संध्या समय न्यूज
Maharastra News : महाराष्ट्र आवास और क्षेत्र विकास प्राधिकरण (म्हाडा) के साथ कथित तौर पर 121 करोड़ रुपये से अधिक की बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। इस गंभीर मामले में मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने कई प्रमुख बिल्डर्स और डेवलपर्स के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। आरोप है कि डेवलपर्स ने ट्रांजिट आवास का किराया न चुकाकर प्राधिकरण को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाया है।
ट्रांजिट आवास के किराये में गड़बड़ी
घटना की शिकायत मुंबई भवन मरम्मत एवं पुनर्निर्माण बोर्ड के उप मुख्य अधिकारी मोहन रावसाहेब बोबड़े ने दर्ज कराई है। पुलिस के अनुसार, प्राधिकरण ने वर्ष 1996 से 2021 के दौरान विभिन्न पट्टे समझौतों और अनापत्ति प्रमाण पत्रों के माध्यम से डेवलपर्स को अस्थायी ट्रांजिट आवास आवंटित किए थे। शुरुआत में डेवलपर्स ने कुछ समय तक किराया चुकाकर प्राधिकरण का विश्वास हासिल किया, लेकिन बाद में उन्होंने भुगतान बंद कर दिया।
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इन बिल्डर्स पर लगे आरोप
पुलिस ने दर्ज प्राथमिकी में कई बड़ी कंपनियों और डेवलपर्स को आरोपी बनाया है। इनमें **9एम इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड, नखवा एंड जसोल डेवलपर्स, प्रदीप गोरा गांधी, जेके बिल्डर, अलहमद डेवलपर, वर्धमान डेवलपर, उदिति प्रेमिसेस प्राइवेट लिमिटेड, संघवी प्रेमिसेस प्राइवेट लिमिटेड, आरआर बिल्डर्स और हरे कृष्णा बिल्डर्स एंड डेवलपर्स** के नाम शामिल हैं। आरोप है कि इन डेवलपर्स ने समझौते की शर्तों का उल्लंघन करते हुए लंबे समय तक किराया नहीं चुकाया।
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ईओडब्ल्यू में तेज जांच
मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा के अधिकारी अतुल निकम के नेतृत्व में की जा रही है। पुलिस ने सभी संबंधित दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि प्राधिकरण को कितने समय से और कितनी राशि का नुकसान हुआ है। फिलहाल इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
























