Noida News: ग्राम झटटा, सेक्टर-159 स्थित श्री राधावल्लभ मंदिर में चल रहे श्रीमद् भागवत महापुराण कथा के चतुर्थ दिवस सोमवार को भक्तिमय वातावरण का साक्षात्कार हुआ। श्री श्री 1008 श्री किशोरी शरण जी महाराज बाबा सूरदास जी की कृपा से आयोजित इस पावन कथा में कथा वाचक पंडित श्री राकेश शास्त्री जी ने श्रीमद्भागवत कथा का विस्तृत एवं सारग्राही वर्णन किया।
इस अवसर पर पंडित राकेश शास्त्री ने राम जन्म और कृष्ण जन्म की रोचक कथाओं का सार श्रोताओं को सुनाया। उन्होंने कहा कि कलयुग में भागवत कथा का श्रवण करने मात्र से हर प्राणी को मोक्ष की प्राप्ति होती है और सभी जन्मों के पापों का नाश हो जाता है। उन्होंने राम जन्म, कृष्ण जन्म एवं बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की महत्ता पर प्रकाश डाला।
84 लाख योनियों के बाद मिलता है मानव जन्म
अपने व्याख्यान में कथावाचक ने बताया कि 84 लाख योनियों में भटकने के पश्चात जीव को मानव शरीर की प्राप्ति होती है। उन्होंने कहा कि जब-जब पृथ्वी पर अत्याचार और अन्याय बढ़ता है, तब-तब प्रभु अवतार लेते हैं। प्रभु का अवतार केवल अत्याचार को समाप्त करने और धर्म की स्थापना के लिए होता है। जब रावण का अत्याचार बढ़ा तो प्रभु श्री राम के रूप में अवतरित हुए और जब कंस ने सारी मर्यादाओं का उल्लंघन किया, तो प्रभु श्री कृष्ण का जन्म हुआ। पंडित शास्त्री जी ने कहा कि भागवत कथा एक ऐसी दिव्य कथा है, जिसे ग्रहण करने मात्र से ही मन को अद्भुत शांति मिलती है और अहंकार का नाश होता है।
चौथे दिन का भंडारा व आरती
श्रीमद्भागवत कथा के चतुर्थ दिन का भंडारा श्री विजयपाल चौहान (सुपुत्र स्व. रामचंद्र चौहान) परिवार के सहयोग से आयोजित किया गया। कार्यक्रम के अंत में श्रीमद्भागवत भगवान की भव्य आरती की गई और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।























