ऋषि तिवारी
नोएडा। सेक्टर-62 स्थित आईएमएस-डीआईए के छात्रों ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय हस्तशिल्प एवं हथकरघा संग्रहालय का शैक्षिक भ्रमण किया। इस भ्रमण का उद्देश्य छात्राओं को भारतीय कला, शिल्पकला और हथकरघा परंपराओं की गहराई से जानकारी प्रदान करना था। भ्रमण के दौरान छात्राओं ने संग्रहालय में प्रदर्शित विभिन्न शिल्प कृतियों, वस्त्रों, लोककला और आदिवासी कृतियों का अवलोकन किया। उन्होंने भारतीय शिल्पकारों की समृद्ध परंपरा, विविधता और सांस्कृतिक धरोहर से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त कीं।
आईएमएस-डीआईए की सीएमडी श्रीमती शिल्पी गुप्ता ने कहा कि भारतीय कला और शिल्प हमारी सांस्कृतिक धरोहर के अमूल्य प्रतीक हैं। इस प्रकार के शैक्षिक भ्रमण न केवल छात्रों को परंपरा और विरासत से जोड़ते हैं, बल्कि उन्हें नवाचार और डिजाइन की दुनिया में अपनी रचनात्मक पहचान बनाने के लिए भी प्रेरित करते हैं।
आईएमएस के महानिदेशक प्रोफेसर (डॉ.) विकास धवन ने कहा कि शैक्षिक भ्रमण छात्रों को किताबी ज्ञान से हटकर व्यावहारिक समझ प्रदान करते हैं। साथ ही भारत की कला और संस्कृति को समझने विद्यार्थियो के समग्र विकास और सृजनात्मक दृष्टिकोण को प्रोत्साहित करता है। आईएमएस-डीआईए के डीन प्रोफेसर (डॉ.) एम.के.वी. नायर ने कहा कि यह शैक्षणिक भ्रमण छात्रों को भारतीय कला और शिल्प की गहराई से परिचित कराते हुए उन्हें आधुनिक डिजाइन और नवाचार की दिशा में सोचने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी और वैश्विक परिदृश्य में ऐसे अनुभव छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ाते हैं तथा उनकी रचनात्मकता को नए स्वरूप प्रदान करते हैं।