संध्या समय न्यूज
बिहार की सियासत में एक बार फिर से तूफान खड़ा हो गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के संसद के उच्च सदन (राज्यसभा) का हिस्सा बनने की इच्छा जाहिर करने के बाद राज्य के मुख्यमंत्री पद को लेकर सियासी गलियारों में अटकलें तेज हो गई हैं। नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर सार्वजनिक रूप से यह जानकारी दी है कि वे बिहार में अपनी दो दशकों की सेवा के बाद अब संसदीय जीवन के अपने पुराने सपने को पूरा करना चाहते हैं। उनका लक्ष्य संसद और विधानमंडल के सभी चारों सदनों का हिस्सा बनना है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा है कि वे बिहार के विकास के संकल्प पर कायम रहेंगे।
इस ऐलान के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि बिहार की बागडोर अगले किसके हाथ में होगी? विशेषकर तब, जब पिछले साल नवंबर में एनडीए को नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही जबरदस्त सफलता मिली थी। फिलहाल, बिहार के मुख्यमंत्री पद की रेस में तीन नाम सबसे ज्यादा चर्चा में हैं।
सम्राट चौधरी: सबसे मजबूत दावेदार
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद बीजेपी के वरिष्ठ नेता और वर्तमान उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री पद का सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है। एनडीए में बीजेपी 89 विधायकों के साथ सबसे बड़ा दल है, जो सम्राट की स्थिति मजबूत बनाता है। उनके पास वित्त, स्वास्थ्य, शहरी विकास और गृह जैसे महत्वपूर्ण विभाग हैं। वे बीजेपी विधायक दल के नेता होने के साथ ही पार्टी संगठन में भी उनकी पकड़ मजबूत है। सम्राट चौधरी राजनीतिक परिवार से आते हैं; उनके पिता शकुनी चौधरी सात बार विधायक और सांसद रह चुके हैं। 1999 में आरजेडी से राजनीति शुरू करने वाले सम्राट ने राबड़ी देवी सरकार में कृषि मंत्री का पद संभाला था, बाद में वे जेडीयू से होते हुए बीजेपी में शामिल हो गए। 2023 में वे बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बने और नेता प्रतिपक्ष भी रह चुके हैं। उनका यह अनुभव और संगठनात्मक पकड़ उन्हें सीएम पद का अग्रणी दावेदार बनाती है।
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विजय सिन्हा: आक्रामक छवि वाले ‘बैकअप’
मुख्यमंत्री पद की रेस में दूसरा नाम बीजेपी के ही दूसरे उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा का है। हालांकि, बीजेपी विधायक दल के नेता होने के चलते सम्राट चौधरी को थोड़ा बढ़त मिली दिखती है, लेकिन विजय सिन्हा अपनी आक्रामक शैली के लिए जाने जाते हैं। तेजस्वी यादव के खिलाफ खुलकर सामने आने वाले सिन्हा भ्रष्टाचार और माफिया पर सख्त कदम उठाने के लिए जाने जाते हैं। लखीसराय से 2005 से विधायक रहे विजय सिन्हा सिविल इंजीनियर हैं और आरएसएस-एबीवीपी की छात्र राजनीति से आते हैं। उन्होंने 2020-2022 तक विधानसभा अध्यक्ष और फिर नेता प्रतिपक्ष का पद संभाला है। उनकी सख्त और निर्णायक शैली उन्हें एक प्रभावशाली विकल्प बनाती है।
निशांत कुमार: राजनीति के नए चेहरे की डिप्टी सीएम बनने की संभावना
नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार के मुख्यमंत्री बनने की संभावना फिलहाल कम मानी जा रही है, लेकिन वे डिप्टी सीएम की रेस में ज्यादा आगे नजर आ रहे हैं। राजनीति में नए चेहरे होने और किसी चुनावी आधार के न होने के बावजूद, हाल के दिनों में जेडीयू के पोस्टर और पार्टी नेताओं के समर्थन ने उनके सक्रिय होने के संकेत दिए हैं।
उन्होंने चुनाव से पहले अपने पिता का खुलकर समर्थन किया था। फिलहाल, वे सार्वजनिक कार्यक्रमों और पार्टी कार्यालय में दिखाई दे रहे हैं, लेकिन मुख्यमंत्री के लिए सीधी रेस में शामिल होने के बजाय, उन्हें नीतीश विरासत को आगे बढ़ाने के लिए उप मुख्यमंत्री की भूमिका में देखा जा रहा है।
























