

भविष्य की दिशा और महत्व

यह साझेदारी भारत में उच्च शिक्षा और उद्योग के बीच मजबूत सेतु का कार्य करेगी। इससे छात्रों को व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा, जो उन्हें रोजगार के अवसरों के साथ-साथ नए कौशल सीखने में भी मदद करेगा। यह कदम देश के युवाओं को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है, जो भारत के आर्थिक विकास और डिजिटल परिवर्तन के साथ मेल खाता है।

यह साझेदारी न केवल छात्रों के करियर को मजबूत करेगी, बल्कि उद्योग की मांगों को पूरा करने वाली एक नई पीढ़ी तैयार करेगी। मोहन बाबू यूनिवर्सिटी और फिजिक्सवाला का यह कदम, शिक्षा के क्षेत्र में एक नई क्रांति का संकेत है, जो भविष्य के भारत के निर्माण में सहायक सिद्ध हो सकता है।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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