Tamil Nadu New Govt: तमिलनाडु की राजनीति में एक्टर से नेता बने विजय की पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कषगम’ (TVK) के लिए चुनाव जीतने के बाद सत्ता तक पहुंचने का रास्ता बेहद मुश्किल हो गया है। 234 सदस्यीय विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरने के बावजूद राज्यपाल ने विजय के सरकार गठन के दावे को ठुकरा दिया। राज्यपाल का सवाल सीधा था- “बहुमत कहां से आएगा, कौन-कौन सी पार्टी सपोर्ट कर रही?” इस पूरे सियासी ड्रामे के बीच राज्यपाल ने आखिरकार 16वीं तमिलनाडु विधानसभा भंग कर दी है।
क्या है पूरा आंकड़ा और बहुमत का गणित?
तमिलनाडु में 23 अप्रैल को हुए चुनावों के नतीजे 4 मई को आए, जिसमें विजय की पार्टी TVK ने धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए 108 सीटें जीतीं और सत्तारूढ़ द्रमुक को 59 सीटों पर सिमटने पर मजबूर कर दिया। हालांकि, सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत का आंकड़ा 118 है।
विजय खुद दो सीटों से जीते हैं, जिसमें से एक सीट छोड़नी होगी। ऐसे में उन्हें बहुमत से 11 सीट पीछे था। कांग्रेस ने अपने 5 विधायकों के साथ समर्थन का ऐलान किया, लेकिन तब भी TVK को सरकार बनाने के लिए 6 और विधायकों का साथ चाहिए था।
विजय से क्या गलती हो गई?
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, विजय की सबसे बड़ी चूक उनकी ‘राजनीतिक अनुभव की कमी’ रही। सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते उन्हें बिना समर्थन के आंकड़े गिनाए सीधे राज्यपाल के पास सरकार बनाने का दावा पेश करना चाहिए था। नियमानुसार, अगर वो ऐसा करते, तो राज्यपाल को उन्हें सरकार बनाने का मौका देना पड़ता। शपथ ग्रहण के बाद उन्हें फ्लोर टेस्ट के लिए करीब एक हफ्ते का समय मिलता और इस दौरान वो बहुमत के आंकड़े जुटा लेते। लेकिन विजय ने 108 TVK विधायकों और 5 कांग्रेस विधायकों (कुल 113) के समर्थन पत्र लेकर राज्यपाल के सामने पेश हो गए, जो बहुमत (118) से कम था।
राज्यपाल ने खारिज किया दावा, पूछा- ‘सपोर्ट कौन कर रहा?’
राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने पर्याप्त संख्याबल न होने पर विजय का दावा खारिज कर दिया। राज्यपाल ने साफ शब्दों में कहा, “पहले पर्याप्त संख्याबल लेकर आईए। बहुमत कहां से आएगा और कौन-कौन सी पार्टी सपोर्ट कर रही है, यह स्पष्ट करें।” इस बीच, विपक्षी दल AIADMK ने भी अपने कई नवनिर्वाचित विधायकों को पुडुचेरी के एक रिजॉर्ट में शिफ्ट करके ‘ऑपरेशन लॉटस’ से बचाव की कवायद शुरू कर दी, जिससे विजय के लिए बागी विधायकों को लुभाना मुश्किल हो गया।
राज्यपाल ने बुलाई दूसरी बैठक, लेकिन फिर खेल बिगड़ गया
विजय को राज्यपाल ने दोबारा मिलने के लिए बुलाया था। उम्मीद थी कि अगर विजय 118 विधायकों के समर्थन का लेटर लेकर आते, तो उन्हें सरकार बनाने का मौका मिल सकता था। लेकिन तमिलनाडु के राजनीतिक अखाड़े में ऐन वक्त पर ऐसा हुआ जिसने सारे समीकरण ध्वस्त कर दिए। लोक भवन से मंगलवार को जारी एक बयान के अनुसार, राज्यपाल अर्लेकर ने बुधवार को राज्य की 16वीं विधानसभा को 5 मई 2026 से भंग करने का आदेश जारी कर दिया।

























