साल का पहला चंद्र ग्रहण: समय, प्रभाव और राशियों की जानकारी

साल का पहला चंद्र ग्रहण आज (फाइल फोटो)

सत्य ऋषी


वर्ष 2026 का पहला चंद्र ग्रहण आज (3 मार्च) का दिन बड़े खगोलीय महत्व का है। यह ग्रहण न केवल भारत के कई हिस्सों में दिखाई देगा, बल्कि इसका सूतक काल भी मान्य होगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यह खगोलीय घटना सिंह राशि और पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में हो रही है, जिसका सीधा असर व्यक्ति की मानसिक स्थिति पर पड़ने की संभावना है।

सूतक काल कब से शुरू?

चूंकि यह ग्रहण भारत में दृश्यमान है, इसलिए इसका सूतक काल पहले से ही प्रभाव में आ चुका है। जानकारी के मुताबिक, चंद्र ग्रहण से 9 घंटे पहले यानी आज सुबह **6 बजकर 20 मिनट** से ही सूतक काल शुरू हो चुका है। ऐसे में धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।

दुबई में फंसी 6 साल की बेटी की बात सुन सिंगर एमी विर्क हुए इमोशनल

ग्रहण का समय और अवधि

साल का पहला चंद्र ग्रहण दोपहर 3 बजकर 20 मिनट पर शुरू होगा और शाम 6 बजकर 46 मिनट पर समाप्त होगा। इस प्रकार ग्रहण की कुल अवधि लगभग 3 घंटे 27 मिनट रहेगी।

भारत में कब और कैसे दिखेगा?

भारत में इस ग्रहण को देखने का समय विशेष है। चूंकि चंद्रमा का उदय शाम 5 बजकर 59 मिनट पर होगा, जबकि ग्रहण दोपहर 3:20 बजे से ही शुरू हो चुका होगा। ऐसे में जब चंद्रमा का उदय होगा, तब तक ग्रहण का अंतिम चरण (मोक्ष काल) होगा।

  • दृश्यता: पूरे भारत में यह ग्रहण शाम 5:59 बजे के बाद ही दिखाई देना शुरू होगा।
  • स्थिति: भारत में केवल ग्रहण का मोक्ष काल दिखाई देगा। ग्रहण का आरंभ और मध्यकाल दिखाई नहीं देगा क्योंकि वह चंद्रोदय से पहले ही हो चुका होगा।
  • स्पष्टता: यह भारत के पूर्वी हिस्सों में अधिक स्पष्ट दिखाई देगा, जबकि अन्य क्षेत्रों में आंशिक रूप से नजर आएगा।
  • वैश्विक दृश्य: भारत के अलावा यह ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण-पूर्व एशिया, प्रशांत महासागर और अमेरिका के कुछ हिस्सों में भी देखा जा सकेगा।

किन राशियों पर पड़ेगा गहरा असर?

ज्योतिषियों के अनुसार, यह ग्रहण सिंह राशि में लग रहा है, जिससे इस राशि के जातकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। इसके अलावा कर्क राशि और कुंभ राशि के लोगों को भी सतर्क रहना होगा।

  • सिंह राशि: आने वाले कुछ दिनों तक जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला न लें और विवादों से दूर रहें।
  • सामान्य प्रभाव: जिनकी कुंडली में चंद्रमा कमजोर है, उन्हें मानसिक तनाव या चिंता का सामना करना पड़ सकता है। विश्व परिदृश्य पर इसका असर सत्ता में उथल-पुथल और राजनीतिक बदलाव के रूप में भी देखा जा सकता है।

Sandhya Samay News

संध्या समय न्यूज़ – आपके विश्वास की आवाज़ संध्या समय न्यूज़ की स्थापना वर्ष 2018 में की गई, जो कि MSME में विधिवत रूप से पंजीकृत है। हमारा उद्देश्य समाज तक सटीक, निष्पक्ष और भरोसेमंद समाचार पहुँचाना है। हम देश-प्रदेश की ताज़ा खबरों, सामाजिक मुद्दों, और जनहित से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों को आपके सामने सरल और स्पष्ट रूप में प्रस्तुत करते हैं। हम अपने सभी दर्शकों और पाठकों का दिल से आभार व्यक्त करते हैं, जिन्होंने हमें लगातार देखा, समझा और अपना विश्वास बनाए रखा। आपकी यही सराहना और समर्थन हमें और बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करता है। संध्या समय न्यूज़ हमेशा सत्य, निष्पक्षता और जनसेवा के मूल्यों पर कार्य करता रहेगा।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now