Delhi News:दिल्ली नगर निगम (MCD) ने सफाई कर्मचारियों के नियमितीकरण के प्रक्रिया को तेज करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। निगम ने सभी जोनों को 15 सितंबर तक लंबित फाइलें मुख्यालय तक पहुंचाने का निर्देश दिया है, ताकि करीब 10,578 सफाई कर्मचारियों का जल्द से जल्द स्थायीकरण किया जा सके। यह निर्णय सफाई कर्मचारियों की समस्याओं को हल करने और उनकी सेवा में स्थिरता लाने के उद्देश्य से लिया गया है।
नियमितीकरण का महत्त्व और वर्तमान स्थिति
दिल्ली नगर निगम में सफाई कर्मचारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। वे शहर की सफाई व्यवस्था का आधार हैं और उनकी मेहनत से ही शहर स्वच्छ रह पाता है। निगम के अनुसार, अभी तक करीब 1,700 कर्मचारियों को पक्का किया गया है, जबकि 1,750 और 5,750 कर्मचारियों के नियमितीकरण के नए आदेश जारी किए गए हैं। इन सभी कर्मचारियों का डेटा संबंधित जोनों से एकत्र कर मुख्यालय पर तैयार किया गया है।

फाइलों में आ रही देरी और उसका समाधान
सफाई कर्मचारियों के फाइलों में कैलकुलेशन शीट लगाए जाने की वजह से प्रक्रिया में देरी हो रही थी। इस अड़चन को दूर करने के लिए निगम ने कदम उठाया है। अब, फाइलों की प्रक्रिया को सरल और तेज किया गया है ताकि जोन स्तर से फाइलें बिना किसी रुकावट के मुख्यालय तक पहुंच सकें। इस दिशा में, 13 अगस्त को कमिश्नर और मेयर की उपस्थिति में सभी जिला कलेक्टरों (DCs) के साथ बैठक हुई, जिसमें लंबित फाइलों को जल्द से जल्द पूरा कर मुख्यालय भेजने का निर्देश दिया गया।
पुराने मामलों का निपटान
दिल्ली नगर निगम ने पुराने मामलों पर भी विशेष ध्यान दिया है। 1998-2000 के बीच के मामलों को 15 सितंबर तक समाप्त करने का लक्ष्य तय किया गया है। इसी तरह, 2003 से 2010 के बीच के मामलों को भी इसी समय सीमा में निपटाने का निर्देश है। इसके अतिरिक्त, 2000-2002 और 2010-2015 के मामलों के लिए अगले तीन महीनों में प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
डेटा का विश्लेषण और जोनवार स्थिति
संदीप कपूर, जो दिल्ली नगर निगम के कमेटी के चेयरमैन हैं, ने बताया कि पहली बार सभी जोनों के चेयरमेन को जोनवार सूची प्रदान की गई है। इस सूची में यह जानकारी शामिल है कि हर जोन में कितने सफाई कर्मचारी अभी भी नियमितीकरण की प्रक्रिया में हैं। सबसे अधिक लंबित मामले नॉर्थ ईस्ट, ईस्ट/शाहदरा, और आउटर नॉर्थ जोनों में पाए गए हैं। इन जोनों में क्रमशः 1,924, 1,731 और 1,321 मामले लंबित हैं।
नियमितीकरण प्रक्रिया की निगरानी
संस्थान ने यह भी तय किया है कि अब हर महीने इस प्रक्रिया की प्रगति की निगरानी की जाएगी। मुख्यालय में कर्मचारियों का पूरा डेटा उपलब्ध होने के बाद, हर महीने संबंधित जोनों से फाइलों की स्थिति की समीक्षा की जाएगी। जोन स्तर पर लंबित मामलों की सूचियां भेजकर प्रक्रिया को तेज करने का प्रयास किया जाएगा। इसके साथ ही, कर्मचारियों से भी अपील की गई है कि वे अपने जोन में जाकर अपनी फाइल और स्थिति की जानकारी प्राप्त करें और इसे ज्यादा से ज्यादा अपने साथियों तक पहुंचाएं।






















