कॉकरोच जनता पार्टी चींटी जनता पार्टी
---Advertisement---

पद्म अवॉर्ड 2026: राष्ट्रपति मुर्मू ने उदय कोटक को किया सम्मानित

Padma Awards 2026 News: उदय कोटक की सफलता की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। आज जब वह देश के सबसे बड़े निजी बैंकों के मालिक हैं, तब लोगों को यकीन ही नहीं होता कि उनकी इस यात्रा की शुरुआत किसी बड़े कारोबारी परिवार से नहीं हुई थी, न ही उन्हें शुरुआत में किसी बड़े निवेशक का सहारा प्राप्त था।

उदय कोटक को मिला पद्म भूषण, 30 लाख के कर्ज से खड़ा किया बैंकिंग साम्राज्य

HIGHLIGHTS

  • छोटे कारोबार से शुरू होकर बना अरबों का बैंकिंग साम्राज्य
  • पद्म पुरस्कार 2026 में चमका उदय कोटक का नाम
  • ईमानदारी और दूरदर्शिता से सफलता की मिसाल बने उदय कोटक
  • बिल डिस्काउंटिंग से बैंकिंग किंग बनने तक का सफर
  • भारत के वित्तीय क्षेत्र के हीरो बने पद्म भूषण सम्मानित उदय कोटक

Padma Awards 2026 News: भारत सरकार द्वारा देश के सबसे प्रतिष्ठित नागरिक सम्मानों में शामिल ‘पद्म अवॉर्ड्स’ का ऐलान गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर होता है, लेकिन इन्हें वितरित करने का सिलसिला कई महीनों तक चलता है। इसी कड़ी में सोमवार को राष्ट्रपति भवन के गणतंत्र मंडप में एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया, जहां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वर्ष 2026 के पहले पद्म अवॉर्ड्स प्रदान किए। इस खास समारोह में भारतीय बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र के एक ऐसे चेहरे को ‘पद्म भूषण’ सम्मान से नवाजा गया, जिसने अपनी मेहनत और सूझबूझ से भारतीय अर्थव्यवस्था की तस्वीर ही बदल दी। यह चेहरा था- कोटक महिंद्रा बैंक के संस्थापक और प्रबंध निदेशक उदय कोटक का।

एक साधारण परिवार से निकले असाधारण उद्यमी

उदय कोटक की सफलता की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। आज जब वह देश के सबसे बड़े निजी बैंकों के मालिक हैं, तब लोगों को यकीन ही नहीं होता कि उनकी इस यात्रा की शुरुआत किसी बड़े कारोबारी परिवार से नहीं हुई थी, न ही उन्हें शुरुआत में किसी बड़े निवेशक का सहारा प्राप्त था। उदय कोटक की यात्रा को आज भारत के वित्तीय क्षेत्र की सबसे प्रेरणादायक कहानियों में से एक माना जाता है, क्योंकि उन्होंने वो कर दिखाया जो संभव लगभग असंभव था।

1990 का दशक और बदलते भारत का सपना

1990 के शुरुआती वर्षों में भारत की अर्थव्यवस्था एक बदलाव के दौर से गुजर रही थी। 1991 के आर्थिक उदारीकरण (Liberalization) ने देश के दरवाजे वैश्विक बाजार के लिए खोल दिए थे। उस दौर में बैंकों से लोन लेना आम आदमी या छोटे कारोबारियों के लिए एक सपना होता था। भारी ब्यूरोक्रेसी और कड़ी शर्तों के चलते लोग निजी वित्तीय संस्थानों पर भरोसा नहीं करते थे। ऐसे समय में उदय कोटक ने ‘कोटक फाइनेंस’ के जरिए बाजार में कदम रखा। उन्होंने ऑटो लोन, निवेश बैंकिंग और शेयर ब्रोकिंग जैसे उन क्षेत्रों को चुना, जहां संभावनाएं तो खूब थीं, लेकिन जोखिम भी कम नहीं था। शुरुआत में कई लोग इस नई कंपनी को पैसा देने से हिचकिचाते थे।

