Betting Market Trends: जैसे-जैसे पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजों का दिन नज़दीक आ रहा है, देशभर में सियासी तापमान चरम पर है। एग्जिट पोल्स के साथ-साथ मुंबई का अवैध ‘सट्टा बाजार’ भी पूरी तरह से एक्टिव हो गया है। यह अनौपचारिक बेटिंग सिस्टम अक्सर ज़मीनी हालात और अंदरूनी सर्वे का आईना माना जाता है। सट्टा बाजार के ताज़ा भाव और अनुमान कुछ ऐसे संकेत दे रहे हैं, जिनसे कई राज्यों के सत्ता के समीकरण धराशायी हो सकते हैं।
आइए जानते हैं कि मुंबई के सट्टा बाजार ने 5 राज्यों के लिए कैसे रुझान दिखाए हैं:
पश्चिम बंगाल: ममता दीदी की कुर्सी पर खतरे के बादल?
इस बार सबसे बड़ा रणभूमि बंगाल को माना जा रहा है। 294 सीटों वाले इस राज्य में बहुमत का जादुई आंकड़ा 148 है। मुंबई सट्टा बाजार के भाव बता रहे हैं कि भाजपा इस बार इतिहास रच सकती है। अनुमानों के मुताबिक, भाजपा को 175 से 185 सीटें मिल सकती हैं, जो बहुमत से कहीं ज्यादा है। वहीं, ममता बनर्जी की TMC 127 से 132 सीटों तक सिकुड़ती नज़र आ रही है। कांग्रेस और लेफ्ट समेत अन्य दल सिंगल डिजिट में सिमट सकते हैं।
सबसे चौंकाने वाला ट्रेंड यह है कि सट्टा बाजार इस बार ममता बनर्जी से ज्यादा भरोसा भाजपा उम्मीदवार और नेता विपक्ष सुवेंदु अधिकारी पर जता रहा है।
तमिलनाडु: DMK की शानदार वापसी तय?
234 विधानसभा सीटों वाले तमिलनाडु में सट्टा बाजार एमके स्टालिन की बढ़त पर मुहर लगा रहा है। अनुमानों के अनुसार, DMK गठबंधन को 145 से 155 सीटें मिलने की प्रबल संभावना है। वहीं, पारंपरिक रूप से ताकतशाली मानी जाने वाली AIADMK भारी नुकसान में नज़र आ रही है और वह 45 से 65 सीटों तक सिमट सकती है। सुपरस्टार विजय की पार्टी TVK की चर्चा के बीच सट्टा बाजार ने उन्हें 7 से 9 सीटें जीतने का भाव दिया है।

असम: भाजपा का प्रचंड दबदबा कायम
असम में सत्ता परिवर्तन के कोई संकेत नज़र नहीं आ रहे हैं। 126 सीटों वाले इस राज्य में सट्टा बाजार के अनुसार भाजपा का प्रदर्शन शानदार रहने वाला है। भाजपा को 85 से 92 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि कांग्रेस महज़ 34 से 38 सीटों पर सिमटकर रह जाएगी।
केरल: UDF की वापसी के संकेत
140 सीटों वाले केरल में सट्टा बाजार ने एक बार फिर UDF की सरकार बनाने की भविष्यवाणी की है। अनुमानों के मुताबिक UDF को 78 से 85 सीटें मिल सकती हैं, जबकि वर्तमान में सत्ता में मौजूद LDF 56 से 66 सीटों तक सिमट सकती है। हालांकि, इस बार भाजपा भी रडार पर है और उसे 2 से 3 सीटें जीतने का भाव मिल रहा है।
पुडुचेरी: कांटे की टक्कर
पुडुचेरी की 30 सीटों में किसी एक पार्टी की स्पष्ट बहुमत की स्थिति नज़र नहीं आ रही है। सट्टा बाजार के अनुसार यहां NDA को 15 से 18 और इंडिया ब्लॉक को 14 से 17 सीटें मिलने का अनुमान है।
आखिर कैसे काम करता है यह ‘अनौपचारिक चुनावी बाजार’?
यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि सट्टा बाजार पूरी तरह से अवैध है। इसका संचालन लोकल बुकियों के नेटवर्क के ज़रिए फोन, WhatsApp और अन्य गुप्त माध्यमों से किया जाता है। इसका तर्क बेहद सरल है—जिस पार्टी या उम्मीदवार की जीत की संभावना सबसे ज़्यादा मानी जाती है, उस पर दांव लगाने का ‘रेट’ सबसे कम होता है (क्योंकि जोखिम कम होता है)। वहीं, कमजोर पार्टी पर जोखिम ज़्यादा होता है, इसलिए उसका रेट बढ़ा दिया जाता है। लोकल सर्वे, रैलियों में भीड़ और राजनीतिक घटनाक्रम के आधार पर इन रेट्स में लगातार उतार-चढ़ाव आता रहता है।























