आज सप्ताह की शुरुआत भारतीय शेयर बाजार के लिए बेहद सकारात्मक रही है। बीएसई का 30 शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स, सेंसेक्स, 549 अंकों की जबरदस्त उछाल के साथ 76,608 के स्तर पर खुला है। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 भी आज के कारोबार की शुरुआत 160 अंक ऊपर 23,928 के लेवल से कर रहा है। इस जबरदस्त तेजी का मुख्य कारण है, वैश्विक स्तर पर हो रहे सकारात्मक बदलाव और कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट।
बाजार की आज की स्थिति और संकेत
मौजूदा समय में भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों का भरोसा मजबूत होता दिख रहा है। सोमवार को बाजार में लगातार तेजी का रुख देखने को मिल रहा है, जो कि अमेरिका-ईरान के बीच तनाव कम होने और तेल की कीमतों में आई गिरावट के कारण है। अमेरिकी-ईरान के बीच चल रहे संघर्ष ने अगस्त महीने में तेल की कीमतें आसमान छू रही थीं, लेकिन अब इन घटनाक्रमों में नाटकीय बदलाव आया है।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच, शुक्रवार को अमेरिकी शेयर बाजार में भी सकारात्मकता देखी गई। नैस्डैक 1% की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि डॉऊ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में भी 244 अंकों की तेजी आई। इस तेजी का प्रमुख कारण था, तेल की कीमतों में गिरावट और वैश्विक बाजारों में बेहतर संकेत।
ग्लोबल मार्केट्स का रुख
एशियाई बाजारों में भी सोमवार को रौनक देखने को मिल रही है। जापान का निक्केई 225 सूचकांक 0.24% बढ़ा, और टॉपिक्स 0.60% ऊपर गया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक 0.44% की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है। ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 भी लगभग 1% से अधिक की तेजी के साथ ट्रेंड कर रहा है। इन बाजारों में आई इस तेजी का कारण है, मध्य पूर्व में तनाव में कमी और तेल की कीमतों में गिरावट।
तेल की कीमतों में गिरावट और बाजार पर प्रभाव
तेल की कीमतें आज गिरावट के साथ ट्रेंड कर रही हैं। ईरान द्वारा हमलों को रोकने की घोषणा के बाद, ब्रेंट क्रूड वायदा 5% से अधिक गिरकर लगभग 92 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड भी लगभग 85 डॉलर प्रति बैरल के करीब आ गया है। यह गिरावट निवेशकों के मनोबल को बढ़ाने वाली है, क्योंकि तेल की कीमतें कम होने से मुद्रास्फीति पर नियंत्रण और ईंधन की लागत में कमी आने की उम्मीद है।
अमेरिकी बाजार का हाल और आगामी संकेत
अमेरिका में भी सोमवार को बाजार सकारात्मक संकेत दे रहा है। सप्ताहांत में अमेरिकी वायदा बाजार में बढ़त दर्ज की गई है। डॉऊ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज के फ्यूचर्स 0.5% से अधिक बढ़े हैं, जबकि एसएंडपी 500 और नैस्डैक 100 के फ्यूचर्स क्रमशः 0.6% और 1.2% ऊपर हैं। इस तेजी का मुख्य कारण है, ईरान-यूएस के बीच तनाव में कमी और तेल की कीमतों में आई गिरावट।
अमेरिका-ईरान का वर्तमान परिदृश्य
अमेरिका और ईरान के बीच 13 दिनों तक जारी सैन्य संघर्ष के बाद, तनाव में कमी देखी जा रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार रात से नए हमले टाल दिए हैं, जिससे आगे की रणनीति पर सवाल खड़े हो गए हैं। ईरान की सेना ने भी कहा है कि उसने अपनी जवाबी कार्रवाइयों को रोक दिया है। हालांकि, यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के बंदरगाह शहर जिजान और यानबू पर हमले किए हैं, जिससे क्षेत्रीय तनाव अभी भी कायम है।
आगामी सप्ताह में भारतीय बाजार में कई कंपनियों के तिमाही नतीजे आने वाले हैं। आज लगभग 68 कंपनियों अपनी अप्रैल-जून 2026 की तिमाही रिपोर्ट पेश करेंगी। इनमें प्रमुख नाम हैं, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, कोल इंडिया, इंडस टावर्स, कोफोर्ज, केनरा बैंक और टाटा पावर। इन कंपनियों के परिणाम बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
सोने में चमक और निवेश का संकेत
सोने की कीमतों में आज तेज़ी देखने को मिल रही है। स्पॉट गोल्ड 1.3% की बढ़त के साथ 4,103.99 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया है। अगस्त डिलीवरी के लिए अमेरिकी सोना वायदा भी लगभग 0.9% बढ़कर 4,106.10 डॉलर हो गया है। सोने का यह उछाल निवेशकों के बीच सुरक्षित निवेश की चाह को दर्शाता है, विशेषकर जब वैश्विक अनिश्चितताएँ बढ़ रही हैं।
गैप-अप शुरुआत का संकेत देते हुए, गिफ्ट निफ्टी आज 23,934 के आसपास कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद भाव से करीब 127.5 अंक का प्रीमियम है। इससे पता चलता है कि बाजार में तेजी का माहौल बना हुआ है, और निवेशक आने वाले दिनों में बाजार में सकारात्मक रुख की उम्मीद कर रहे हैं।


























