गोदरेज इंडस्ट्रीज ग्रुप ने सोमवार को मलेशिया की बागान एवं जिंस मंत्री वाईबी दातुक सेरी डॉ. नोरैनी अहमद के नेतृत्व में आए उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल की मेजबानी की। बैठक में भारत और मलेशिया के बीच कृषि, ऑयल पाम अनुसंधान, घरेलू कीटनाशक क्षेत्र, व्यापार और नवाचार में सहयोग की संभावनाओं पर विचार-विमर्श हुआ।
प्रतिनिधिमंडल में मलेशिया के बागान एवं जिंस मंत्रालय, चेन्नई स्थित मलेशिया के महावाणिज्य दूतावास, मलेशियन पाम ऑयल काउंसिल, मलेशियन पाम ऑयल बोर्ड और मलेशियन सस्टेनेबल पाम ऑयल के प्रतिनिधि शामिल थे। गोदरेज इंडस्ट्रीज ग्रुप के विभिन्न व्यवसायों के साथ हुई चर्चाओं में दोनों देशों के साझा हितों और उद्योग-स्तर पर सहयोग के अवसरों को प्रमुखता दी गई।

ऑयल पाम अनुसंधान और उत्पादकता पर जोर
गोदरेज एग्रोवेट के साथ बातचीत में प्रतिनिधिमंडल ने ऑयल पाम के अपस्ट्रीम क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की। बातचीत का एक अहम विषय था—भारत की अलग-अलग कृषि-जलवायु परिस्थितियों के अनुरूप बेहतर उपज देने वाली ऑयल पाम किस्मों का विकास। इसके लिए उन्नत अनुसंधान, वैज्ञानिक तरीकों और तकनीकी उपकरणों के इस्तेमाल पर विचार साझा किए गए।
भारत में मौसम, मिट्टी और खेती की परिस्थितियां एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में अलग-अलग हैं। ऐसे में स्थानीय जरूरतों के अनुरूप रोपण सामग्री और खेती के समाधान विकसित करना ऑयल पाम की उत्पादकता बढ़ाने में उपयोगी हो सकता है। दोनों पक्षों ने इस दिशा में ज्ञान और विशेषज्ञता के आदान-प्रदान की संभावनाओं पर बात की।
घनिष्ठ सहयोग से ऐसी रोपण सामग्री तैयार करने में मदद मिल सकती है जो स्थानीय परिस्थितियों के अनुकूल हो। इससे फसल की उत्पादकता और सहनशीलता बेहतर करने के साथ भारत की दीर्घकालिक खाद्य तेल सुरक्षा को समर्थन देने की संभावना है। चर्चा में इस बात पर भी जोर रहा कि अनुसंधान और नवाचार को किसानों की व्यावहारिक जरूरतों से जोड़ना जरूरी है।
घरेलू कीटनाशक क्षेत्र में कारोबारी अवसर
गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (जीसीपीएल) के साथ हुई चर्चा घरेलू कीटनाशक क्षेत्र और इसके विकास को समर्थन देने वाले कारोबारी माहौल पर केंद्रित रही। दोनों पक्षों ने इस क्षेत्र में व्यापार और नवाचार को बढ़ावा देने तथा सतत विकास के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनाने के अवसरों पर अपने विचार रखे।
घरेलू कीटनाशक क्षेत्र में उत्पादों, तकनीक और कारोबार से जुड़े कई पक्ष शामिल हैं। चर्चा में इस व्यापक इकोसिस्टम को मजबूत करने और उद्योग के विकास को सुगम बनाने के संभावित तरीकों पर विचार किया गया। हालांकि, बैठक में किसी विशेष समझौते या नई परियोजना की घोषणा नहीं की गई।
भारत-मलेशिया संबंधों में सहयोग की नई संभावनाएं
मलेशिया की बागान एवं जिंस मंत्री वाईबी दातुक सेरी डॉ. नोरैनी अहमद ने कहा कि मलेशिया और भारत के बीच कई क्षेत्रों में लंबे समय से मजबूत संबंध हैं। उनके अनुसार, ये संबंध आर्थिक विकास और खाद्य सुरक्षा में अहम योगदान देते हैं। उन्होंने कहा कि बैठक ने अनुसंधान, नवाचार, व्यापार और स्थिरता के क्षेत्रों में अधिक गहरे सहयोग की संभावनाओं पर विचार करने का अवसर दिया।
डॉ. अहमद ने यह भी कहा कि इस तरह की बातचीत से उन व्यावहारिक क्षेत्रों की पहचान करने में मदद मिलती है, जहां दोनों देशों के उद्योग मिलकर काम कर सकते हैं और पारस्परिक लाभ हासिल कर सकते हैं।
गोदरेज इंडस्ट्रीज ग्रुप के ग्रुप प्रेसिडेंट एवं हेड ऑफ कॉरपोरेट अफेयर्स राकेश स्वामी ने कहा कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों में कृषि और उपभोक्ताओं की जरूरतों को पूरा करने के लिए साझेदारी तथा ज्ञान का आदान-प्रदान महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मलेशियाई प्रतिनिधिमंडल के साथ चर्चा ने ऑयल पाम में विज्ञान-आधारित नवाचार को आगे बढ़ाने और घरेलू कीटनाशक क्षेत्र के इकोसिस्टम को मजबूत करने के अवसरों को सामने रखा।
स्वामी ने भारत और मलेशिया के बीच सहयोग को महत्वपूर्ण बताते हुए उम्मीद जताई कि आगे की साझेदारियों से दोनों देशों के किसानों, उपभोक्ताओं और उद्योगों को लाभ मिल सकता है।
तकनीकी और उद्योग-स्तरीय संवाद
बैठक के जरिए दोनों पक्षों ने तकनीकी और उद्योग-स्तर पर सहयोग के संभावित क्षेत्रों की पहचान की। इनमें ऑयल पाम अनुसंधान एवं नवाचार, स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप खेती के समाधान और व्यापार तथा उद्योग के विकास को समर्थन देने जैसे विषय शामिल रहे।
गोदरेज इंडस्ट्रीज ग्रुप और मलेशियाई प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई यह चर्चा भारत-मलेशिया कारोबारी संवाद को आगे बढ़ाने की दिशा में एक अवसर के रूप में देखी जा सकती है। ऑयल पाम क्षेत्र में अनुसंधान और घरेलू कीटनाशक उद्योग में सहयोग पर बातचीत से दोनों देशों के बीच कृषि और उपभोक्ता व्यवसायों से जुड़े साझा हितों को समझने का रास्ता खुला है।























