अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान संघर्ष के जल्द समाप्त होने के संकेतों ने वैश्विक बाजारों के साथ-साथ भारतीय शेयर बाजार में भी जीवंतता ला दी है। मंगलवार को दलाल स्ट्रीट ने सोमवार की भारी गिरावट को भुलाते हुए जबरदस्त उछाल दर्ज किया। ट्रंप के शांति संदेश ने न केवल निवेशकों के बीच आत्मविश्वास बहाल किया, बल्कि कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट ने बाजार की धारणा को पूरी तरह सकारात्मक बना दिया।
बाजार की शानदार वापसी
सोमवार को युद्ध के डर और तेल की बढ़ती कीमतों से घबराए निवेशकों के चेहरे पर मंगलवार को राहत की मुस्कान दिखी। बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स ने आज सुबह 809 अंकों की जबरदस्त छलांग लगाकर 78,375 के ऊंचे स्तर पर कारोबार शुरू किया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी 252 अंकों की बढ़त के साथ 24,280 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार की यह तेजी सोमवार की गिरावट की भरपाई करने वाली है, जब सेंसेक्स 1,352 अंक और निफ्टी 422 अंक गिरकर बंद हुआ था।
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तेल की कीमतों में ‘सुकून’
बाजार में इस उछाल का सबसे बड़ा कारण कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट है। ट्रंप के बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतें 7.39 प्रतिशत की गिरावट के साथ 91.65 डॉलर प्रति बैरल पर आ गईं। याद रहे कि सोमवार को युद्ध के बढ़ते तनाव के बीच तेल की कीमतें 119.50 डॉलर तक पहुंच गई थीं, जिससे महंगाई की चिंता बढ़ गई थी। तेल की कीमतों में यह सुधार तेल आयातक देश भारत के लिए काफी राहत भरा साबित हो रहा है।
वैश्विक प्रभाव और निवेशकों का मनोबल
ट्रंप के शांति संदेश का असर एशियाई और अमेरिकी बाजारों पर भी सकारात्मक दिखा। अमेरिका के डॉऊ जोन्स, एसएंडपी 500 और नैस्डैक मजबूती के साथ बंद हुए, जिसका असर जापान के निक्केई और दक्षिण कोरिया के कोस्पी पर भी पड़ा। इसके अलावा, डॉलर इंडेक्स में 0.39 प्रतिशत की गिरावट और सोने की कीमतों में स्थिरता ने भारतीय बाजार के लिए अनुकूल माहौल बनाया है।























