सपा के डेलीगेशन को पुलिस ने परी चौक से वापस लौटाया

संदिप कुमार गर्ग


ग्रेटर नोएडा। जेल में बंद किसानों से मिलने पहुंचे समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रतिनिधिमंडल को पुलिस-प्रशासन ने मुलाकात की अनुमति नहीं दी। सपा के डेलीगेशन में तीन सांसदों समेत कुल 16 नेता शामिल थे। पुलिस ने ग्रेटर नोएडा के परी चौक पर ही सपा नेताओं के काफिले को रोक दिया। इस दौरान पुलिस और सपा नेताओं के बीच हल्की नोकझोंक भी हुई।

सपा नेताओं के दौरे को देखते हुए पुलिस-प्रशासन की ओर से बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। इससे पहले कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल को भी जेल में बंद किसानों से मिलने की अनुमति नहीं दी गई थी।

परी चौक पर रोका गया सपा नेताओं का काफिला

गुरुवार को समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल जेल में बंद किसानों से मुलाकात करने के लिए ग्रेटर नोएडा पहुंचा था। प्रतिनिधिमंडल में सांसद लालजी वर्मा, हरेंद्र मलिक और नरेंद्र उत्तम पटेल के साथ विधायक कमाल अख्तर समेत जिले के कई वरिष्ठ सपा नेता शामिल थे।

सपा नेताओं के काफिले को परी चौक पर ही पुलिस ने रोक दिया। नेताओं ने आगे जाने की कोशिश की, जिसको लेकर पुलिस और सपा कार्यकर्ताओं के बीच हल्की नोकझोंक हुई। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्थिति में प्रतिनिधिमंडल को जेल में बंद किसानों से मिलने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

सपा जिलाध्यक्ष बोले- अखिलेश यादव को भेजेंगे रिपोर्ट

सपा के जिलाध्यक्ष सुधीर भाटी ने कहा कि पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी और इसे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल किसानों से मुलाकात करने के उद्देश्य से पहुंचा था, लेकिन पुलिस-प्रशासन ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया।

इस प्रतिनिधिमंडल में राजकुमार भाटी, फकीर चंद नागर, गजराज नागर, बीर सिंह यादव, लोकसभा प्रत्याशी रहे महेंद्र नागर, सुनील चौधरी, सुनील भाटी, महानगर अध्यक्ष आश्रय गुप्ता, इंदर प्रधान, नरेंद्र नागर और सुधीर तोमर समेत कई नेता मौजूद रहे।

कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को भी नहीं मिली थी अनुमति

गौरतलब है कि इससे पहले कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने भी जेल में बंद किसानों से मुलाकात करने का प्रयास किया था। पुलिस-प्रशासन ने कांग्रेस नेताओं को भी किसानों से मिलने की अनुमति नहीं दी थी। अब सपा प्रतिनिधिमंडल को रोके जाने के बाद ग्रेटर नोएडा में किसानों की गिरफ्तारी और उनसे राजनीतिक दलों की मुलाकात को लेकर मामला फिर चर्चा में है।

Sandhya Samay News

संध्या समय न्यूज़ – आपके विश्वास की आवाज़ संध्या समय न्यूज़ की स्थापना वर्ष 2018 में की गई, जो कि MSME में विधिवत रूप से पंजीकृत है। हमारा उद्देश्य समाज तक सटीक, निष्पक्ष और भरोसेमंद समाचार पहुँचाना है। हम देश-प्रदेश की ताज़ा खबरों, सामाजिक मुद्दों, और जनहित से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों को आपके सामने सरल और स्पष्ट रूप में प्रस्तुत करते हैं। हम अपने सभी दर्शकों और पाठकों का दिल से आभार व्यक्त करते हैं, जिन्होंने हमें लगातार देखा, समझा और अपना विश्वास बनाए रखा। आपकी यही सराहना और समर्थन हमें और बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करता है। संध्या समय न्यूज़ हमेशा सत्य, निष्पक्षता और जनसेवा के मूल्यों पर कार्य करता रहेगा।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now