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पेट्रोल-डीजल की महंगाई में राहत, निसान ग्रेवाइट बनी स्मार्ट फैमिली कार

Nissan Gravite CNG Launched: निसान ग्रेवाइट सीएनजी की सबसे बड़ी विशेषता इसकी 'स्मार्ट ट्विन-सिलेंडर टेक्नोलॉजी' है। आमतौर पर, एमपीवी या 7-सीटर वाहनों में सीएनजी किट लगने के बाद बूट स्पेस इतना कम हो जाता है कि तीसरी पंक्ति की सीटें या तो बेकार हो जाती हैं या फिर उन्हें फोल्ड करना पड़ता है।

फैमिली कार खरीदने वालों के लिए खुशखबरी, निसान ग्रेवाइट में आया सीएनजी विकल्प

HIGHLIGHTS

  • निसान ग्रेवाइट सीएनजी लॉन्च: अब मिलेगा ज्यादा माइलेज और पूरा स्पेस
  • 7-सीटर में पहली बार ट्विन-सिलेंडर सीएनजी टेक्नोलॉजी, निसान का बड़ा धमाका
  • निसान ग्रेवाइट सीएनजी: कम खर्च में ज्यादा सफर का नया विकल्प
  • अब बूट स्पेस की टेंशन खत्म! निसान लाई स्मार्ट सीएनजी समाधान
  • 82,999 रुपये में निसान ग्रेवाइट को बनाएं सीएनजी कार

Nissan Gravite CNG Launched: भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में सीएनजी (सीएनजी) वाहनों की मांग लगातार बढ़ती जा रही है। पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच ग्राहक अब ऐसे विकल्पों की तलाश कर रहे हैं जो उनकी जेब पर भार न पड़े, लेकिन इसमें स्पेस और कम्फर्ट का समझौता न हो। इसी मांग को देखते हुए एनएमआईपीएल (NMIPA) ने ऑल-न्यू निसान ग्रेवाइट (All-New Nissan Gravity) के लिए एक बेहतरीन और सरकार द्वारा प्रमाणित सीएनजी रेट्रोफिटमेंट किट लॉन्च करने का ऐलान किया है। यह कदम न केवल सेगमेंट में निसान की पकड़ मजबूत करेगा, बल्कि ग्राहकों को एक ऐसा स्मार्ट समाधान भी प्रदान करेगा जो उनकी जीवनशैली के अनुकूल है।

सेगमेंट में पहली बार: स्मार्ट ट्विन-सिलेंडर टेक्नोलॉजी

निसान ग्रेवाइट सीएनजी की सबसे बड़ी विशेषता इसकी ‘स्मार्ट ट्विन-सिलेंडर टेक्नोलॉजी’ है। आमतौर पर, एमपीवी या 7-सीटर वाहनों में सीएनजी किट लगने के बाद बूट स्पेस इतना कम हो जाता है कि तीसरी पंक्ति की सीटें या तो बेकार हो जाती हैं या फिर उन्हें फोल्ड करना पड़ता है। इस समस्या को दूर करते हुए निसान ने दो छोटे सिलेंडर (ट्विन-सिलेंडर) का उपयोग किया है, जो वाहन के डिज़ाइन के साथ सहजता से फिट बैठते हैं।

निसान एंड इन्फिनिटी के डिवीजनल वाइस प्रेसिडेंट एवं मिडल ईस्ट, केएसए, सीआईएस व भारत के प्रेसिडेंट थियरी सबाग (Thierry Sabbag) ने इस लॉन्च के मौके पर अपनी बात रखते हुए कहा, “हमें गर्व है कि हमने इस सेगमेंट में पहली बार स्मार्ट ट्विन-सिलेंडर टेक्नोलॉजी पेश की है। यह तकनीक ग्राहकों को 7-सीटर मॉड्यूलैरिटी और यूज़एबिलिटी, दोनों को बनाए रखने में मदद करेगी।”

उन्होंने आगे कहा, “निसान ग्रेवाइट सीएनजी को इस तरह से डिज़ाइन किया गया है कि यह ग्राहकों को ज्यादा स्मार्ट, ज्यादा किफायती और पर्यावरण के दृष्टिकोण से ज्यादा बेहतर समाधान प्रदान करे। हमारा उद्देश्य है कि ग्राहकों को कोई समझौता न करना पड़े।”

स्पेस और कम्फर्ट का कोई समझौता नहीं

एमपीवी सेगमेंट में सबसे बड़ी चुनौती स्पेस होता है। पारंपरिक सीएनजी किट्स में एक बड़े सिलेंडर का उपयोग होता है, जिसे अक्सर बूट में रखा जाता है। इससे लगेज रखने की जगह खत्म हो जाती है और तीसरी पंक्ति में बैठने वाले सवारियों के पैरों के लिए जगह नहीं बचती है। लेकिन निसान ग्रेवाइट की नई किट में इसे ध्यान में रखा गया है।

