Bhiwandi News: भिवंडी में चार मंजिला इमारत का क्षतिग्रस्त होना एक गंभीर हादसा है, जिसने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। यह घटना महाराष्ट्र के भिवंडी शहर के भंडारी कंपाउंड के गंगाराम वाड़ी इलाके में हुई, जहां बालाजी नगर क्षेत्र में स्थित कोहिनूर बिल्डिंग का एक बड़ा हिस्सा अचानक ढह गया। यह हादसा गुरुवार रात लगभग साढ़े 11 बजे हुआ, जिसमें अब तक छह लोगों की मौत हो चुकी है और कई अन्य लोग मलबे में फंसे होने की आशंका है। राहत और बचाव कार्य तेज गति से चल रहा है, और एनडीआरएफ, फायर ब्रिगेड और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर हैं।
हादसे का कारण और बिल्डिंग का इतिहास
यह इमारत पहले ही खतरनाक स्थिति में घोषित की जा चुकी थी। भिवंडी नगर निगम ने इसे ‘सी-कैटेगरी’ यानी अत्यंत जर्जर और खतरनाक श्रेणी में रखा था। इस बिल्डिंग को पहले ही कई नोटिस जारी किए गए थे, जिसमें निवासियों को इसके खतरनाक होने के कारण खाली करने को कहा गया था। बावजूद इसके, कुछ हिस्सों में मरम्मत का काम चल रहा था। रिपोर्टों के अनुसार, मरम्मत के दौरान कुछ पिलरों को तोड़ा गया था, जिससे नींव कमजोर पड़ गई और इमारत का एक बड़ा हिस्सा गिर गया। यह घटना तब हुई जब ग्राउंड फ्लोर पर मरम्मत का कार्य चल रहा था और रात के समय निर्माणाधीन हिस्से में मजदूर काम कर रहे थे।
घटना का विवरण और राहत कार्य
हादसे के समय इमारत में 5 से 9 मजदूर मौजूद थे। इनमें से कुछ लोग सामान निकालने का कार्य कर रहे थे, जबकि अन्य अंदर ही थे। जैसे ही इमारत का एक हिस्सा भरभराकर गिरा, कई मजदूर मलबे में फंस गए। घटना की जानकारी मिलते ही भिवंडी फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत कार्य शुरू किया। एनडीआरएफ की टीमें भी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं और भारी मशीनों के जरिए मलबा हटाने का काम शुरू किया। राहत कार्य के दौरान, मलबे में दबे हुए लोगों को बाहर निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं, और अभी तक कुछ लोगों को सुरक्षित निकालने में सफलता मिली है।
रेस्क्यू ऑपरेशन और अब तक की स्थिति
रिस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है। एनडीआरएफ की टीमों ने एक महिला को जिंदा सुरक्षित निकाला है, जिसे उपचार के लिए पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा, दो अन्य लोगों को भी सुरक्षित निकाला गया है। अभी तक आधिकारिक तौर पर किसी मौत की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन मलबे में फंसे लोगों का पता लगाने और उन्हें सुरक्षित निकालने का कार्य जारी है। स्थानीय लोग और अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं, और घायलों को प्राथमिक उपचार दिया जा रहा है।
प्रशासनिक कदम और सुरक्षा उपाय
भिवंडी नगर निगम ने इस इमारत को पहले ही खतरनाक घोषित कर दिया था और कई नोटिस जारी किए थे। इसके बावजूद, मरम्मत कार्य के दौरान हुई लापरवाही और नींव कमजोर होने के कारण यह बड़ा हादसा हुआ। प्रशासन ने पूरी घटना की जांच के आदेश दिए हैं, साथ ही साथ मलबे में फंसे लोगों का शीघ्र पता लगाने और राहत कार्य को तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की जा रही है।

स्थानीय प्रतिक्रिया और घटना का असर
हादसे के तुरंत बाद, स्थानीय विधायक महेश चौघुले सहित अन्य नेताओं ने मौके का दौरा किया। उन्होंने कहा कि यह इमारत काफी पुरानी और जर्जर हो चुकी थी, और नगर निगम ने इसे खतरनाक घोषित कर कई नोटिस भी जारी किए थे। स्थानीय लोग भी इस हादसे से स्तब्ध हैं और आशंका व्यक्त कर रहे हैं कि अभी भी कई लोग मलबे में फंसे हो सकते हैं। घटना ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत कर दिया है, और राहत टीमों को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है।
























