Rishabh Pant’s bat will roar:भारतीय क्रिकेट टीम इस वक्त श्रीलंका दौरे पर है, जहां 15 अगस्त से दो मैचों की टेस्ट सीरीज का आगाज होने जा रहा है। गाले के मैदान पर खेले जाने वाले इस पहले टेस्ट से पहले टीम इंडिया ने तीन दिवसीय प्रैक्टिस मैच का रुख किया है। हालांकि, इस अभ्यास मैच में विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी युवा ध्रुव जुरेल के कंधों पर है, लेकिन मुख्य टेस्ट सीरीज में ऋषभ पंत बतौर विकेटकीपर-बल्लेबाज मैदान पर उतरेंगे। श्रीलंका के खिलाफ इस सीरीज में पंत के लिए एक व्यक्तिगत और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने का सुनहरा मौका है।
100 छक्कों के ऐतिहासिक आंकड़े के करीब पंत
अगस्त 2018 में इंग्लैंड के प्रतिष्ठित ‘ट्रेंट ब्रिज’ मैदान पर ऋषभ पंत ने अपने टेस्ट करियर की शुरुआत की थी। तब से लेकर अब तक के लगभग 6 साल के छोटे से करियर में पंत ने टेस्ट क्रिकेट में तहलका मचा रखा है। महज 50 टेस्ट मैचों की पारी खेलकर उन्होंने 97 बार गेंद को सीमारेखा के बाहर भेजा है। यह आंकड़ा इसलिए भी खास है, क्योंकि वह वर्तमान में टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले भारतीय बल्लेबाज बन चुके हैं।
श्रीलंका के खिलाफ आगामी दो मैचों की टेस्ट सीरीज में पंत की नजरें एक अनोखे मुकाम पर पहुंचने पर टिकी हैं। उन्हें टेस्ट क्रिकेट में ‘100 छक्के’ के क्लब में शामिल होने के लिए महज 3 छक्कों की दरकार है। अगर वह यह कारनामा कर गए, तो वह टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में 100 छक्के लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बन जाएंगे।
दुनिया के इन दिग्गजों के क्लब में शामिल होंगे पंत
टेस्ट क्रिकेट, जिसे हमेशा से रक्षात्मक और धैर्य के खेल के रूप में देखा जाता रहा है, में 100 छक्के लगाना किसी छोटी उपलब्धि नहीं है। वर्तमान में दुनिया भर के केवल तीन बल्लेबाज ही ऐसा कर पाए हैं।
इस लिस्ट में सबसे ऊपर इंग्लैंड के पूर्व कप्तान और मैच विनर बेन स्टोक्स का नाम आता है। साल 2013 से लेकर 2026 तक के अपने टेस्ट करियर में स्टोक्स ने 122 मैचों में 138 छक्के लगाकर विश्व रिकॉर्ड बनाया हुआ है। दूसरे नंबर पर न्यूजीलैंड के विस्फोटक बल्लेबाज ब्रेंडन मैकुलम हैं, जिन्होंने 101 टेस्ट मैचों में 107 छक्के लगाए।
जबकि इस विशेष क्लब के पहले सदस्य ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज विकेटकीपर-बल्लेबाज एडम गिलक्रिस्ट थे। ‘गिली’ ने 1999 से 2008 के बीच खेले गए अपने 96 टेस्ट मैचों में ठीक 100 छक्के लगाकर इस मुकाम की शुरुआत की थी। ऋषभ पंत अपने आक्रामक अंदाज के दम पर जल्द ही इस दिग्गजों की लिस्ट में चौथे नाम के रूप में शामिल होने के लिए बेताब हैं।
श्रीलंका की स्पिन चुनौती और पंत की तैयारी
हाल के दिनों में भारतीय बल्लेबाजों ने घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका जैसी टीमों के खिलाफ बेहतरीन स्पिन गेंदबाजी के सामने संघर्ष किया है। श्रीलंका की धरती पर परिस्थितियां कुछ अलग नहीं होने वाली हैं। श्रीलंका के पास अपने घरेलू मैदानों पर विश्व स्तरीय स्पिन आक्रमण मौजूद है, जो गाले की पिच से भारी मदद लेगा। ऐसे में 15 अगस्त को शुरू होने वाले पहले टेस्ट से पहले यह तीन दिवसीय अभ्यास मैच भारतीय बल्लेबाजों के लिए एक ‘ट्रायल बाय फायर’ की तरह है।
अपनी हालिया फॉर्म की बात करें तो, पंत ने अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच में स्पिनर्स के खिलाफ शानदार अनुकूलन क्षमता दिखाई थी। उन्होंने महज 121 गेंदों का सामना करते हुए 6 चौके और 3 गगनचुंबी छक्कों की मदद से 81 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली थी। यह पारी यह दर्शाती है कि पंत उपमहाद्वीप की पिचों पर स्पिनर्स को कैसे निपटाना है, इसका फॉर्मूला भलीभांति जानते हैं।
7 साल बाद श्रीलंका में टेस्ट
भारतीय टीम ने आखिरी बार साल 2017 में श्रीलंका की धरती पर टेस्ट श्रृंखला खेली थी। पिछले 7 वर्षों में टीम इंडिया में काफी बदलाव आ चुका है और एक नई पीढ़ी ने कमान संभाली है। मौजूदा टेस्ट टीम में केवल तीन खिलाड़ी ऐसे हैं, जिनके पास श्रीलंका में टेस्ट क्रिकेट खेलने का प्रत्यक्ष अनुभव मौजूद है—लोकेश राहुल, कुलदीप यादव और रवींद्र जडेजा।
अनुभवी खिलाड़ियों की इस कमी को देखते हुए ऋषभ पंत की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। मध्यक्रम में बैठे पंत पर न केवल स्कोरबोर्ड को तेजी से आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी, बल्कि युवा बल्लेबाजों के साथ मिलकर पारी को संभालने की भी जिम्मेदारी होगी।


























