ऋषी तिवारी
सेक्टर-62 स्थित प्रतिष्ठित संस्थान आईएमएस नोएडा (IMS Noida) में भारतीय परंपराओं को संजोते हुए ‘फूलों की होली’ का भव्य आयोजन किया गया। इस सांस्कृतिक उत्सव के दौरान संस्थान के परिसर में भारतीय संस्कृति के विविध रंग देखने को मिले। छात्रों ने लोक-नृत्य, लोक-संगीत और फूलों के माध्यम से पारंपरिक अंदाज में होली खेलकर प्रेम और भाईचारे का संदेश दिया।
लोकगीतों और नृत्य ने बांधा समा
आईएमएस कल्चरल क्लब की हेड मीतु चौधरी ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुई। छात्रों ने होली के पारंपरिक गीतों पर नृत्य एवं संगीत की मनमोहक प्रस्तुति दी। इस अवसर पर कई विशेष प्रस्तुतियां हुईं, जिन्होंने दर्शकों का दिल जीत लिया है कि बरसाना की होली इस प्रस्तुति ने राधा-कृष्ण के प्रेम और ब्रज की परंपरा को जीवंत कर दिया। विविध लोक कलाएं सांगला और हरियाणा की होली के अलावा ग्रुप डांस, सूफी गायन, सोलो संगीत और कविता पाठ ने कार्यक्रम को और भव्य बनाया। कार्यक्रम के अंत में छात्रों और शिक्षकों ने एक-दूसरे पर पुष्प वर्षा कर ‘फूलों की होली’ खेली, जो प्रकृति के प्रति सम्मान और पर्यावरण प्रेम का प्रतीक था।
‘प्रेम और समरसता का पर्व है होली’: चिराग गुप्ता
संस्थान के वाइस प्रेसिडेंट चिराग गुप्ता ने सभी को होली की शुभकामनाएं देते हुए कहा, “होली प्रेम, सौहार्द और सामाजिक समरसता का पर्व है। फूलों की होली का यह आयोजन हमारी सांस्कृतिक विरासत को संजोने के साथ-साथ प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी को भी दर्शाता है।”
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शिक्षकों का दायित्व- राष्ट्र निर्माण में भूमिका
संस्थान के महानिदेशक प्रोफेसर (डॉ.) विकास धवन ने शिक्षकों एवं छात्रों को सुखद और समृद्ध जीवन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, “शिक्षकों का दायित्व है कि वे विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण को प्राथमिकता दें और संस्कारों के सुनहरे रंगों से राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।”
वहीं, डीन डॉ. नीलम सक्सेना ने कार्यक्रम को सफल बनाने वाले छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि होली उल्लास, उमंग और सकारात्मक ऊर्जा का उत्सव है। इस तरह के आयोजन भगवान श्रीकृष्ण और राधा जी के निश्छल प्रेम को समझने और आत्मसात करने का एक बेहतरीन अवसर प्रदान करते हैं।

























