संदिप कुमार गर्ग
नोएडा। सुंदर मस्तिष्क और सुंदर विचार न केवल बच्चों के व्यक्तित्व का विकास करते हैं, बल्कि उन्हें सही और गलत के बीच अंतर समझने में भी सक्षम बनाते हैं। इसी उद्देश्य से सरला चोपड़ा डीएवी पब्लिक स्कूल, नोएडा में 3 अगस्त 2024 को अन्वाइंड और क्योर संस्था के सहयोग से सुरक्षित और असुरक्षित स्पर्श के महत्व को लेकर जागरूकता वार्ता आयोजित की गई।
कार्यक्रम में बाल मनोवैज्ञानिक श्रीमती दीपान्विता ने विद्यार्थियों को व्यक्तिगत सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी। उन्होंने बच्चों को समझाया कि अपनी सुरक्षा के प्रति सजग रहना और जरूरत पड़ने पर अपनी बात खुलकर कहना बेहद जरूरी है।
वार्ता के दौरान विद्यार्थियों को सुरक्षित स्पर्श, असुरक्षित स्पर्श और अवांछनीय स्पर्श के बीच अंतर समझाया गया। वीडियो और विभिन्न कहानियों के माध्यम से बच्चों को सहज तरीके से बताया गया कि उन्हें किस प्रकार के स्पर्श को लेकर सतर्क रहना चाहिए और किसी असहज परिस्थिति में किस प्रकार प्रतिक्रिया देनी चाहिए।
कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में व्यक्तिगत सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ उनमें आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति क्षमता का विकास करना भी था। संवादात्मक तरीके से आयोजित इस वार्ता में विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी की।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों के प्रश्नों और जिज्ञासाओं पर चर्चा की गई। बच्चों ने विषय से जुड़े विभिन्न सवाल पूछे और अपने विचार साझा किए। प्रश्नोत्तर सत्र ने विद्यार्थियों को अपनी बात खुलकर रखने का अवसर दिया।
विद्यालय में आयोजित इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों के ज्ञानवर्धन के साथ-साथ उन्हें स्वयं के प्रति सजग और जागरूक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विद्यालय की प्रिंसिपल श्रीमती चित्राकांत ने विद्यार्थियों को कार्यक्रम के दौरान मिली महत्वपूर्ण शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि बच्चों को अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक रहना चाहिए और किसी भी असहज स्थिति में भरोसेमंद व्यक्ति से अपनी बात साझा करनी चाहिए।



