30 लाख रुपये के कर्ज से खड़ा किया साम्राज्य

चुनौतियों के इस पहाड़ के बावजूद उदय कोटक ने हार मानने के बजाय एक अलग रास्ता अपनाया। उन्होंने अपने परिवार और करीबी दोस्तों से मिले मात्र 30 लाख रुपये के कर्ज (Loan) के सहारे अपने कारोबार की नींव रखी। इस छोटी सी रकम से उन्होंने ‘बिल डिस्काउंटिंग’ (Bill Discounting) का कारोबार शुरू किया। उदय कोटक की सबसे बड़ी ताकत उनके सिद्धांत थे—ईमानदारी, पूर्ण पारदर्शिता और कम जोखिम वाले कर्ज देने की नीति। वे कभी भी जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लेते थे, बल्कि हर कदम सोच-समझकर उठाते थे। इसी सूझबूज और भरोसेमंद नीतियों ने उन्हें उस दौर में लोगों का विश्वास जीतने में मदद की।

छोटी शुरुआत से बना बैंकिंग जगत का सितारा

समय के साथ, बिल डिस्काउंटिंग से शुरू हुआ यह छोटा सा सफर आज भारत के सबसे बड़े और सबसे मजबूत निजी बैंकिंग समूहों में से एक के रूप में सामने आया है। कोटक महिंद्रा बैंक आज देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी की तरह है। उदय कोटक को मिला पद्म भूषण उनकी इसी परिश्रमपूर्ण यात्रा और भारतीय बैंकिंग क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर गर्वान्वित करने के योगदान के लिए है।

ट्रेड और इंडस्ट्री कैटेगरी में अन्य सम्मानित विजेता

उदय कोटक के अलावा, इस बार ‘ट्रेड और इंडस्ट्री’ (Trade and Industry) श्रेणी में देश के चार अन्य कारोबारियों को भी पद्म अवॉर्ड्स से नवाजा गया है, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में अभूतपूर्व काम किया है:

  • अशोक खड़े (पद्मश्री): महाराष्ट्र की प्रमुख शिपिंग कंपनी ‘दास ऑफशॉर इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड’ के संस्थापक और एमडी अशोक खड़े को उनके अथक योगदान के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया गया।
  • सत्यनारायण नुवाल (पद्मश्री): निजी रक्षा (डिफेंस) और विस्फोटक क्षेत्र की अग्रणी कंपनी ‘सोलार इंडस्ट्रीज’ के संस्थापक सत्यनारायण नुवाल को भी यह विशेष सम्मान प्रदान किया गया।
  • टी.टी. जगन्नाथन (मरणोपरांत पद्मश्री):भारतीय रसोइयों का चेहरा बदलने वाली किचन उपकरण निर्माता कंपनी ‘प्रेस्टीज’ के टी.टी. जगन्नाथन को उनके निधन के बाद मरणोपरांत पद्मश्री से सम्मानित किया गया। उन्होंने भारतीय घरों को आधुनिक बनाने में अहम भूमिका निभाई।

पद्म पुरस्कार 2026 का सारांश

बात करें पूरे आंकड़ों की, तो इस वर्ष सरकार की ओर से कुल 131 असाधारण व्यक्तित्वों को पद्म अवॉर्ड्स देने का निर्णय लिया गया है। इन 131 लोगों में देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों का वितरण इस प्रकार है:

  • पद्म विभूषण: 5 लोगों को
  • पद्म भूषण: 13 लोगों को (जिसमें उदय कोटक शामिल हैं)
  • पद्म श्री: 113 लोगों को

ये पुरस्कार केवल किसी व्यक्ति को सम्मानित करने नहीं होते, बल्कि ये उनके काम को देश के सामने एक प्रेरणा के रूप में प्रस्तुत करते हैं। उदय कोटक जैसे व्यक्तित्व का सम्मानित होना यह संदेश देता है कि ईमानदारी, दृढ़ संकल्प और सही सिद्धांतों के बल पर कोई भी शून्य से शिखर तक की यात्रा तय कर सकता है।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now