कंपनी ने स्पष्ट रूप से दावा किया है कि इस किट के लगने के बाद भी तीसरी पंक्ति में पर्याप्त जगह रहेगी। यानी अगर आप एक बड़े परिवार के साथ यात्रा कर रहे हैं, तो आपको अंतिम पंक्ति में बैठने वाले सदस्यों के कम्फर्ट को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है। यह व्यावहारिकता और रोजाना की गतिविधियों के लिए इस कार को एक आदर्श विकल्प बनाता है। चाहे वह स्कूल ड्रॉप हो, ऑफिस की यात्रा हो या वीकेंड पर आउटिंग, ग्रेवाइट सीएनजी हर मोड़ पर साथ निभाएगी।

कीमत और उपलब्धता: बजट के अनुकूल

किसी भी वाहन को सफल बनाने में इसकी कीमत की अहम भूमिका होती है। निसान ने इस बात का ध्यान रखा है कि सीएनजी रूपांतरण ग्राहकों के बजट को बिगाड़ न दे। इस ऑल-न्यू सीएनजी रेट्रोफिटमेंट किट की शुरुआती कीमत 82,999 रुपये रखी गई है। यह कीमत इसे अपने सेगमेंट में काफी प्रतिस्पर्धी बनाती है।

वर्तमान में, यह किट देश के 16 राज्यों में उपलब्ध कराई जा रही है। इन राज्यों में ऐसे शहर शामिल हैं जहां सीएनजी का इन्फ्रास्ट्रक्चर मजबूत है और लोगों को इसकी सुविधा आसानी से मिल सके। धीरे-धीरे, इसे अन्य राज्यों में भी रोलआउट किया जा सकता है, लेकिन फिलहाल यह 16 राज्यों के ग्राहकों के लिए एक बेहतरीन ऑफर है।

पर्यावरण और अर्थव्यवस्था का संतुलन

आज के दौर में ग्राहक सिर्फ कीमत ही नहीं, बल्कि पर्यावरण के प्रति भी जागरूक हैं। सीएनजी (कंप्रेस्ड नेचुरल गैस) पेट्रोल और डीजल की तुलना में काफी क्लीनर फ्यूल है। इसके जलने से कार्बन उत्सर्जन (Carbon Emission) काफी कम होता है, जिससे वायु प्रदूषण में कमी आती है। निसान ग्रेवाइट सीएनजी के साथ, ग्राहक न केवल पैसे बचा रहे हैं, बल्कि वे स्वच्छ और हरित भारत के लक्ष्य में भी अपना योगदान दे रहे हैं।

इतना ही नहीं, रनिंग कॉस्ट (Running Cost) की बात करें तो सीएनजी वाहन पेट्रोल की तुलना में प्रति किलोमीटर काफी सस्ते पड़ते हैं। जिस तरह से पेट्रोल के दाम आसमान छू रहे हैं, ऐसे में एक सीएनजी कार खरीदना लंबी अवधि के निवेश के लिए एक समझदारी भरा कदम साबित होता है।

सरकारी प्रमाणन: सुरक्षा पर पूरा भरोसा

सीएनजी वाहनों को लेकर लोगों के मन में सबसे बड़ी चिंता सुरक्षा को लेकर होती है। लेकिन निसान ने इस मामले में कोई कसर नहीं छोड़ी है। कंपनी द्वारा लॉन्च की गई यह रेट्रोफिटमेंट किट सरकार द्वारा प्रमाणित (Government Certified) है। इसका मतलब है कि यह किट सभी सुरक्षा मानकों और गुणवत्ता परीक्षणों से गुजर चुकी है।

सरकारी प्रमाणन से यह भी सुनिश्चित होता है कि वाहन की वारंटी या अन्य कानूनी औपचारिकताओं पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। ग्राहक बिना किसी डर के अपनी नई निसान ग्रेवाइट को सीएनजी मोड में इस्तेमाल कर सकते हैं।

एक परिवारिक कार के लिए बेहतरीन विकल्प

निसान ग्रेवाइट सीएनजी का यह नया अवतार 7-सीटर एमपीवी सेगमेंट में एक मजबूत दावेदार के रूप में उभरा है। इसमें स्पेस, कम्फर्ट, सुरक्षा और मितव्ययिता का एक बेहतरीन मिश्रण देखने को मिलता है। ट्विन-सिलेंडर तकनीक ने उस सबसे बड़ी कमी को दूर कर दिया है जिसकी वजह से लोग बड़ी कारों में सीएनजी लगाने से हिचकिचाते थे।

अगर आप एक बड़े परिवार से हैं और आपकी ड्राइविंग ज्यादा है, तो 82,999 रुपये का यह निवेश आपके लिए सही साबित हो सकता है। यह न केवल आपकी मासिक ईंधन बिल को कम करेगा, बल्कि आपको तीसरी पंक्ति की सीटों का आनंद भी बिना किसी असुविधा के देगा। निसान का यह कदम भारतीय बाजार की जरूरतों को समझने का प्रमाण है और यह साफ दिखाता है कि वे ग्राहकों को ‘स्मार्ट’ और ‘किफायती’ मोबिलिटी समाधान देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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