संध्या समय न्यूज
Jharkhand News : झारखंड कैडर के 155 भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों की संपत्ति का ब्यौरा सार्वजनिक हो गया है। केंद्र सरकार के पोर्टल पर अपलोड किए गए आंकड़ों ने राज्य के शीर्ष अधिकारियों की वित्तीय स्थिति और उनकी देश भर में फैली संपत्तियों का चित्र सामने रख दिया है। यह जानकारी अधिकारियों ने 31 जनवरी 2026 तक कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के केंद्रीय पोर्टल पर दी है।
कई राज्यों में फैली ‘संपत्ति का साम्राज्य’
सरकारी नियमों के तहत पदोन्नति और पैनल में शामिल होने के लिए संपत्ति विवरण देना अनिवार्य है। इस बार के खुलासे में सबसे चर्चित पहलू यह रहा कि अधिकारियों की संपत्ति झारखंड तक सीमित नहीं है। कई आईएएस अधिकारियों के पास दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और कर्नाटक जैसे राज्यों में कीमती जमीन, फ्लैट और प्लॉट हैं। इसमें कृषि भूमि से लेकर आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियां शामिल हैं।
मुख्य सचिव अविनाश कुमार के पास खजाना
झारखंड के मुख्य सचिव और 1993 बैच के वरिष्ठ अधिकारी अविनाश कुमार ने अपनी विस्तृत संपत्ति दर्ज कराई है। उनकी संपत्ति कई राज्यों में फैली है। बिहार के सीतामढ़ी में 1.18 एकड़ और 20 एकड़ कृषि भूमि, मुजफ्फरपुर में आवासीय जमीन। पटना के बोरिंग रोड में फ्लैट, पाटलिपुत्र कॉलोनी और दानापुर में प्लॉट। नई दिल्ली के द्वारका इलाके में 1780 वर्ग फुट का 4BHK फ्लैट। इस फ्लैट से उन्हें सालाना करीब 5.76 लाख रुपये का किराया मिलता है। यूपी और झारखंड में लखनऊ के गोमती नगर में 6000 वर्ग फुट जमीन तथा रांची के अशोक नगर और धुर्वा में बड़े भूखंड दर्ज हैं।
पूजा सिंघल की संपत्ति भी सामने
2000 बैच की आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल की संपत्ति भी चर्चा में है। उनके पास कोलकाता के राजारहाट में घर और रांची के कांके में बड़ा प्लॉट है। उनके पति के नाम रांची में व्यावसायिक स्थान है, जिससे सालाना करीब 13 लाख रुपये की आय होती है।
अन्य प्रमुख अधिकारियों की संपत्ति
- मनीष रंजन (2002): पुणे, रांची और देहरादून में संपत्तियां।
- मंजूनाथ भजंत्री (2011): पत्नी के साथ संयुक्त रूप से बेंगलुरु और रांची में संपत्ति।
- छबी रंजन और अरवा राजकमल: रांची के विभिन्न इलाकों में फ्लैट और आवास।
दो अधिकारियों ने दिखाई ‘शून्य’ संपत्ति
सबसे आकर्षक पहलू यह है कि दो अधिकारियों ने अपनी संपत्ति ‘शून्य’ बताई है। 1996 बैच के मस्त राम मीना और 2005 बैच के के. श्रीनिवासन ने अपने संपत्ति कॉलम में शून्य ही दर्ज किया है।
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विनय चौबे ने नहीं दी जानकारी
कुछ अधिकारियों ने अभी तक इस विवरण को अपलोड नहीं किया है। इनमें वरिष्ठ आईएएस विनय चौबे शामिल हैं, जो शराब घोटाले के मामले में जेल में बंद हैं और लंबे समय तक मुख्यमंत्री कार्यालय में तैनात रह चुके हैं।
























