राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) के चुनाव में इस बार खेल प्रशासन से ज्यादा राजनीतिक परिवारों की भागीदारी चर्चा में है। नई कार्यकारिणी के लिए 30 नामांकन वैध घोषित होने के बाद मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। अध्यक्ष पद पर पांच प्रत्याशी मैदान में हैं, जिनमें राज्य के कई प्रभावशाली राजनीतिक परिवारों से जुड़े चेहरे शामिल हैं।
इस वजह से RCA चुनाव को सिर्फ क्रिकेट संघ की नई टीम चुनने की प्रक्रिया के तौर पर नहीं देखा जा रहा। इसे राजस्थान क्रिकेट प्रशासन में प्रभाव और समर्थन जुटाने की अहम लड़ाई भी माना जा रहा है। अध्यक्ष पद के साथ उपाध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष पदों पर भी दावेदारों की सक्रियता बढ़ी है।

अध्यक्ष पद के लिए पांच दावेदार
अध्यक्ष पद की दौड़ में स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के बेटे धनंजय सिंह खींवसर और पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ के बेटे पराक्रम सिंह राठौड़ के नाम प्रमुखता से सामने आए हैं। बीजेपी विधायक जसवंत यादव के बेटे मोहित यादव भी अध्यक्ष पद के दावेदारों में शामिल हैं।
इनके अलावा एल्डर कमेटी के पूर्व चेयरमैन डीडी कुमावत और बृजकिशोर शर्मा ने भी अध्यक्ष पद के लिए नामांकन किया है। नामांकन प्रक्रिया के दौरान ही अलग-अलग समूहों और संभावित समीकरणों की चर्चा शुरू हो गई थी। नामांकन वैध होने के बाद अब उम्मीदवार जिला क्रिकेट संघों के प्रतिनिधियों से संपर्क कर समर्थन जुटाने में लगे हैं।
हालांकि, नामांकन के आधार पर किसी उम्मीदवार की जीत तय नहीं मानी जा सकती। अंतिम नतीजा मतदाताओं के समर्थन और चुनाव से पहले बनने वाले तालमेल पर निर्भर करेगा।
दूसरे पदों पर भी राजनीतिक परिवारों की दावेदारी
राजनीतिक परिवारों से जुड़े उम्मीदवारों की मौजूदगी अध्यक्ष पद तक सीमित नहीं है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के बेटे पवन दिलावर ने उपाध्यक्ष पद के लिए नामांकन किया है। राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी के बेटे आशीष तिवाड़ी कोषाध्यक्ष पद के दावेदार हैं।
वहीं, मोहित यादव ने अध्यक्ष पद के अलावा सचिव और उपाध्यक्ष पद के लिए भी दावेदारी की है। मंत्री ओटाराम देवासी के बेटे विक्रम देवासी और पूर्व मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीय के बेटे प्रेम प्रताप मालवीय के नाम भी RCA चुनाव से जुड़े हैं।
इन नामों ने चुनाव को राजनीतिक रूप से और चर्चित बना दिया है। हालांकि, उम्मीदवारों की पारिवारिक पृष्ठभूमि से अलग, उनके समर्थन का वास्तविक आधार चुनावी प्रक्रिया और मतदाताओं के फैसले से ही स्पष्ट होगा।
38 वोटरों पर टिका चुनावी गणित
RCA चुनाव में कुल 38 वोटर अहम भूमिका निभाएंगे। इनमें 34 जिला क्रिकेट संघों के सचिव शामिल हैं। इसके अलावा जयपुर और नागौर की एडहॉक कमेटियों के कन्वीनर तथा दो पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी भी मतदान करेंगे।
कम मतदाताओं वाले इस चुनाव में हर वोट का महत्व बढ़ जाता है। इसी कारण उम्मीदवार जिला संघों के सचिवों से लगातार संपर्क कर रहे हैं। पदों को लेकर आपसी तालमेल और समर्थन के संभावित समीकरण भी बनाए जा रहे हैं। अध्यक्ष पद के साथ अन्य पदों पर किसे समर्थन मिलेगा, इसका असर पूरी कार्यकारिणी के चुनाव पर पड़ सकता है।
चुनाव के नतीजे यह तय करेंगे कि राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के प्रशासन में किस समूह की पकड़ मजबूत होगी। नई कार्यकारिणी से क्रिकेट संघ के संचालन और राज्य में क्रिकेट गतिविधियों से जुड़े फैसलों की दिशा भी प्रभावित हो सकती है।
29 सितंबर को मतदान और मतगणना
RCA के छह पदों के लिए मतदान 29 सितंबर को होना है। मतदान के बाद उसी दिन मतगणना की जाएगी। ऐसे में चुनाव से पहले के दिन उम्मीदवारों और उनके समर्थकों के लिए महत्वपूर्ण हैं। इस दौरान वोटरों से संपर्क, समर्थन जुटाने और पदों के बीच तालमेल की कोशिशें तेज रहने की संभावना है।
अध्यक्ष पद पर पांच दावेदार होने से मुकाबला बहुकोणीय है। वहीं, सचिव, उपाध्यक्ष और कोषाध्यक्ष पदों पर भी राजनीतिक परिवारों से जुड़े उम्मीदवारों की मौजूदगी चुनाव को व्यापक चर्चा में ला रही है। अंततः 38 मतदाताओं का फैसला ही तय करेगा कि RCA की नई कार्यकारिणी का नेतृत्व किसके हाथ में जाएगा।























