अखिलेश यादव का मोदी सरकार पर तीखा हमला

अखिलेश यादव ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक 2023 में ही संसद और विभिन्न राज्यों की विधानसभाओं से स्वीकृति प्राप्त कर चुका है। यह कानून पिछले साल ही सर्वसम्मति से पारित हुआ था, लेकिन अभी तक इसे लागू नहीं किया गया है।

उत्तर प्रदेश में स्कूल बंद, अखिलेश ने सरकार का किया बुरा हाल

HIGHLIGHTS

  • महिला आरक्षण पर अखिलेश का बड़ा बयान, लागू करने का सुझाव
  • भाजपा विभाजन जश्न मना रही, अखिलेश ने किया खुलासा
  • तिरंगे का अपमान क्यों, भाजपा पर अखिलेश का सवाल
  • महंगाई, बेरोजगारी और शिक्षा का संकट, सोशल मीडिया पर चर्चा

UP News: देश के प्रमुख राजनीतिक दल समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषण पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि लाल किले से झूठ बोलना उचित नहीं है और इस ऐतिहासिक स्थल का सम्मान बनाए रखना चाहिए।

अखिलेश यादव ने विशेष रूप से महिला आरक्षण विधेयक को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह विधेयक 2023 में ही संसद और विधानसभाओं से पारित हो चुका है और अब इसे लागू करने का समय आ गया है। उन्होंने सुझाव दिया कि इसे 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान लागू किया जाना चाहिए ताकि महिलाओं को चुनाव लड़ने का उचित अवसर मिल सके।

महिला आरक्षण विधेयक और सरकार का दोहरा रवैया

अखिलेश यादव ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक 2023 में ही संसद और विभिन्न राज्यों की विधानसभाओं से स्वीकृति प्राप्त कर चुका है। यह कानून पिछले साल ही सर्वसम्मति से पारित हुआ था, लेकिन अभी तक इसे लागू नहीं किया गया है। यादव का तर्क है कि यदि केंद्र और राज्य सरकार वास्तव में महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देना चाहती हैं, तो इसे तुरंत लागू किया जाना चाहिए। उनका यह भी मानना है कि इस कानून के लागू होने से महिलाओं को राजनीतिक मैदान में मजबूत भागीदारी का मौका मिलेगा।

सपा प्रमुख का यह भी आरोप है कि भाजपा और उसकी सहयोगी पार्टियां विभाजन का जश्न मनाने में लगी हैं। उनका आरोप है कि भाजपा और उसके सहयोगी संगठन विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस को भी अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए जश्न का रूप दे रहे हैं। यादव ने कहा कि यह दिन राष्ट्रीय एकता और स्वतंत्रता संग्राम के उद्देश्य को भूलकर विभाजन के दर्द को भड़काने का कार्य कर रहा है। उनका दावा है कि भाजपा का इतिहास और भूमिका विभाजन में रही है, और वह इस विभाजन को जश्न मनाने का अवसर बनाना चाहती है।

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस और राष्ट्रवाद का सवाल

अखिलेश यादव ने कहा कि देश का संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत बनाने के लिए सभी राजनीतिक दलों को मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने राष्ट्रवाद के मुद्दे पर भी भाजपा पर तंज कसा। यादव ने कहा कि भाजपा का राष्ट्रवाद केवल एक रंग का है, जबकि समाजवादी विचारधारा का राष्ट्रवाद सभी रंगों को समेटे हुए है। उनका तर्क है कि राष्ट्रभक्ति का मतलब केवल तिरंगे को फहराना या जश्न मनाना नहीं, बल्कि देश के विविधतापूर्ण समाज में समावेश और समानता स्थापित करना है।

तिरंगे का सम्मान और भाजपा का दोहरा रवैया

अखिलेश यादव ने कहा कि जो लोग कभी तिरंगे का सम्मान नहीं कर सकते थे, वे अब राजनीतिक लाभ के लिए तिरंगा यात्राएं निकाल रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि भाजपा अपने राष्ट्रवाद का प्रदर्शन क्यों नहीं करती। यादव ने कहा कि भाजपा का राष्ट्रवाद एक रंग का है, जबकि समाजवादी पार्टी का राष्ट्रवाद बहुरंगी है, जो विभिन्न समुदायों और संस्कृतियों का सम्मान करता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई भाजपा शासित राज्यों में कभी भी तिरंगा नहीं फहराया गया है।

आर्थिक और सामाजिक मुद्दों पर सरकार की नाकामियां

अखिलेश यादव ने सरकार की आर्थिक नीतियों और सामाजिक सेवाओं की स्थिति को लेकर भी जमकर आलोचना की। उन्होंने कहा कि भारत में प्रति व्यक्ति आय और राशन वितरण जैसे मुद्दे अब बहुत ही गंभीर हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि भारत जैसे विकासशील देश में करोड़ों गरीब परिवारों को राशन देना पड़ता है, जबकि विकसित देशों में यह व्यवस्था नहीं है। यादव ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में निरंतर हो रही वृद्धि का भी उल्लेख किया और कहा कि महंगाई और विदेशी नीतियों के कारण देश की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की गलत नीतियों के कारण शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं कमजोर हो रही हैं। उन्होंने कहा कि भारत में प्राथमिक शिक्षा की स्थिति बहुत ही खराब है। उत्तर प्रदेश में ही 26 हजार से अधिक प्राथमिक विद्यालय बंद हो चुके हैं। पूरे देश में लगभग एक लाख प्राथमिक स्कूल बंद हो गए हैं, जिससे बच्चों का भविष्य खतरे में पड़ गया है। यादव का मानना है कि देश में चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाएं कमजोर हो रही हैं, जबकि विकसित देशों में इन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाती है।

महंगाई, बेरोजगारी और विकास की दिशा

अखिलेश यादव ने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी और शिक्षा की गिरावट जैसी समस्याएं देश के विकास में बाधा बन रही हैं। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि जब देश में जनता के जीवन स्तर को सुधारने का उद्देश्य है, तो फिर गरीबों के लिए राशन, शिक्षा और स्वास्थ्य में इतनी कमी क्यों है। उन्होंने यह भी दावा किया कि उत्तर प्रदेश में सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में 26 हजार से अधिक प्राथमिक विद्यालय बंद किए हैं, जिससे बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं मिल पा रही है।

राष्ट्रवाद और संविधान का महत्व

अखिलेश यादव ने कहा कि देश का मजबूत संविधान ही लोकतंत्र की मजबूती का आधार है। उन्होंने कहा कि संविधान की रक्षा और उसका सम्मान हर देशवासी का कर्तव्य है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत का संविधान विविधता में एकता का संदेश देता है, और यही भारत की शक्ति है। यादव ने कहा कि यदि संविधान मजबूत रहेगा, तो देश मजबूत होगा।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now