Delhi Tourism News: जब भी हम राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का जिक्र करते हैं, तो हमारे मन में आमतौर पर मुगलकालीन विरासत, भव्य ऐतिहासिक इमारतें या फिर आधुनिक महानगर की रौनक उभरती है। लेकिन सच्चाई इससे कहीं अधिक गहरी है। दिल्ली सदियों से आस्था, अध्यात्म और सांस्कृतिक विविधता का एक जीवंत केंद्र रही है। अब इसी छिपी हुई धरोहर को दुनिया के सामने लाने के लिए दिल्ली सरकार ने एक बेहद खास और अनूठा कदम उठाया है।
दिल्ली में ‘स्पिरिचुअल टूरिज्म’ (आध्यात्मिक पर्यटन) को नई दिशा देने के उद्देश्य से मंगलवार को अक्षरधाम मंदिर परिसर में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रख्यात आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु (Sadhguru) की गरिमामयी उपस्थिति में चार नए टूरिज्म सर्किट का शुभारंभ किया। ये सर्किट अगले महीने यानी सितंबर से पूरी तरह सक्रिय होने की उम्मीद है।

सद्गुरु ने रखा ‘इंद्रप्रस्थ’ और ‘तुगलक रोड’ बदलने का प्रस्ताव
इस विशेष आयोजन में मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद सद्गुरु ने अध्यात्म और पर्यटन के इस मिलनजुलन को एक नया आयाम दिया। उन्होंने मंच से सीधे सीएम रेखा गुप्ता को एक बड़ा सुझाव देते हुए कहा कि अगर दिल्ली का नाम बदलने पर विचार हो रहा है, तो इसे ‘इंद्रप्रस्थ’ के नाम से अभिहित किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे खुद इस बात के पक्षधर हैं।
इसके साथ ही सद्गुरु ने एक और संवेदनशील मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में कई ऐसे शासकों के नाम पर सड़कें हैं, जिनका इतिहास बेहद क्रूर रहा है। उन्होंने ‘तुगलक रोड’ का उदाहरण देते हुए कहा कि तुगलक का नाम नरसंहर (जेनोसाइड) से जुड़ा है, इसलिए ऐसी सड़कों के नाम बदलने चाहिए।
सीएम ने दिल्ली को बताया जीता-जागता संग्रह
इस मौके पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली को भारतीय सभ्यता का एक जीवंत संग्रह बताया। उन्होंने कहा कि यहां का इतिहास महभारतकालीन ‘इंद्रप्रस्थ’ से लेकर आधुनिक युग के जंतर-मंतर तक की लंबी यात्रा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकास भी, विरासत भी’ के स्वप्न को साकार करते हुए दिल्ली टूरिज्म ने 21 अद्भुत स्थलों को जोड़कर चार विशेष सर्किट तैयार किए हैं।
चारों आध्यात्मिक सर्किटों का विस्तृत रूट प्लान
इन सर्किटों को पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है, ताकि एक ही यात्रा में अलग-अलग युगों के अनुभव मिल सकें:
- सोल ऑफ दिल्ली : यह रूट आस्था और वास्तुकला का अद्भुत संगम है। इसमें श्रद्धा के प्रतीक गुरुद्वारा बंगला साहिब, ईसाई धर्म की भव्यता सेक्रेड हार्ट कैथेड्रल, इतिहास की गहराई अग्रसेन की बावली, आधुनिक वास्तुकला का उत्कृष्ट नमूना लोटस टेंपल और अंत में अक्षरधाम मंदिर शामिल है।
- हेरिटेज ऑफ दिल्ली : इस सर्किट को दिल्ली के पुराने और अनूठे धार्मिक स्थलों को जोड़कर बनाया गया है। इसके तहत पर्यटक बिड़ला मंदिर, ऐतिहासिक झंडेवालान मंदिर, विज्ञान का प्रतीक जंतर-मंतर, भगवान जगन्नाथ मंदिर और प्राचीन योगमाया मंदिर की यात्रा करेंगे।
- सेक्रेड हार्मनी : जैसा कि नाम से जाहिर है, यह रूट सदियों पुरानी दिल्ली और मध्यकालीन इतिहास की महक से भरा है। इसमें प्राचीन हनुमान मंदिर, जैन लाल मंदिर, आधुनिक भारत के निर्माता बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की यादगार (अंबेडकर मेमोरियल), पुराना किला और रूहानी सुकून देने वाली हजरत निजामुद्दीन दरगाह को शामिल किया गया है।
- इकोज ऑफ दिल्ली : यह एक आध्यात्मिक और पुरातात्विक मार्ग है। इस रूट पर गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब, बुद्ध मंदिर, चर्च ऑफ रिडेम्पशन, महरौली आर्कियोलॉजिकल पार्क के पुरातात्विक अवशेष और विशाल छत्तरपुर मंदिर की सैर कराई जाएगी।
इलेक्ट्रिक बसों का इंतजाम
पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए इन सभी रूट्स पर आधुनिक इलेक्ट्रिक बसें (EV Buses) चलाई जाएंगी। पर्यटन विभाग की योजना के अनुसार, ये बसें एक-एक दिन के अंतर पर अलग-अलग सर्किटों पर चलेंगी। इससे यात्रियों को किफायती, आरामदायक और बिल्कुल प्रदूषण मुक्त यात्रा का अनुभव होगा।
आज अक्षरधाम मंदिर में ‘आध्यात्मिक एवं विरासत पर्यटन सम्मेलन 2026’ में सम्मिलित हुई। इस अवसर पर आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु जग्गी वासुदेव जी का सानिध्य प्राप्त हुआ।
दिल्ली अपने भीतर युगों का इतिहास समेटे है। यहां इंद्रप्रस्थ की स्मृतियां और भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी सभ्यतागत विरासत… pic.twitter.com/CAvMT4uAF5
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) August 11, 2026
दिल्ली टूरिज्म डिपार्टमेंट का मानना है कि राजधानी में कई ऐसी धार्मिक और ऐतिहासिक जगहें हैं जो टूरिस्ट मैप से ओझल हो गई हैं। चाहे योगमाया मंदिर का अनछुआ इतिहास हो या महरौली के खंडहर, इन्हें अब ग्लोबल एक्सपोजर मिलेगा।
दिल्ली के पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा के अनुसार, यह कदम सिर्फ पर्यटन तक सीमित नहीं है। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी जबरदस्त ताकत मिलेगी। इन रूट्स पर लोकल गाइड्स, ट्रांसपोर्टर्स, रेस्तरां मालिकों और हस्तशिल्प विक्रेताओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।























