NEET पेपर लीक मामले में देशव्यापी छात्र आंदोलन के केंद्र में रही ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके एक बार फिर सुर्खियों में हैं। उनके नेतृत्व में चलाए गए विरोध प्रदर्शनों के चलते जिस ताकत ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देने पर मजबूर किया था, वह अब एक नए मिशन के साथ तैयार है। दीपके ने दिल्ली में दिए एक बयान में साफ तौर पर ऐलान किया है कि ‘जंतर-मंतर का सीजन-2’ बहुत जल्द शुरू होने वाला है।
सोशल मीडिया पर चल रहा था मुहिम का इंतजार
दरअसल, पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म खासकर इंस्टाग्राम पर लोग लगातार यह पूछ रहे थे कि अगला बड़ा प्रदर्शन कब होगा। इस मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए अभिजीत दीपके ने बुधवार को दिल्ली में मीडिया से बातचीत में कहा, “जो लोग लगातार इंस्टाग्राम पर कमेंट करके जंतर-मंतर सीजन 2 की तारीख पूछ रहे थे, उन्हें मैं साफ तौर पर बताना चाहता हूं कि यह बहुत जल्द शुरू होने जा रहा है।”

कैसे शुरू हुई थी CJP की यात्रा?
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की एक विवादित टिप्पणी के बाद भड़के युवाओं के गुस्से को एक नई दिशा देने के लिए अभिजीत दीपके ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की नींव रखी थी। हालांकि, दीपके ने साफ कर दिया है कि उनका उद्देश्य किसी पारंपरिक राजनीतिक पार्टी की तरह चुनाव लड़ना नहीं है, बल्कि यह एक ‘प्रेशर ग्रुप’ (दबाव समूह) के रूप में काम करेगी, जो सिस्टम को जवाबदेह बनाएगी।
NEET आंदोलन और धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा
CJP की सबसे बड़ी सफलता नीट पेपर लीक को लेकर देशभर में भड़काए गए छात्र आंदोलन को सफल बनाना रही। जंतर-मंतर से लेकर देश के अन्य हिस्सों तक, इस आंदोलन ने एक महीने से ज्यादा समय तक जोर पकड़ा रखा। संसद तक का मार्च इस आंदोलन का सबसे उग्र चरण था। छात्रों के इस अथक प्रदर्शन और बढ़ते दबाव के आगे झुकते हुए केंद्र सरकार को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को उनके पद से हटना पड़ा था। यह घटना युवा शक्ति के दबाव को लेकर एक बड़ा उदाहरण मानी जाती है।
‘स्कूल ठीक करो’ अभियान की घोषणा
इस बीच, अभिजीत दीपके ने शिक्षा व्यवस्था की बदहाली पर एक और तंज कसा। महाराष्ट्र के सोलापुर में एक सरकारी स्कूल की छत गिरने से 13 बच्चों के घायल होने की दुखद घटना पर उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि जिन स्कूलों में आम और जरूरतमंद वर्ग के बच्चे पढ़ते हैं, उनकी यह दयनीय स्थिति है, जबकि नेताओं और अमीरों के बच्चों के स्कूल पांच सितारा होटलों से कम नहीं हैं।
उन्होंने सवाल उठाया, “क्या गांव के इन मासूम बच्चों की जान नेताओं के बच्चों की तुलना में कम कीमती है?” दीपके ने घोषणा की कि इस स्वतंत्रता दिवस के मौके पर CJP ‘स्कूल ठीक करो’ (School Theek Karo) नाम से एक व्यापक अभियान शुरू करेगी, ताकि गांवों के सरकारी स्कूलों को बुनियादी सुविधाओं से लैस किया जा सके। उन्होंने कहा कि आजादी के 80 साल बाद भी अगर बच्चों को सुविधाओं के लिए गुहार लगानी पड़ रही है, तो इसका मतलब है कि हमारे देश ने ग्रामीण बच्चों के सपनों को पूरी तरह तोड़ दिया है।
झारखंड में लाठीचार्ज पर तीखी प्रतिक्रिया
इसके साथ ही, अभिजीत दीपके ने झारखंड की राजधानी रांची में सोमवार को नौकरी और शिक्षा की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर पुलिस के बर्बरता भरे लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की है। मध्य महाराष्ट्र के अपने गृहनगर छत्रपति संभाजीनगर में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने इसे दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की दोहराव बताया।
उन्होंने सरकार और प्रशासन से एक सवाल पूछा—”आखिर देश में सिर्फ छात्र और युवा ही प्रदर्शन करने पर पुलिस की बर्बरता का शिकार क्यों बनते हैं? क्या कभी किसी राजनीतिक दल के कार्यकर्ताओं पर इस तरह लाठियां और आंसू गैस के गोले बरसाए गए हैं?” दीपके ने स्पष्ट किया कि ये युवा किसी वोट बैंक की राजनीति के लिए नहीं, बल्कि अपने भविष्य और अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरे हैं।























