अफसर-कैदी की लव स्टोरी ने इंटरनेट पर मचाई हलचल

The wedding became the talk of the town.: कैदी से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों तक ने इस जोड़े को बधाई दी। लोगों का कहना है कि ड्यूटी में ईमानदारी दिखाने वाली फिरोजा ने अपने निजी जीवन में भी अद्भुत हिम्मत दिखाई है।

मुस्लिम महिला जेल अधिकारी और हिंदू कैदी की शादी बनी चर्चा का विषय (फाइल फोटो)

HIGHLIGHTS

  • मुस्लिम जेल अधिकारी ने हिंदू कैदी से रचाई शादी
  • सतना जेल की अनोखी प्रेम कहानी
  • कैदी संग मुस्लिम अफसर का निकाह नहीं
  • 4 साल बाद सात फेरों तक पहुंची प्रेम कहानी
  • सतना जेल से निकली इंसानियत की मिसाल

The wedding became the talk of the town.: मोहब्बत और इंसानियत का कोई मजहब नहीं होता, यह बात सतना की केंद्रीय जेल ने साबित कर दी है। जहां की चारदीवारी के भीतर कानून-व्यवस्था संभालने वाली एक मुस्लिम महिला अधिकारी और हत्या का आजीवन कारावास काट रहे एक हिंदू कैदी के बीच प्रेम ऐसा पनपा, जिसने पूरे मध्य प्रदेश में हलचल मचा दी है। मामला छतरपुर जिले के लवकुशनगर का है, जहां 5 मई 2026 को हिंदू रीति-रिवाज से हुई इस शादी ने सबको चौंका दिया है।

जाने कैसे हुई शुरुआत?

केंद्रीय जेल सतना में सहायक जेल अधीक्षक के पद पर पदस्थ मुस्लिम अधिकारी फिरोजा खातून और चंदला निवासी धर्मेंद्र सिंह (उर्फ अभिलाष) की मुलाकात लगभग 4 साल पहले ड्यूटी के दौरान हुई थी। फिरोजा उस वक्त जेल में वारंट इंचार्ज का पद संभाल रही थीं, जबकि धर्मेंद्र 2007 के एक चर्चित हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहा था। काउंसलिंग और आमने-सामने की बातचीत के दौरान दोनों के बीच दोस्ती हुई, जो धीरे-धीरे प्यार में बदल गई।

लगभग 14 साल जेल में बिताने के बाद, अपने अच्छे आचरण के चलते धर्मेंद्र को जेल से रिहा कर दिया गया। जेल से बाहर आने के बाद भी दोनों के बीच संपर्क बना रहा और फिर 4 साल के इंतजार के बाद दोनों ने शादी करने का फैसला लिया।

परिवार के विरोध के बाद VHP ने किया कन्यादान

इस अंतरधार्मिक विवाह को लेकर फिरोजा का परिवार कड़ा विरोध कर रहा था। शादी के दिन जब फिरोजा के परिजनों ने मैरिज हाउस आने से इनकार कर दिया, तो एक अनोखा नजारा देखने को मिला। विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने इस शादी की जिम्मेदारी उठाई। लवकुशनगर स्थित मैरिज हाउस में VHP के जिला उपाध्यक्ष राजबहादुर मिश्रा ने फिरोजा का कन्यादान किया और हिंदू रीति-रिवाज से सात फेरे भरवाए।

हत्या केस का आरोपी है दूल्हा

धर्मेंद्र सिंह की पृष्ठभूमि काफी चुनौतीपूर्ण रही है। साल 2007 में चंदला नगर परिषद के तत्कालीन उपाध्यक्ष कृष्ण दत्त दीक्षित की हत्या कर उनके शव को जमीन में दफना दिया गया था। इस मामले में धर्मेंद्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। हालांकि, धर्मेंद्र के बचपन के दोस्त और चंदला निवासी अजय द्विवेदी का दावा है कि, “अभिलाष (धर्मेंद्र) चरित्र से बहुत अच्छा लड़का है। उसे 2007 के हत्याकांड में फंसाया गया था। यह बात सिर्फ मैं नहीं, बल्कि पूरा चंदला बताता है।”

जेल में चर्चा का विषय

इस शादी की खबर जैसे ही सतना जेल पहुंची, तो वहां गूंज गई। कैदी से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों तक ने इस जोड़े को बधाई दी। लोगों का कहना है कि ड्यूटी में ईमानदारी दिखाने वाली फिरोजा ने अपने निजी जीवन में भी अद्भुत हिम्मत दिखाई है। इस पूरे मामले को लेकर सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। जहां एक तरफ लोग इसे ‘गंगा-जमुनी तहजीब’ की सच्ची तस्वीर बता रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ VHP द्वारा कन्यादान करने के इस अनूठे कदम ने भी सभी को हैरत में डाल दिया है।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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